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Election Flash Back: जनता पार्टी ने टिकट काटा तो  जेपी के उम्मीदवार बने पासवान, जानें दिलचस्प किस्सा

Wed, 10 Apr 2024 06:23 AM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 10 Apr 2024 06:23 AM IST
सार

रामविलास पासवान किताब के लेखक प्रदीप श्रीवास्तव लिखते हैं, जेपी की इच्छा के बावजूद जनता पार्टी ने हाजीपुर से रामविलास का टिकट काट दिया और उनकी जगह रामसुंदर दास को टिकट दे दिया। इस दिलचस्प किस्से में जाने उसके बाद क्या हुआ।

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Election Flashback: When Janata Party cut ticket, Paswan became Jai prakash narayan candidates
रामविलास पासवान (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

विस्तार

बिहार के कद्दावर नेता व कई मर्तबा केंद्रीय मंत्री रहे दिवंगत रामविलास पासवान व हाजीपुर लोकसभा सीट एक-दूसरे के पर्याय रहे, लेकिन उनके पहले चुनाव में अगर जेपी का हाथ न होता तो शायद पासवान और हाजीपुर का कोई रिश्ता ही न बन पाता। कहानी आपातकाल के बाद की है। 1977 के आम चुनावों को लेकर जनता पार्टी की तैयारियां चरम पर थीं। इसी बीच, जेपी ने हाजीपुर से रामविलास पासवान का नाम तयकर जनता पार्टी को उनका टिकट फाइनल करने को कहा।

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रामविलास पासवान किताब के लेखक प्रदीप श्रीवास्तव लिखते हैं, जेपी की इच्छा के बावजूद जनता पार्टी ने हाजीपुर से रामविलास का टिकट काट दिया और उनकी जगह रामसुंदर दास को टिकट दे दिया। तुर्रा यह कि पासवान को कहीं से भी टिकट नहीं दिया गया। जेपी को जब मालूम चला तो दूसरे दिन हाजीपुर की गलियों, सड़कों के खंभों व दीवारों पर एक पोस्टर लगा मिला। इसमें जेपी ने घोषणा की थी, रामविलास पासवान हमारा उम्मीदवार है। पासवान पूरे देश में जेपी के एकमात्र उम्मीदवार बन गए और दस हजार पोस्टर लगाए गए। इससे जनता पार्टी में हड़कंप मच गया। राजनारायण, मधु लिमये से लेकर कर्पूरी ठाकुर तक इससे हिल गए। जेपी के कहने पर पासवान ने निर्दलीय पर्चा भी दाखिल कर दिया। अंततः जनता पार्टी को रामसुंदर दास को बिठाकर पासवान को टिकट देना पड़ा। इस चुनाव में पासवान ने चार लाख से भी ज्यादा मतों से जीत दर्ज की थी और यह उस वक्त किसी भी चुनावी जीत का रिकॉर्ड था।

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