फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Lok Sabha Elections: For the first time in Delhi, there will be a contest between two Purvanchalis.

Lok Sabha Elections : दिल्ली में पहली बार दो पूर्वांचलियों में होगा मुकाबला, दिखेगी विचारधारा की जंग

Mon, 15 Apr 2024 06:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा नवनीत शरण, नई दिल्ली
नवनीत शरण, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 15 Apr 2024 06:38 AM IST
विज्ञापन
सार
कन्हैया उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर भाजपा के दो बार से सांसद मनोज तिवारी को टक्कर देंगे। पूर्वांचल बहुल इस सीट पर पहली बार दो पूर्वांचलियों में मुकाबला होगा।
loader
Lok Sabha Elections: For the first time in Delhi, there will be a contest between two Purvanchalis.
कन्हैया कुमार और मनोज तिवारी - फोटो : एएनआई

विस्तार

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नेता रहे कन्हैया कुमार को कांग्रेस ने दिल्ली के सत्ता संग्राम में उतार दिया है। कन्हैया उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर भाजपा के दो बार से सांसद मनोज तिवारी को टक्कर देंगे। पूर्वांचल बहुल इस सीट पर पहली बार दो पूर्वांचलियों में मुकाबला होगा। दोनों प्रत्याशियों की अपनी-अपनी खासियतों की बदौलत पूरे देश व युवाओं में इस सीट को लेकर दिलचस्पी रहेगी। 



दरअसल, दोनों नेताओं की युवाओं में काफी पैठ है। इस सीट पर विचारधारा की लड़ाई भी देखने को मिलेगी। कन्हैया पूर्वांचल के साथ वामपंथ विचारधारा के नेता हैं।  वहीं, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पढ़े मनोज तिवारी भाजपा की विचारधारा के साथ हैं और दो बार से सांसद हैं। पिछले चुनाव में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराया था। अभी तक नई दिल्ली से दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज के भाजपा प्रत्याशी बनने से यह सीट आकर्षण का विषय थी, अब उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर भी रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा।




कन्हैया का मजबूत पक्ष

  • पूर्वांचली छात्र नेता। अच्छे वक्ता भी हैं
  • पिछले चुनाव में हारने के बावजूद चर्चा में रहे
  • गठबंधन के प्रत्याशी होने से अल्पसंख्यक वोटरों को भी करेंगे आकर्षित। युवाओं में भी पहचान

कमजोर पक्ष

  • पैराशूट प्रत्याशी के रूप में दिल्ली में उतरे। छात्र राजनीति से ही वामपंथ का चेहरा
  • कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ता नहीं। आप की विचारधारा से भी प्रभावित नहीं है

मनोज तिवारी का मजबूत पक्ष

  • इसी सीट से दो बार से सांसद। पूर्वांचलियों में अच्छी पकड़ व अच्छे वक्ता हैं
  • क्षेत्र में विकास कार्य में उनका योगदान रहा है
  • छवि राष्ट्रीय नेता की और युवाओं भी अच्छी पकड़ है

कमजोर पक्ष

  • एंटी इनकंबसी फैक्टर कर सकता है काम। राष्ट्रीय नेता होने से स्थानीय कनेक्ट का अभाव।
  • पूर्वांचली वोटर में सेंध लगने की संभावना। अल्पसंख्यक व गुर्जर वोटरों की संख्या ज्यादा।

कन्हैया ने जेएनयू से शुरू किया सफर
उत्तर पूर्व दिल्ली क्षेत्र से लोकसभा चुनाव का टिकट प्राप्त करने वाले कन्हैया लाल ने वर्ष 2012 में पटना के कॉलेज ऑफ कॉमर्स में दाखिला लिया और ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) के सदस्य बने। जेएनयू की छात्र राजनीति से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2015 में कन्हैया कुमार जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। इस दौरान वर्ष 2016 में कथित देश विरोधी नारेबाजी का आरोप लगने पर वह विवादों आ गए थे। वर्ष 1987 में बिहार के बेगूसराय में जन्मे कन्हैया ने पांच साल पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के टिकट पर अपने निवास क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा था। उन्हें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने चार लाख से अधिक वोटों से हराया था। इसके बाद कन्हैया वर्ष 2021 में कांग्रेस में शामिल हो गए और वर्ष 2023 में उन्हें कांग्रेस कार्यसमिति में शामिल किया गया। 

राजधानी का सबसे ज्यादा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण वाला क्षेत्र 
उत्तर-पूर्वी दिल्ली 2020 में हुए सांप्रदायिक दंगों की वजह से पूरी दुनिया में चर्चित रहा था। दंगों के बाद इन क्षेत्रों में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण सबसे ज्यादा देखने को मिला था। इस लोकसभा क्षेत्र में सीलमपुर, मुस्तफाबाद, बाबरपुर और करावल नगर जैसे क्षेत्र आते हैं, जहां मुस्लिम आबादी काफी ज्यादा ज्यादा  है। पूरे लोकसभा क्षेत्र में वोटरों के लिहाज से 21 फीसदी वोटर मुस्लिम समुदाय से आते हैं। इसलिए संभावना यही है कि इस बार के चुनाव में भी धार्मिक ध्रुवीकरण का मुद्दा काफी जोर पकड़ सकता है।


उत्तर-पश्चिम दिल्ली में एक बार फिर बाहरी नेता
उत्तर पश्चिम दिल्ली में एक बार फिर बाहरी नेताओं के बीच मुकाबला होगा। वर्ष 2009 में अस्तित्व में आए इस क्षेत्र में हर बार भाजपा-कांग्रेस स्थानीय नेताओं की जगह बाहरी नेताओं को उम्मीदवार बना रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2014 व 2019 में आप ने स्थानीय नेताओं को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उम्मीदवार जीतने में सफल नहीं रहे थे। 

वर्ष 2009 में कांग्रेस ने कृष्णा तीरथ व भाजपा ने मीरा कांवरिया, वर्ष 2014 में भाजपा ने उदित राज व कांग्रेस ने कृष्णा तीरथ, वर्ष 2019 में भाजपा ने हंसराज हंस व कांग्रेस ने राजेेश लिलोठिया को उम्मीदवार बनाया था। आप ने वर्ष 2014 में राखी बिड़लान व वर्ष 2019 में गुगन सिंह पर दांव लगाया था।

सातों सीटों पर उम्मीदवार
क्षेत्र                       भाजपा                                  इंडिया गठबंधन
चांदनी चौक    प्रवीण खंडेलवाल                       जेपी अग्रवाल (कांग्रेस)
उत्तर पूर्व         मनोज तिवारी                            कन्हैया कुमार (कांग्रेस)
उत्तर पश्चिम    योगेंद्र चांदोलिया                         उदित राज (कांग्रेस)
नई दिल्ली      बांसुरी स्वराज                             सोमनाथ भारती (आप)
पूर्वी दिल्ली      हर्ष मल्होत्रा                               कुलदीप कुमार (आप)
दक्षिण दिल्ली   रामवीर सिंह बिधूड़ी                    सही राम (आप)
पश्चिम दिल्ली    कमलजीत सहरावत                   महाबल मिश्रा (आप)

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed