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Hindi News ›   Election ›   After Wayanad elections can Rahul Gandhi file nomination from Amethi That's why the name of Robert Vadra came

Rahul Gandhi: वायनाड में चुनाव के बाद राहुल अमेठी से दाखिल कर सकते हैं नामांकन? इसलिए आया रॉबर्ट वाड्रा का नाम

Fri, 05 Apr 2024 05:00 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Fri, 05 Apr 2024 05:00 PM IST
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सार
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिस तरह से अचानक अमेठी में रॉबर्ट वाड्रा के नाम की चर्चा होने लगी, वह सियासत की सोची समझी रणनीति भी हो सकती है।
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After Wayanad elections can Rahul Gandhi file nomination from Amethi That's why the name of Robert Vadra came
Rahul Gandhi - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

क्या प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा को वास्तव में कांग्रेस लोकसभा का चुनाव लड़ाने जा रही है या यह महज एक राजनीतिक चाल है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मानें तो फिलहाल पार्टी की ओर से रॉबर्ट वाड्रा को सियासी मैदान में उतारने की कोई भी चर्चा अभी तक तो किसी भी बड़े प्लेटफॉर्म पर सामने नहीं आई है। 



वहीं, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि रॉबर्ट वाड्रा का नाम एक 'पॉलिटिकल ट्रिक' के तौर पर सामने आया है। यह 'ट्रिक' कुछ और नहीं, बल्कि वायनाड में 26 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के लोकसभा चुनावों तक 'सियासी घुमाव' की है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 26 अप्रैल को वायनाड में होने वाले चुनाव के बाद राहुल गांधी अमेठी से पर्चा भर सकते हैं। दरअसल जिस दिन में वायनाड में मतदान खत्म होगा, उसी दिन से अमेठी में नामांकन प्रक्रिया भी शुरू होगी। 


रायबरेली और अमेठी पर प्रत्याशियों के नामों का एलान बाकी
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिस तरह से अचानक अमेठी में रॉबर्ट वाड्रा के नाम की चर्चा होने लगी, वह सियासत की सोची समझी रणनीति भी हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषक प्रद्युम्न प्रकाश कहते हैं कि अभी तक कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में दो सीटें रायबरेली और अमेठी घोषित नहीं की हैं। क्योंकि इन दोनों सीटों पर पांचवें चरण में चुनाव होना है। इसलिए कांग्रेस पार्टी बहुत सोची समझी और सधी हुई रणनीति के लिहाज से आगे की तैयारी कर रही है। 

प्रद्युम्न कहते हैं कि रॉबर्ट वाड्रा का नाम उछलने से कुछ दिन तक इस सीट पर सियासी चर्चाएं भी होंगी और कई तरह के राजनीतिक गुणा-भाग भी लगाए जाते रहेंगे। सियासी जानकारों का मानना यह भी है कि 26 अप्रैल को केरल के वायनाड में दूसरे चरण का चुनाव हो चुका होगा। इसी तारीख से पांचवें चरण के लोकसभा चुनावों के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जानी है। कयास यही लगाए जा रहे हैं कि राहुल गांधी वायनाड में चुनाव के बाद अमेठी में अपना नामांकन करा सकते हैं। 

वरिष्ठ पत्रकार एन. किरण कुमार कहते हैं कि इस तरीके की सियासी अटकलें केरल के राजनीतिक गलियारों में खूब हो रही हैं। वह कहते हैं कि वामदल के नेताओं ने तो केरल में इस बात का भी प्रचार किया है कि राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ेंगे और वायानाड की सीट छोड़ देंगे। किरण का कहना है कि तारीखों को अगर ढंग से देखा जाए, तो राहुल गांधी के वायनाड में चुनाव लड़ने के बाद अमेठी में नामांकन करने का पूरा वक्त मिल रहा है। 

वह कहते हैं कि 26 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होगा। इसी चरण में वायनाड में भी वोट पड़ने हैं। जबकि 26 अप्रैल से 3 मई के बीच पांचवें चरण के नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। अमेठी और रायबरेली में पांचवे चरण में चुनाव होंगे। ऐसे में अगर सियासी गलियारों में राहुल गांधी के वायानाड चुनाव के बाद अमेठी से नामांकन कराने की चर्चाएं हो रही हैं, तो उसकी कुछ संभावनाएं भी दिख रही हैं। 
विपक्षी दल बना सकते हैं मुद्दा 
हालांकि उनका कहना है कि इस मामले में कांग्रेस की ओर से अभी तक केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से न तो कोई चर्चा हुई है और ना ही इस पर कोई टिप्पणी की जा रही है। वरिष्ठ पत्रकार एन. किरण का मानना है कि सियासी तौर पर अगर यह मान लिया जाए राहुल गांधी दोनों जगह से चुनाव लड़ेंगे और दोनों सीटें जीतने की दशा में, एक सीट छोड़ देंगे। तो विपक्षी दल उसे मुद्दा बनाकर चुनाव को अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश कर सकते हैं। वह कहते हैं कि जिस तरीके से रॉबर्ट वाड्रा का नाम कांग्रेस की अपनी पुरानी सीटों के लिए सामने आया है, वह संभवत सिर्फ चर्चा में बने रहने के लिए ही है। हालांकि उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी जिसे चाहे उसे टिकट दे सकती है। 

अमेठी और रायबरेली की जनता ने की चुनाव लड़ने की अपील
वहीं, जिस तरीके से बीते कुछ दिनों में अमेठी और रायबरेली की जनता ने कांग्रेस के नेताओं इसमें राहुल प्रियंका और सोनिया को पत्रों के माध्यम से और सीधे मुखातिब होकर चुनाव लड़ने की अपील की है। राजनीतिक जानकार नसरुद्दीन कहते हैं कि उससे तो नहीं लगता है कि राहुल या प्रियंका के अलावा इन दोनों सीटों पर कोई और प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरेगा। रायबरेली के स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं का भी कहना है कि उन्होंने राहुल गांधी की न्याय यात्रा के दौरान मुलाकात में राहुल को अपनी सीट न छोड़ने के लिए अनुरोध भी किया था। अमेठी में प्रधान संघ के संतोष सिंह कहते हैं कि अभी तो चुनाव में यहां पर वक्त है। नामांकन की प्रक्रिया 26 अप्रैल से शुरू होनी है। उनके संगठन ने भी कांग्रेस नेताओं से मुलाकात का रायबरेली और अमेठी में प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को चुनाव लड़ने का मांग पत्र भी सौंपा है। वह कहते हैं, उन्हें पूरा भरोसा है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अमेठी और रायबरेली से चुनाव लड़ेंगे।

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