फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   World Braille Day 2021 Date Who was Louis Braille what he did for blind people who invented Braille a language

World Braille Day 2021 : वह शख्स जिसे दृष्टिबाधित मानते हैं मसीहा, 16 की उम्र में बना दी थी नई भाषा

Mon, 04 Jan 2021 04:29 PM IST
Devesh Devesh एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Devesh Devesh Updated Mon, 04 Jan 2021 04:29 PM IST
सार

हर साल 04 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस के तौर पर लुई ब्रेल की जयंती मनाई जाती है। ब्रेल लिपि के आविष्कारक, लुई ब्रेल का जन्म 04 जनवरी, 1809 को फ्रांस में हुआ था।

विज्ञापन
World Braille Day 2021 Date Who was Louis Braille what he did for blind people who invented Braille a language
विश्व ब्रेल दिवस 2021: Louis Braille Biography - फोटो : social media

विस्तार

हर साल 04 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस के तौर पर लुई ब्रेल की जयंती मनाई जाती है। ब्रेल लिपि के आविष्कारक, लुई ब्रेल का जन्म 04 जनवरी, 1809 को फ्रांस में हुआ था। ब्रेल एक ऐसी भाषा है जिसका उपयोग दृष्टिबाधित लोग पढ़ने और लिखने के लिए करते हैं। लुई ब्रेल अपने आविष्कार के कारण दुनियाभर में दृष्टिबाधित लोगों के लिए एक मसीहा बन गए थे। जीते जी ब्रेल के काम को उचित सम्मान नहीं मिला, लेकिन मरणोपरांत उनके काम को तवज्जो मिली। उनके सम्मान में 2019 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा विश्व ब्रेल दिवस अनुमोदित किया गया। विश्व ब्रेल दिवस पहली बार 04 जनवरी, 2019 को मनाया गया था। आइए जानते हैं लुई ब्रेल के जीवन के कुछ अनछुए पहलुओं को ...   

विज्ञापन

तीन साल की उम्र में खो दी थी दृष्टि  : 
लुई ब्रेल ने एक दुर्घटना में तीन साल की उम्र में अपनी दृष्टि खो दी थी। उनकी आंखें संक्रमित हो गईं और ब्रेल पूरी तरह से अपनी दृष्टि खो बैठे थे। अपनी दृष्टिहीनता के बावजूद, ब्रेल ने अकादमिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और एक छात्रवृत्ति पर रॉयल इंस्टीट्यूट फॉर ब्लाइंड यूथ चले गए। जब वह संस्थान में अध्ययन कर रहे थे तो उसी दौरान ब्रेल ने अंधेपन से पीड़ित लोगों को पढ़ने और लिखने में मदद करने के लिए एक स्पर्श कोड विकसित किया। जिसे बाद में ब्रेल लिपि के नाम से जाना गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

कैप्टन बार्बियर से मुलाकात ने बदली जिंदगी : 

स्कूल के दिनों के दौरान लुई ब्रेल की मुलाकात सेना के कैप्टन चार्ल्स बार्बियर से हुई, जिन्होंने सेना के लिए एक विशेष क्रिप्टोग्राफी लिपि का विकास किया था,  जिसकी मदद से सैनिक रात के अंधेरे में भी संदेशों को पढ़ सकते हैं। बाद में, ब्रेल ने कैप्टन बार्बियर की सैन्य क्रिप्टोग्राफी से प्रेरित एक नई विधि का निर्माण किया। तब उनकी उम्र करीब 16 वर्ष थी। 

विज्ञापन

12 बिंदुओं पर आधारित थी शुरुआती लिपि
यह कूट लिपि 12 बिंदुओं पर आधारित थी। 12 बिंदुओं को 66 की पंक्तियों में रखा जाता था। हालांकि, तब इसमें विराम, संख्या और गणितीय चिन्ह मौजूद नहीं थे। लुई ब्रेल ने इसमें आगे और सुधार करते हुए 12 की जगह 06 बिंदुओं का उपयोग कर 64 अक्षर और चिह्न का आविष्कार किया था,  जिसमें उन्होंने विराम चिन्ह, संख्या, बढ़ और संगीत के नोटेशन लिखने के लिए भी जरूरी चिह्न उपलब्ध कराए थे। उनकी इस लिपि को ही ब्रेल लिपि के नाम से जाना जाता है। 

ब्रेल का काम पहली बार 1829 में प्रकाशित हुआ था : 
1824-25 में ब्रेल ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपने काम को प्रस्तुत किया। कुछ साल बाद, ब्रेल ने एक प्रोफेसर के रूप में सेवा की और अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण समय ब्रेल लिपि प्रणाली का विस्तार करने में बिताया। ब्रेल ने 1829 में पहली बार ब्रेल लिपि प्रणाली प्रकाशित की। आठ साल बाद उनकी इस भाषा पर एक बेहतर संस्करण प्रकाशित हुआ।

निधन के 16 साल बाद मिली मान्यता : 
43 वर्ष की आयु में 06 जनवरी 1852 को लुई ब्रेल का निधन हो गया। उनकी मृत्यु के 16 वर्ष बाद वर्ष 1868 में ब्रेल लिपि को प्रामाणिक रूप से मान्यता मिली। यह भाषा आज भी दुनियाभर में मान्य है। भारत सरकार ने 04 जनवरी, 2009 को जब लुई ब्रेल के जन्म को 200 वर्ष पूर्ण हुए थे, तब भारत में इनके सम्मान में इनका डाक टिकट भी जारी किया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed