LS Polls: परिणाम में कितना बदलेगा मोदी और राहुल का प्रचार, चुनावी रैली और रोड शो में कौन किस पर रहा भारी?
PM Modi vs Rahul Gandhi Campaign In Lok Sabha Election 2024: 16 मार्च को चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का एलान किया था। इस चुनाव में प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने कुल 183 चुनावी कार्यक्रम किए। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कुल 86 चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
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लोकसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को आएंगे। ढाई महीने चली चुनावी प्रक्रिया के दौरान हर दल ने मतदाता को लुभाने की कोशिश की। सभी ने धुंआधार प्रचार किया। अकेले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 183 चुनावी कार्यक्रम किए। उनके मुकाबले दूसरे दलों के बड़े नेता काफी पीछे। सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे राहुल गांधी इस मामले में पीएम मोदी से काफी पीछे रहे।
नतीजों के साथ जिस बात की चर्चा सबसे ज्यादा जिस बात की हो रही होगी, पार्टियों के स्टार प्रचारकों की रैलियों, सभाओं और रोड शो का कितना फायदा हुआ? जिन सीटों या क्षेत्रों में नेताओं ने रैलियां और रोड शो किए वहां उनकी पार्टी ने कितनी सीटें जीती? इसका प्रदर्शन सुधरा या सीटें घट गईं? आइये जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी ने कितना प्रचार किया? चुनाव प्रचार की शुरुआत और अंत कहां हुआ? किस राज्य में कितना प्रचार? कहां कम दौरे हुए?
लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रचार अभियान शुरू कर दिया था। इसी कड़ी में पीएम ने दक्षिण भारत की यात्रा शुरू कर दी थी। अपनी इस यात्रा में 16 मार्च को पीएम ने कर्नाटक और तेलंगाना में तीन रैलियां की थी और इसी दिन चुनाव आयोग चुनाव तारीखों का एलान किया था।
कितने चुनावी कार्यक्रम?
पीएम मोदी के लोकसभा चुनाव 2024 में प्रचार की बात करें तो उन्होंने कुल 183 चुनावी कार्यक्रम किए। सातवें चरण के प्रचार के अंतिम दो दिन पीएम मोदी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पंजाब में रहे। 24 प्रदेशों में हुए कुल 183 चुनावी कार्यक्रमों में रैली, जनसभा और रोड शो शामिल हैं। 2019 में इन सीटों या क्षेत्रों में से भाजपा को 121 पर जीत मिली थी। वहीं अन्य दलों के 53 उम्मीदवार विजयी हुए थे। वहीं कांग्रेस ने महज नौ सीटें ही जीती थी।
इसके अलावा पीएम मोदी ने चुनाव के दौरान ही केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं से ऑनलाइन संवाद भी किया।
किस राज्य में कितना प्रचार?
80 सीटों वाले उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री ने सबसे अधिक फोकस किया। राज्यभर में पीएम के 29 रैली, जनसभा और रोड शो हुए। इसके बाद भाजपा के स्टार प्रचारक के दौरों में पश्चिम बंगाल रहा। 42 लोकसभा सांसद भेजने वाले प्रदेश में पीएम ने 20 कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। नरेंद्र मोदी के अभियान में तीसरे सबसे ज्यादा 19 चुनावी कार्यक्रम महाराष्ट्र में हुए जहां से 48 सीटें आती हैं।
चौथे स्थान पर बिहार में पीएम मोदी ने कुल 16 रैली, जनसभा और रोड शो किया। राज्य से कुल 40 लोकसभा सांसद चुने जाते हैं। दिलचस्प है कि ओडिशा में भाजपा के स्टार प्रचारक ने 12 चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। 21 सीटों वाले ओडिशा में अभी भाजपा बीजद के बाद दूसरी बड़ी पार्टी है और यह अपने पिछले प्रदर्शन को सुधारने की कोशिश में है।
28 सीटों वाले कर्नाटक में 11 तो 29 सीटों वाले मध्य प्रदेश में 10 रैली, जनसभा और रोड शो किया। इसके बाद राजस्थान में नौ, झारखंड में आठ, तेलंगाना में सात, गुजरात और तमिलनाडु में छह-छह चुनावी कार्यक्रम हुए।
पूरे चुनाव के दौरान कुछ ऐसे भी राज्य रहे जहां पीएम ने पांच या इससे कम चुनावी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आंध्र प्रदेश में पांच, छत्तीसगढ़ और पंजाब में चार-चार, हरियाणा और केरल में तीन-तीन, असम, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में दो-दो और गोवा, जम्मू-कश्मीर और त्रिपुरा में एक-एक चुनावी कार्यक्रम हुआ।
लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा उस वक्त हुई जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा का समापन कर रहे थे। 16 मार्च को चुनाव आयोग ने चुनाव तारीखों का एलान किया था।
राहुल के कितने चुनावी कार्यक्रम?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लोकसभा चुनाव 2024 में प्रचार की बात करें तो उन्होंने कुल 86 चुनावी कार्यक्रम किए। सातवें चरण के प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस नेता राहुल ओडिशा और पंजाब में रहे। कुल 19 प्रदेशों में हुए कुल 86 चुनावी कार्यक्रमों में रैली, जनसभा, जनसंपर्क, सम्मेलन और रोड शो आदि शामिल हैं।
किस राज्य में कितना प्रचार?
80 सीटों वाले उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेता ने सबसे अधिक फोकस किया। राज्यभर में राहुल गांधी के 17 रैली, जनसभा, सम्मेलन और रोड शो हुए। इसके बाद कांग्रेस के स्टार प्रचारक के दौरों में केरल रहा। 20 लोकसभा सांसद भेजने वाले प्रदेश में कांग्रेस नेता ने 13 कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। राहुल के अभियान में तीसरे सबसे ज्यादा आठ चुनावी कार्यक्रम महाराष्ट्र में हुए जहां से 48 सीटें आती हैं।
चौथे स्थान पर कर्नाटक में कांग्रेस नेता राहुल ने कुल छह रैली, जनसभा और रोड शो किया। राज्य से कुल 28 लोकसभा सांसद चुने जाते हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश और तेलंगाना में पांच-पांच चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
कहां कम कार्यक्रम हुए?
पूरे चुनाव के दौरान कुछ ऐसे भी राज्य रहे जहां पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने पांच से कम चुनावी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बिहार, दिल्ली और पंजाब में चार-चार, ओडिशा और राजस्थान में तीन-तीन चुनावी कार्यक्रम हुए। वहीं छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु में दो-दो और आंध्र प्रदेश और दमन एवं दीव में एक-एक कार्यक्रम हुआ।
अपने लोकसभा क्षेत्र में कितना व्यस्त रहे राहुल?
कांग्रेस के स्टार प्रचारक ने इस लोकसभा चुनाव में दो सीटों से उम्मीदवार हैं। उन्होंने केरल की वायनाड तो उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट से चुनाव लड़ा है। वायनाड सांसद ने अपने लोकसभा क्षेत्र में राहुल गांधी ने आठ कार्यक्रमों में भाग लिया जिसमें जनसंपर्क, जनसभा और रो शो शामिल हैं। वहीं रायबरेली लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस सांसद की पांच जनसभाएं हुईं।