Year Ender 2021: नीट काउंसलिंग को लेकर उलझनों भरा रहा यह साल, कोर्ट में चुनौती से लेकर पैटर्न में भी हुए बदलाव
Year Ender 2021: अखिल भारतीय सीटों पर काउंसलिंग के लिए आवेदन करने वाले छात्रों के लिए राहत भरी खबर नीट काउंसलिंग की प्रक्रिया में बदलाव की रही। एमसीसी ने आगामी सत्र से नीट काउंसलिंग की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है।
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नीट की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए साल 2021 काफी मुश्किलों भरा रहा। नीट पीजी काउंसलिंग 2021 की प्रक्रिया शुरू होने पर अब तक संशय बना हुआ है तो वहीं, नीट यूजी काउंसलिंग को लेकर पर भी विवाद हुआ। इसके अलावा अखिल भारतीय सीटों पर काउंसलिंग के लिए आवेदन करने वाले छात्रों के लिए राहत भरी खबर काउंसलिंग की प्रक्रिया में बदलाव की रही। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) ने आगामी सत्र से नीट काउंसलिंग की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है। आइए जानते हैं साल 2021 में नीट परीक्षा और काउंसलिंग में हुए विवाद और बदलावों के बारे में..
नीट परीक्षा में डमी कैंडिडेट
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) 2021 में बड़ा घोटाला सामने आया। नीट परीक्षा में कई राज्यों में विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर असल उम्मीदवार के बजाय डमी कैंडिडेट शामिल हुए थे। इस नकल के लिए परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों ने 50 लाख रुपये तक की रकम अदा की थी। इस प्रकरण की जांच सीबीआई द्वारा की गई और कई उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया गया।
नीट यूजी के फिजिक्स विषय पर विवाद
नीट परिणाम 2021 को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की ओर से 1 नवंबर, 2021 को जारी किया गया था। इस परिणाम में फिजिक्स (भौतिकी) विषय की उत्तर कुंजी को 22 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। छात्रों द्वारा दायर की गई याचिका के अनुसार, फिजिक्स के पेपर में एक प्रश्न में 'Amplitude of Current' का अनुवाद 'वर्तमान का आयाम' शब्द किया गया था। इस पर छात्रों ने विसंगति के साथ-साथ भौतिकी प्रश्न-पत्र में पेटेंट त्रुटि को चुनौती दी। हालांकि, इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया और नीट यूजी की काउंसलिंग प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है।
नीट पीजी काउंसलिंग 2021 पर अब भी संशय
नीट पीजी की काउंसलिंग 2021 की शुरूआत 25 अक्टूबर 2021 से होनी थी। लेकिन कुछ छात्र नीट में शुरू हुई दो आरक्षित श्रेणियों - 27 फीसद ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर) और 10 फीसद गैर आरक्षित वर्गों के लिए शुरू हुई ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर) आरक्षण के खिलाफ उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) चले गए थे। इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने कोई हल न निकलने तक काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। केंद्र सरकार ने भी इस बात का आश्वासन दिया है कि जब तक इस मामले का हल नहीं निकलता, काउंसलिंग की प्रक्रिया नहीं शुरू की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी 2022 को होनी है।
नीट पीजी काउंसलिंग 2021 की मांग पर डॉक्टरों की हड़ताल
नीट पीजी काउंसलिंग 2021 में देरी होने के कारण देश भर में रेजिडेंट डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी है। काउंसलिंग में देरी के कारण देश भर में डॉक्टरों और छात्रों पर दवाब बढ़ता ही जा रहा है। उनकी मांग है कि नीट पीजी काउंसलिंग की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरी की जाए। डॉक्टरों की हड़ताल को फेडरेशन ऑफ रेसिडेंट डॉक्टर असोसिएशन (फोर्डा) का समर्थन प्राप्त है। डॉक्टरों के अनुसार कोरोना महामारी के कारण उन पर पहले से ही काम का बहुत अधिक बोझ है, अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या कम हैं। इसके बाद नीट पीजी काउंसलिंग 2021 में देरी के कारण एक सत्र बर्बाद हो जाएगा। इससे उनपर और दवाब बढ़ेगा।
आधा वर्ष बर्बाद, छात्र परेशान
नीट पीजी की परीक्षा में लाखों छात्रों ने हिस्सा लिया था। अब छात्रों में भी करियर को लेकर तनाव नजर आने लगा है। 11 सितंबर 2021 को नीट की परीक्षा हुई थी। इसके परिणाम 28 सितंबर 2021 को आ गए थे। नतीजे आए हुए अब पूरे दो महीने गुजर चुके हैं। छात्रों का कहना है कि उनका आधा वर्ष बर्बाद हो चुका है। ऐसे में वह भी बहुत परेशान हैं।
नीट काउंसलिंग पैटर्न में बदलाव
मेडिकल काउंसलिंग कमिटी (एमसीसी) द्वारा नीट यूजी और पीजी की अखिल भारतीय कोटा (एआईक्यू) की सीटों पर काउंसलिंग के लिए अब कुल 4 राउंड- एआईक्यू राउंड-1, एआईक्यू राउंड-2, एआईक्यू मॉपअप राउंड और एआईक्यू स्ट्रे वैकेंसी का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले केवल दो राउंड का ही आयोजन किया जाता था। काउंसलिंग के बाद रिक्त बची सीटों को राज्य कोटा में स्थानांतरित कर दिया जाता था। इस कारण कई छात्र प्रवेश से वंचित रह जाते थे। अब 4 राउंड के आयोजन होने से उम्मीदवारों को अखिल भारतीय कोटा सीटों पर प्रवेश के लिए अधिक मौके मिलेंगे। एमसीसी ने बताया है कि यह नियम नीट पीजी की 50 फीसदी और नीट यूजी की 15 फीसदी अखिल भारतीय कोटा की सीटों पर लागू होगा। एमसीसी के इस नए काउंसलिंग नियम को सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिल गई है।
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