क्या है 112, भारत में हर शख्स को क्यों याद रखना चाहिए ये नंबर
- ईआरएसएस के तहत लॉन्च किया गया है नंबर - 112
- भारत में हर शख्स ले सकता है इसकी मदद
- मोबाइल एप पर भी मौजूद है नंबर - 112
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पुड्डुचेरी, दमन व दीव, अंडमान निकोबार, दादर नगर हवेली के बाद अब दिल्ली में भी इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) लागू कर दिया गया है। इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी यह लागू है। ईआरएसएस लागू करने वाला पहला राज्य हिमाचल प्रदेश है। यहां नवंबर 2018 में इसे शुरू किया गया था। नंबर 112 इसी से जुड़ा है, जो देश के हर निवासी के लिए याद रखना बेहद जरूरी है।
112 क्या है? ये नंबर याद रखना क्यों जरूरी है? इसकी शुरुआत कैसे और क्यों हुई? इससे आपको क्या फायदा मिलेगा? इन सभी सवालों के जवाब हम आपको आगे बता रहे हैं।
क्या है 112
112 एक इमरजेंसी नंबर है, जिसे अमेरिका के 911 के तर्ज पर शुरू किया गया है। इसे भारत में ईआरएसएस के तहत लॉन्च किया गया है। बीते बुधवार को दिल्ली में इसकी शुरुआत करते हुए दिल्ली पुलिस के डीसीपी (ऑपरेशन एंड कम्युनिकेशन) एसके सिंह ने कहा कि 'कई सारे इमरजेंसी नंबर याद रखना मुश्किल होता है। खासकर तब जब आप एक राज्य या केंद्रशासित प्रदेश से दूसरी जगह सफर कर रहे हों। यह नंबर लोगों की परेशानी कम करेगा।'
गौरतलब है कि देश में पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाओं से लेकर महिला व चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर तक अलग-अलग हैं। ये सारे नंबर हर किसी के लिए हर वक्त याद रखना मुश्किल है। इसका उपाय 112 है। आप इस एक नंबर से ये सभी सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं। इसे नेशनल इमरजेंसी नंबर भी कहा जा सकता है।
कैसे काम करता है 112, आप कैसे करें इस्तेमाल
फिलहाल देश में पुलिस के लिए 100, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 108, अग्निशमन सेवाओं के लिए 101, महिला हेल्पलाइन के लिए 1091 और 181, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098 नंबर हैं। इन सभी को 112 के अंतर्गत लाया गया है। यानी 112 डायल कर आप किसी भी इमरजेंसी सेवा का लाभ उठा सकते हैं।
इसके लिए '112 India' एप भी लॉन्च किया गया है। इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड कर आप रजिस्टर कर सकते हैं। इसके जरिए भी आप किसी तरह की आपातकालीन परिस्थिति में मदद ले सकते हैं।
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2012 के निर्भया मामले से जुड़ा है नंबर-112
नंबर '112' साल 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया मामले से जुड़ा है। उस घटना के बाद ही ईआरएसएस सिस्टम शुरू करने का फैसला लिया गया था।
इस संबंध में गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर बताया गया है कि 'ईआरएसएस दिसंबर 2012 में हुई निर्भया की दुखद घटना के संदर्भ में जस्टिस वर्मा कमेटी की कई सिफारिशों में से एक है। इसके तहत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्स सिस्टम (ERSS) के राष्ट्रीय प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए 321.69 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित किया जा चुका है, ताकि देश भर में एक इमरजेंसी नंबर 112 को हर तरह के आपातकाल के लिए लागू किया जा सके।'
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