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Lok Sabha Elections 2024: क्या वरुण गांधी बढ़ा सकते हैं भाजपा की मुश्किलें? पाठकों ने दिया चौंकाने वाला जवाब

Tue, 26 Mar 2024 11:08 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 26 Mar 2024 11:08 PM IST
सार

Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा की 543 सीट के लिए 19 अप्रैल से एक जून के बीच सात चरण में चुनाव होना है। मतगणना चार जून को होगी।

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Lok Sabha Elections 2024: Can Varun Gandhi increase BJP problems? Readers gave a shocking answer In Poll
वरुण गांधी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों का एलान करना शुरू कर दिया है। पार्टी अब तक उम्मीदवारों की छह सूची जारी कर चुकी हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के भी कई उम्मीदवारों का एलान किया गया है। 

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चौंकाने वाली बात यह है कि पार्टी ने पीलीभीत लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद वरुण गांधी का टिकट काट दिया है। हालांकि, वरुण की मां मेनका गांधी को सुल्तानपुर से चुनावी मैदान में उतारा गया है। बीते दो लोकसभा चुनाव से मेनका इसी सीट से सांसद हैं। पार्टी ने पीलीभीत से यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री जितिन प्रसाद को मौका दिया है।
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ऐसे में अमर उजाला ने अपने पाठकों से पूछा कि क्या वरुण गांधी भाजपा की मुश्किलें बढ़ाएंगे? इस पर लोगों ने बढ़चढ़ हिस्सा लिया। पोल के जवाब में 84 फीसदी पाठकों का मानना है कि हां, वरुण भाजपा की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। इसके विपरीत 16 फीसदी लोगों का कहना है कि वरुण का टिकट काटने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा।
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पहले चरण में पीलीभीत में मतदान
लोकसभा चुनाव के पहले चरण में पीलीभीत में मतदान होना है। भाजपा समेत सपा-बसपा अपने-अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। सपा ने भगवत सरन गंगवार और बसपा ने अनीस अहमद खान उर्फ फूलबाबू को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद को प्रत्याशी बनाया है। जितिन प्रसाद 27 मार्च (बुधवार) अपना नामांकन दाखिल करेंगे। 27 मार्च ही नामांकन की आखिरी तारीख है, लेकिन वरुण का खेमा खामोश है। अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वह नामांकन करेंगे या नहीं।


पिछले चार चुनावों से भाजपा के कब्जे में सीट
पीलीभीत लोकसभा सीट पिछले चार चुनावों से भाजपा के कब्जे में है। करीब तीन दशक से इस सीट पर गांधी परिवार का दबदबा है। वरुण गांधी यहां से दो बार सांसद रहे हैं, जबकि उनकी मां मेनका गांधी पीलीभीत से छह बार सांसद रह चुकी हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में वरुण गांधी पहली बार पीलीभीत से सांसद बने। 2014 में भाजपा ने उन्हें सुल्तानपुर से चुनाव लड़ाया। इसमें उन्होंने जीत दर्ज की। 2019 में वह दोबारा पीलीभीत सीट से उतरे और फिर सांसद बने।

सरकार की नीतियों पर उठाए थे सवाल 
वरुण गांधी ने बीते कार्यकाल में कई बार अपनी ही सरकार की नीतियों पर सवाल उठाकर नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया। वह पार्टी के कई नेताओं पर भी हमलावर रहे। हालांकि, कुछ समय पूर्व से उनके बयानों में नरमी आई थी, लेकिन तब तक उनके टिकट को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया। आखिरकार भाजपा ने उनका टिकट काटकर जितिन प्रसाद पर भरोसा जताया। जितिन पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर के रहने वाले हैं। 

19 अप्रैल से सात चरणों में होगा मतदान 
लोकसभा की 543 सीट के लिए 19 अप्रैल से एक जून के बीच सात चरण में चुनाव होना है। मतगणना चार जून को होगी।

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