लोकसभा चुनाव : सिर्फ पंडित नेहरू, अमिताभ और कमला फर्स्ट डिवीजन हुए पास, अब तक कायम है बिग बी का रिकॉर्ड
जवाहर लाल नेहरू को 1962 के चुनाव में कुल पड़े वैध मतों के 61.62 फीसदी वोट मिले थे। इस चुनाव में फूलपुर सीट से पांच प्रत्याशी मैदान में थे और नेहरू ने चारों प्रतिद्वंद्वियों को काफी पीछे छोड़ दिया इस सीट पर 192594 वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
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फूलपुर और इलाहाबाद संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव में सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और कमला बहुगुणा ही फर्स्ट डिवीजन पास हो सके। नेहरू एवं बहुगुणा ने फूलपुर सीट और अमिताभ बच्चन ने इलाहाबाद सीट से 60 फीसदी से अधिक मत प्राप्त किए थे। इन तीनों के रिकॉर्ड आज भी अटूट हैं। दोनाें सीटों से ‘बिग-बी’ की अब तक सबसे बड़ी जीत रही है।
जवाहर लाल नेहरू को 1962 के चुनाव में कुल पड़े वैध मतों के 61.62 फीसदी वोट मिले थे। इस चुनाव में फूलपुर सीट से पांच प्रत्याशी मैदान में थे और नेहरू ने चारों प्रतिद्वंद्वियों को काफी पीछे छोड़ दिया इस सीट पर 192594 वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। दूसरे नंबर पर रहे राम मनोहर लोहिया को 28.17 फीसदी, तीसरे नंबर पर राम नारायण को 4.72 फीसदी, चौथे नंबर पर इंदु देव को 3.47 फीसदी और पांचवें नंबर पर हरि शंकर राय को 2.02 फीसदी वोट मिले थे।
वहीं, बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने 1984 के चुनाव में इलाहाबाद संसदीय सीट से कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोकी थी। मैदान में अमिताभ सहित 25 प्रत्याशी थे लेकिन कोई भी प्रतिद्वंद्वी अमिताभ के आसपास भी नहीं फटक सहा। इस चुनाव में अमिताभ को कुल पड़े वैध मतों में से 68.21 फीसदी वोट मिले थे। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हेमवती नंदन बहुगुणा जो महज 25.15 फीसदी वोटों से संतोष करना पड़ा था और बाकी के 24 प्रत्याशियों में से कोई ऐसा नहीं था जिसे एक फीसदी वोट भी मिला हो।
इससे पूर्व इमरजेंसी के ठीक बाद हुए 1977 के चुनाव में फूलपुर सीट से बीएलडी के टिकट पर लड़ीं हेमवती नंदन बहुगुणा की पत्नी कमला बहुगुणा को 65.18 फीसदी वोट मिले थे। इस चुनाव में कांग्रेस के राम पूजन पटेल दूसरे स्थान पर थे। कांग्रेस को मिले वोटों से इमरजेंसी को लेकर जनता का गुस्सा साफ झलक रहा था। इस सीट से कांग्रेस को महज 26.29 फीसदी वोट ही मिले थे। मैदान में छह प्रत्याशी थे और बाकी चारों प्रत्याशी निर्दलीय थे।
फूलपुर से नेहरू एवं कमला बहुगुणा और इलाहाबाद संसदीय सीट से अमिताभ बच्चन ने जीत की जो लंबी लकीर खींची, उसे आज तक कोई पार नहीं कर सका है। उन तक पहुंचना तो दूर दोनों ही सीटों से अब तक किसी प्रत्याशी को 60 फीसदी वोट नहीं मिले हैं। पहले और दूसरे चुनाव के मुकाबले तीसरे चुनाव में नेहरू के जनाधार ने जहां अचानक आसमान छुआ, वहीं 1984 के चुनाव में अमिताभ बच्चन के नाम की ऐसी आंधी चली कि राजनीति के पुरोधा हेमवती नंदन बहुगुणा भी उस आंधी से खुद को बचा नहीं सके।
पड़ोसी बनकर दो प्रधानमंत्रियों ने लड़े दो चुनाव
एक तरफ फूलपुर और दूसरी तरह पड़ोस में इलाहाबाद संसदीय सीट। किसे पता था कि फूलपुर की पड़ोस वाली सीट से चुनाव लड़ रहे लाल बहादुर शास्त्री नेहरू के बाद देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। 1957 के चुनाव में फूलपुर से जवाहर लाल नेहरू ने 36.87 फीसदी और इलाहाबाद सीट से लाल बहादुर शास्त्री ने 58.41 फीसदी वोटों के साथ जीत दर्ज की थी। वहीं, 1952 के चुनाव में इलाहाबाद संसदीय सीट से लाल बहादुर शास्त्री 58.07 फीसदी मतों के साथ जीते और नेहरू के बाद प्रधानमंत्री बने।