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पुराने पन्नों से : नेहरू की लोकप्रियता के आगे नहीं ठहर पाए थे प्रतिद्वंद्वी, बस एक उम्मीदवार बचा सका था जमानत

Mon, 11 Mar 2024 05:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा अशोक सिंह, आगरा
अशोक सिंह, आगरा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 11 Mar 2024 05:59 AM IST
सार

नेहरू ने 25 अक्तूबर 1951 से 21 फरवरी 1952 के बीच हुए आम चुनाव में साबित कर दिया कि उस समय जनता के बीच वह सबसे ज्यादा लोकप्रिय थे। नेहरू की लोकप्रियता किस कदर थी, इसका अंदाजा देश के पहले आम चुनाव में उनकी भारी भरकम जीत से लगाया जा सकता है।

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From old pages: Rivals could not stand before Nehru's popularity
आर्काइव से... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगस्त में ब्रिटेन से स्वतंत्रता मिलने के बाद 15 अगस्त 1947 को जवाहर लाल नेहरू आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। उनके प्रधानमंत्री बनने के पीछे महात्मा गांधी की पसंद बताया जाता है, लेकिन नेहरू ने 25 अक्तूबर 1951 से 21 फरवरी 1952 के बीच हुए आम चुनाव में साबित कर दिया कि उस समय जनता के बीच वह सबसे ज्यादा लोकप्रिय थे। नेहरू की लोकप्रियता किस कदर थी, इसका अंदाजा देश के पहले आम चुनाव में उनकी भारी भरकम जीत से लगाया जा सकता है।

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26 जनवरी 1950 को सुबह 10:18 बजे भारत का संविधान लागू हुआ। इसके बाद स्वतंत्रता की हवा में सांस लेने वाले भारतीयों को पहली बार आम चुनाव में अपनी पसंद की सरकार चुनने का मौका मिला। 25 अक्तूबर 1951 से 21 फरवरी 1952 के बीच स्वतंत्र भारत में पहले आम चुनाव हुए। जवाहर लाल नेहरू ने अपने पैतृक स्थान इलाहाबाद पूर्व और जौनपुर पश्चिम संसदीय सीट से चुनाव लड़ा। 
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एक की ही जमानत बची
नेहरू की लोकप्रियता के आगे उनके प्रतिद्वंद्वी आसपास कहीं भी नहीं ठहर सके। इस चुनाव में नेहरू के खिलाफ चुनाव लड़े प्रत्याशियों में से सिर्फ प्रभुदत्त ब्रह्मचारी ही किसी तरह अपनी जमानत बचाने में सफल हो सके। शेष सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गईं। 

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  • जवाहर लाल नेहरू को 1952 के आम चुनाव में 2,25,571 वोट मिले। जीत के अंतर में यह बात ध्यान रखने योग्य है कि उस समय देश की जनसंख्या काफी कम थी। स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े प्रभुदत्त ब्रह्मचारी को 56,718 वोट मिले। स्वतंत्र पार्टी के उम्मीदवार केके चटर्जी को 27,392 वोट मिले। हिंदू सभा की एलजी थट्टे को 25,817 वोट हासिल हुए। आरएमपी के बद्री प्रसाद पांडेय को 18,129 वोट मिले थे। 1952 में आम चुनाव में कांग्रेस की विशाल जीत के साथ आजाद भारत की पहली सरकार बनी। इसके साथ ही 27 मई 1964 तक चले नेहरू युग की शुरुआत हुई।



 

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