कहानी चुनाव की: 16 राज्यों की 252 में से 220 सीटें जीती BJP; 2014 में इन राज्यों की 218 सीटों पर किया था कब्जा
भाजपा को 45 फीसदी से अधिक वोट हासिल हुए थे। 2014 में भी भाजपा इन राज्यों में जोरदार प्रदर्शन करते हुए 218 सीटें जीतकर सत्ता तक पहुंची थी। इन राज्यों में भाजपा को पीछे छोड़ने के लिए विपक्ष को एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा।
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16 राज्यों में भाजपा का ऐसा दबदबा है कि दूसरी पार्टियां आस-पास भी नहीं हैं। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ समेत इन 16 राज्यों में लोकसभा की कुल 252 सीटें हैं। 2019 के चुनाव में भाजपा ने कुल 303 सीटें जीतीं, जिनमें से 220 सीटें इन्हीं राज्यों में मिली थीं। भाजपा को 45 फीसदी से अधिक वोट हासिल हुए थे। 2014 में भी भाजपा इन राज्यों में जोरदार प्रदर्शन करते हुए 218 सीटें जीतकर सत्ता तक पहुंची थी। इन राज्यों में भाजपा को पीछे छोड़ने के लिए विपक्ष को एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा। ये राज्य हैं, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड, हरियाणा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, दिल्ली, त्रिपुरा, जम्मू एंड कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़।
बिहार में गठबंधन का असर
53 % वोट बिहार में कमल गठबंधन के सहारे कमाल कर रहा है। 2019 में एनडीए ने 53 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल किए थे। यहां की 40 सीटों में से भाजपा ने 17, जदयू ने 16 और लोजपा ने छह सीटें जीती थीं। इस बार भी एनडीए को अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। नीतीश कुमार की वापसी से भाजपा बिहार में जीत के प्रति आशान्वित दिख रही है। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के साथ आने के बाद जातीय समीकरण भी मजबूत हुए हैं।
महाराष्ट्र में 48 में से 41 सीटें जीतीं
महाराष्ट्र में पिछली बार भाजपा और शिवसेना गठबंधन ने 48 में से 41 सीटें जीतने में सफलता पाई थी। यहां भी एनडीए ने 50 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल किए थे। शिवसेना बंट चुकी है। देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा, शिवसेना (शिंदे) और एनसीपी (अजीत पवार) एनडीए के लिए प्रदर्शन दोहरा पाते हैं या नहीं। भाजपा ने 27.59% मतों के साथ 23 तो शिवसेना ने 23.29% मतों के साथ 18 सीटें जीती थीं। इस बार यहां एनडीए की राह मुश्किल होती दिखाई दे रही है।