पश्चिम बंगाल: ‘भाजपा सेंधमारी जानती है तो टीएमसी भी इसमें माहिर है’, रायगंज में BJP पर बरसे अभिषेक बनर्जी
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि टीएमसी कभी भी बीजेपी के सामने नहीं झुकी है। लोग भाजपा छोड़ रहे हैं और टीएमसी में शामिल हो रहे हैं। यह मत सोचिए कि टीएमसी कमजोर है। अगर भाजपा सेंध लगाना जानती है तो टीएमसी में इसमें माहिर है।
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तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने लोगों से भाजपा को 440 वोल्ट का झटका देने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का 400 सीटें जीतने का लक्ष्य है इसलिए उन्हें 440 वोल्ट का झटका देना है, जिसे दिल्ली में भी महसूस किया जा सके कि उनकी सत्ता में वापसी नहीं होने वाली है। भाजपा हमेशा विभाजनकारी राजनीति करती है। इसलिए लोगों को करारा जवाब देना चाहिए।
सीपीएम और कांग्रेस ने वोट काटा इसलिए पिछली बार हारी टीएमसी बनर्जी
रायगंज लोकसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने लोगों से टीएमसी को वोट देने की अपील की है। उन्होंने दावा किया कि 2019 में टीएमसी यहां से हार गई थी क्योंकि, सीपीएम और कांग्रेस ने हमारे वोट काटे। बनर्जी ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में भाजपा उम्मीदवार देबाश्री चौधरी संसदीय क्षेत्र में नहीं दिखाई दीं। पिछले पांच साल में वे दो साल के लिए केंद्रीय मंत्री रहीं लेकिन उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए उन्होंने एक भी रुपये खर्च नहीं किए। अब रायगंज छोड़कर वे कोलकाता दक्षिण चली गई हैं।
बनर्जी बोले- भाजपा के आगे कभी नहीं झुकी टीएमसी
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि टीएमसी कभी भी बीजेपी के सामने नहीं झुकी है। लोग भाजपा छोड़ रहे हैं और टीएमसी में शामिल हो रहे हैं। यह मत सोचिए कि टीएमसी कमजोर है। अगर भाजपा सेंध लगाना जानती है तो टीएमसी में इसमें माहिर है। बता दें, टीएमसी ने रायगंज सीट से कृष्णा कल्याणी को मैदान में उतारा है। इस पर बनर्जी ने दावा किया कि कल्याणी ने टीएमसी में शामिल होने के लिए भाजपा का दामन छोड़ा और टीएमसी में शामिल होने के अगले दिन ही उनके परिसर पर आयकर के छापे पड़ गए।
बंगाल में अकेले चुनाव लड़ रही है टीएमसी
लोकसभा चुनाव के लिए इस बार पश्चिम बंगाल मुख्य केंद्र बना हुआ है। दरअसल, संदेशखाली हिंसा के बाद बंगाल में बदलाव की उम्मीद की जा रही है। बता दें कि पिछली लोकसभा चुनाव में भाजपा ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को 18 सीटें जीतकर बड़ा झटका दिया था। भाजपा सरकार को केंद्र से हटाने के लिए सभी विपक्षी पार्टियां एकसाथ आई थी, लेकिन पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने बिना गठबंधन अकेले चुनाव लड़ने का फैसला करते हुए सभी को चौंका दिया था। बंगाल की 42 सीटों के लिए उन्होंने उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है।
भाजपा और टीएमसी के बीच हुई थी कांटे की टक्कर
पिछली बार की तरह इस बार फिर बंगाल में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा का सीधा सामना ममता बनर्जी की टीएमसी से होने वाला है। पिछली लोकसभा चुनाव में भाजपा और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। जहां भाजपा ने 18 सीटें तो टीएमसी ने 22 सीटें जीतीं थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में 17 फीसदी वोट के साथ महज दो सीटें जीतने वाली भाजपा ने 2019 में 40 फीसदी वोट के साथ 18 सीटें जीतकर जबरदस्त राजनीतिक उलटफेर किया था।