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BJP First List: चौंकाने वाला होगा कानपुर सीट पर BJP हाईकमान का फैसला, अचानक सबसे ज्यादा चर्चा में ये दो नाम
Sun, 03 Mar 2024 10:05 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 03 Mar 2024 10:05 AM IST
सार
कानपुर सीट पर भाजपा हाईकमान का फैसला चौंकाने वाला होगा। इस सीट पर पचौरी, महाना, नीतू सिंह, मालिनी अवस्थी जैसे कई नाम हैं, लेकिन तय कुछ नहीं है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र से अकेले कानपुर महानगर सीट का प्रत्याशी तय नहीं होने पर चर्चाएं तेज हैं।
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BJP First List
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाजपा की ओर से जारी प्रत्याशी की सूची में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र से अकेले कानपुर महानगर लोकसभा सीट पर प्रत्याशी का फैसला नहीं होने को लेकर पूरे दिन चर्चाएं होती रहीं। क्योंकि भाजपा हाईकमान ने सभी कयासों को दरकिनार करते हुए वर्तमान सांसदों पर ही भरोसा जताया है
ऐसे में कानपुर सीट पर सत्यदेव पचौरी के नाम की घोषणा अभी तक नहीं होने के पीछे की वजह जानने को हर कोई आतुर है। कुछ लोगों की ओर से पचौरी के 75 वर्ष पूरे होने की बात कही जा रही है, तो यह भी चर्चा है कि यदि उम्र वजह होती तो हेमामालिनी जैसे कई प्रत्याशी इस उम्र की सीमा का पार कर चुके हैं।
इससे साफ है कि अगले कुछ दिनों में कानपुर महानगर सीट पर जो भी परिणाम सामने आएंगे, वे चौंकाने वाले होंगे। अभी दो नाम जो सबसे ज्यादा चर्चा में अचानक से आ गए हैं, उसमें विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और दूसरा नाम सांसद सत्यदेव पचौरी की बेटी नीतू सिंह का है।
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नीतू सिंह वहीं हैं, जिनका नाम नगर निगम चुनाव में मेयर प्रत्याशी के सबसे प्रमुख दावेदार के रूप में चर्चा में आया था। अचानक से टिकट प्रमिला पांडेय को मिल गया था। चर्चा है कि नीतू सिंह दो दिन दिल्ली में रहकर शनिवार को ही लौटी हैं, जबकि सतीश महाना के शनिवार को दिल्ली के लिए रवाना होने की चर्चा है।
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ऐसे में कानपुर सीट पर सत्यदेव पचौरी के नाम की घोषणा अभी तक नहीं होने के पीछे की वजह जानने को हर कोई आतुर है। कुछ लोगों की ओर से पचौरी के 75 वर्ष पूरे होने की बात कही जा रही है, तो यह भी चर्चा है कि यदि उम्र वजह होती तो हेमामालिनी जैसे कई प्रत्याशी इस उम्र की सीमा का पार कर चुके हैं।
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इससे साफ है कि अगले कुछ दिनों में कानपुर महानगर सीट पर जो भी परिणाम सामने आएंगे, वे चौंकाने वाले होंगे। अभी दो नाम जो सबसे ज्यादा चर्चा में अचानक से आ गए हैं, उसमें विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और दूसरा नाम सांसद सत्यदेव पचौरी की बेटी नीतू सिंह का है।
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नीतू सिंह वहीं हैं, जिनका नाम नगर निगम चुनाव में मेयर प्रत्याशी के सबसे प्रमुख दावेदार के रूप में चर्चा में आया था। अचानक से टिकट प्रमिला पांडेय को मिल गया था। चर्चा है कि नीतू सिंह दो दिन दिल्ली में रहकर शनिवार को ही लौटी हैं, जबकि सतीश महाना के शनिवार को दिल्ली के लिए रवाना होने की चर्चा है।
भाजपा हाईकमान के बीच कानपुर सीट को लेकर क्या पक रहा है, यह बाहर आने में कुछ वक्त लग सकता है। महानगर सीट पर जो नाम पिछले कुछ समय से चर्चा में ऊपर नीचे चल रहे हैं, उनमें लोक गायिका मालिनी अवस्थी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष प्रांशुदत्त द्विवेदी भी हैं।
लगातार तीसरी बार मिला भोले को टिकट
सांसद देवेंद्र सिंह अपने उपनाम के रूप में भोले लिखते हैं। लेकिन जिस तरह से लगातार विरोध के बीच उन्हें फिर से भाजपा का प्रत्याशी बनाया गया, उससे साफ है कि वह राजनीति के चतुर खिलाड़ी हैं। अकबरपुर लोकसभा सीट से जैसे ही उनके नाम की घोषणा हुई, देवेंद्र सिंह भोले ने तत्काल पहले आनंदेश्वर मंदिर जाकर भोले शंकर को जल अर्पित किया। उसके बाद वह सीधे पनकी धाम मंदिर पहुंचकर हनुमान जी का दर्शन किया।
