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Yaduveer Wadiyar: अमेरिका से की अर्थशास्त्र की पढ़ाई; मैसूर रियासत के वारिस अब भाजपा के टिकट पर लड़ेंगे चुनाव

Fri, 15 Mar 2024 06:31 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Fri, 15 Mar 2024 06:31 AM IST
सार

मैसूरू राजघराने से वे पहले शख्स नहीं हैं, जो राजनीति में आए हैं। उनके पूर्ववर्ती श्रीकांतदत्ता चार बार कांग्रेस की तरफ से मैसूरू से सांसद रहे। हालांकि, 1991 में जब भाजपा के टिकट पर लड़े, तो चुनाव हार गए। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि यदुवीर को भी कांग्रेस टिकट दे सकती है।

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Amar Ujala Exclusive know about Yaduveer Wadiyar BJP Candidate Lok sabha Election
yaduveer wadiyar - फोटो : Twitter

विस्तार

मैसूरू के शाही खानदान के वारिस यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार। वेदों का गहन अध्ययन कर चुके हैं। कन्नड़ संगीत व पश्चिमी संगीत में निपुण हैं। घुड़सवारी और पोलो उनके पसंदीदा खेल हैं। वे संस्कृति व पर्यावरण संरक्षण पर खासा जोर देते हैं। भेरुंडा फाउंडेशन के जरिये वे तमाम गतिविधियों का आयोजन करते हैं। अब नई चुनौती है सियासत की। भाजपा ने उन्हें मैसूरू से मौजूदा सांसद प्रताप सिम्हा की जगह लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया है।

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मैसूरू राजघराने से वे पहले शख्स नहीं हैं, जो राजनीति में आए हैं। उनके पूर्ववर्ती श्रीकांतदत्ता चार बार कांग्रेस की तरफ से मैसूरू से सांसद रहे। हालांकि, 1991 में जब भाजपा के टिकट पर लड़े, तो चुनाव हार गए। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि यदुवीर को भी कांग्रेस टिकट दे सकती है। मगर, बाजी भाजपा ने मार ली। कर्नाटक में शाही खानदान का अब भी व्यापक प्रभाव है। ऐसे में यदुवीर को उम्मीदवार बनाना मैसूरू के अलावा भाजपा को अन्य सीटों पर भी फायदा पहुंचाएगा। यदुवीर (32) असल में गोपाल राज उर्स व राजकुमारी लीला त्रिपुरासुंदरी के बेटे हैं। अमेरिका की मैसाचुसेट्स यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी व अर्थशास्त्र में स्नातक हैं। यदुवीर का कहना है कि देश में अब कोई राजा-रानी नहीं, लेकिन उनसे जुड़ी शानदार विरासत को बचाना और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना बहुत जरूरी है।

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किस्मत से बने शाही वारिस
मैसूरू के 25वें और आखिरी शासक महाराजा जयरामचंद्र वाडियार के बेटे और 26वें वारिस श्रीकांतदत्ता नरसिम्हराजा वाडियार का उत्तराधिकारी के बिना 2013 में निधन हो गया। श्रीकांतदत्ता की पांच बहनों में से एक गायत्री देवी की बेटी लीला त्रिपुरासुंदरी के बेटे यदुवीर को श्रीकांतदत्ता की पत्नी महारानी प्रोमोदा देवी वाडियार ने गोद लिया और यदुवीर की मैसूर शाही खानदान के 27वें वारिस के तौर पर ताजपोशी कराई। इस तरह पांच बहनों के बच्चों के बच्चों में से यदुवीर को चुना गया।

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2019 में भी की गई थी टिकट की पेशकश
दावा किया जाता है कि 2019 में भाजपा ने टिकट की पेशकश की थी, लेकिन यदुवीर राजनीति में नहीं आना चाहते थे। इस बार भाजपा नेताओं ने उन्हें अपने पाले में लेने में कामयाबी हासिल कर ली है। उनके भाजपा में शामिल होने के पीछे उनकी पत्नी त्रिशिका के परिवार का प्रभाव माना जा रहा है। डूंगरपुर राजघराने की राजकुमारी त्रिशिका के पिता हर्षवर्द्धन सिंह भाजपा नेता हैं और राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं।

 

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