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Bjp First List: कानपुर से एक और दावेदार की दावेदारी से बढ़ा सस्पेंस, पचौरी, महाना-मालिनी संग इनका भी जुड़ा नाम

Mon, 04 Mar 2024 10:07 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 04 Mar 2024 10:07 AM IST
सार

कानपुर नगर सीट को लेकर दूसरे दिन भी कयासबाजी चलती रही। पार्टी हाईकमान ने अभी तक किसी नाम पर मुहर नहीं लगाई। पचौरी और महाना के साथ नए दावेदार मैथानी भी दिल्ली में हैं। लेकिन टिकट अभी दूर है। 

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Bjp First List lok sabha election 2024 Suspense increased due to the claim of another candidate on Kanpur seat
Bjp First List lok sabha election - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर लोकसभा नगर सीट पर दूसरे दिन भी भाजपा की तरफ से कोई नाम सामने नहीं आने की वजह से शहरवासियों की उत्सुकता बढ़ती जा रही है। इस बीच दावेदारों में कुछ और चेहरे शामिल हो गए हैं। अभी तक सांसद सत्यदेव पचौरी, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, नीतू सिंह और लोक गायिका मालिनी अवस्थी का नाम चर्चा में था। 
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अब गोविंदनगर विधायक सुरेंद्र मैथानी का भी नाम जुड़ गया है। यह चर्चा तब उठी जब पता चला कि सुरेंद्र मैथानी भी रविवार को दिल्ली पहुंच गए हैं। इसके अलावा सांसद सत्यदेव पचौरी, सतीश महाना भी दिल्ली पहुंचे हुए हैं।
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तीनों नेताओं के दिल्ली में होने और अभी तक टिकट की घोषणा नहीं होने से अब यह बात आ रही है कि जिस तरह से पिछले लोकसभा चुनाव में गोविंदनगर विधायक रहे पचौरी को लोकसभा का प्रत्याशी बनाया गया था। ठीक उसी तरह इस बार गोविंदनगर के ही विधायक सुरेंद्र मैथानी को लोकसभा प्रत्याशी बनाया जा सकता है। 
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इसकी वजह मैथानी भी ब्राह्मण बिरादरी से आते हैं। अब सवाल यह है कि मैथानी को प्रत्याशी बनाए जाने पर पचौरी और महाना को पार्टी किस तरह से मनाएगी, क्योंकि दोनों ही दावेदार हैं। कहा जा रहा है कि सतीश महाना से पार्टी हाईकमान पूछ सकती है कि पचौरी की जगह किसे लड़ाया जा सकता है। 

ऐसे में मैथानी का नाम आ सकता है। इसी तरह पचौरी से यदि मैथानी को प्रत्याशी बनाए जाने पर उनकी रजामंदी ली जाएगी तो शायद पचौरी यह मांग रख सकते हैं कि मैथानी को लोकसभा प्रत्याशी बनाने सेॉ गोविंदनगर विधानसभा क्षेत्र की खाली होने वाली सीट पर नीतू सिंह या उनके बेटे अनूप पचौरी को लड़ा दिया जाए। 

 

अनूप पचौरी भी इस समय दिल्ली में ही हैं। दरअसल संघ भी चाहता है कि नीतू सिंह को टिकट मिले। लोकसभा या फिर विधानसभा इसमें फर्क नहीं पड़ता है। नीतू सिंह को टिकट देने के पीछे संघ इस वजह से भी लामबंद बताया जा रहा है क्योंकि मेयर के चुनाव में नीतू के नाम पर सहमति के बावजूद उनका नाम काट दिया गया था।
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