सांसद देवेंद्र सिंह अपने उपनाम के रूप में भोले लिखते हैं। लेकिन जिस तरह से लगातार विरोध के बीच उन्हें फिर से भाजपा का प्रत्याशी बनाया गया, उससे साफ है कि वह राजनीति के चतुर खिलाड़ी हैं। अकबरपुर लोकसभा सीट से जैसे ही उनके नाम की घोषणा हुई, देवेंद्र सिंह भोले ने तत्काल पहले आनंदेश्वर मंदिर जाकर भोले शंकर को जल अर्पित किया। उसके बाद वह सीधे पनकी धाम मंदिर पहुंचकर हनुमान जी का दर्शन किया।
भोले का राजनीतिक कॅरियर
औरैया के बिधूना तहसील माधवपुर गांव में देवेंद सिंह भोले का जन्म 12 मार्च 1955 को हुआ था। 1988 में पहली बार ब्लाॅक प्रमुख बनें। 1989 में डेरापुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी बनाए गए, तीसरे स्थान पर रहे। 1991 में पहली बार विधायक बने। 1996 में दोबारा विधायक बने।
औरैया के बिधूना तहसील माधवपुर गांव में देवेंद सिंह भोले का जन्म 12 मार्च 1955 को हुआ था। 1988 में पहली बार ब्लाॅक प्रमुख बनें। 1989 में डेरापुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी बनाए गए, तीसरे स्थान पर रहे। 1991 में पहली बार विधायक बने। 1996 में दोबारा विधायक बने।
भाजपा बसपा गठबंधन की प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे। देवेंद्र सिंह ने पढ़ाई सिर्फ हाईस्कूल तक ही किया है, लेकिन राजनीति की पढ़ाई में वे अच्छे-अच्छे को मात देते रहे हैं। लोग उन्हें कभी राजनाथ सिंह के और कभी योगी आदित्यनाथ सिंह के खेमे का बताते रहे हैं। पहली बार 2014 में लोकसभा का टिकट मिला जीत हासिल किया और अभी तक सिलसिला जारी है।
प्रत्याशियों को क्षेत्रीय अध्यक्ष ने दी बधाई
लोकसभा प्रत्याशियों के नाम घोषित होने के बाद भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने शनिवार को पार्टी के क्षेत्रीय मुख्यालय में बैठक कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चौमुखी विकास व जनकल्याणकारी योजनाओं के बलबूते हर सीट को पांच लाख के अंतर से जीतेंगे।
लोकसभा प्रत्याशियों के नाम घोषित होने के बाद भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने शनिवार को पार्टी के क्षेत्रीय मुख्यालय में बैठक कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चौमुखी विकास व जनकल्याणकारी योजनाओं के बलबूते हर सीट को पांच लाख के अंतर से जीतेंगे।
उन्होंने घोषित प्रत्याशियों को बधाई देते हुए कहा की भाजपा के सभी सांसदों ने मोदी की नीतियों को आम जनमानस के बीच पहुंचकर क्रियान्वित करने का काम किया है। इस मौके पर क्षेत्रीय महामंत्री राम किशोर साहू, अनूप अवस्थी महामंत्री पूनम द्विवेदी, अनीता गुप्ता, सुनील तिवारी, पवन प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह, दीपू पांडेय, अशोक सिंह दद्दा सहित अनेक लोगों ने बधाई दी।
मिश्रिख सीट से अशोक रावत चौथी बार लड़ेंगे चुनाव
बिल्हौर। भाजपा आलाकमान ने मिश्रिख (सुरक्षित) लोकसभा क्षेत्र के सांसद अशोक रावत को फिर से प्रत्याशी घोषित किया है। वह चौथी बार चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले अशोक रावत 2004 व 2009 में बसपा से सांसद रह चुके हैं। 2019 में उन्होंने भाजपा में शामिल होकर सपा और बसपा की संयुक्त प्रत्याशी नीलू सत्यार्थी को मात दी थी।
बिल्हौर। भाजपा आलाकमान ने मिश्रिख (सुरक्षित) लोकसभा क्षेत्र के सांसद अशोक रावत को फिर से प्रत्याशी घोषित किया है। वह चौथी बार चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले अशोक रावत 2004 व 2009 में बसपा से सांसद रह चुके हैं। 2019 में उन्होंने भाजपा में शामिल होकर सपा और बसपा की संयुक्त प्रत्याशी नीलू सत्यार्थी को मात दी थी।
अशोक रावत लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं और बिल्हौर विधान सभा में उनकी गहरी पकड़ है। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें 3.75 वोट में दो लाख से ज्यादा प्राप्त हुए थे। अब चौथी बार उन्हें मिश्रिख से उम्मीदवार बनाया गया है।