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UPSC Result 2017: माता-पिता की मौत के बाद भी नहीं टूटा हौसला, कड़ी मेहनत से पाया मुकाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून (जौनसार)
Updated Sat, 28 Apr 2018 05:44 PM IST
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monika rana
एक सड़क हादसे में अपने माता-पिता को खोने के बाद देहरादून की मोनिका ने अपना लक्ष्य नहीं खोया।
दून की बेटी मोनिका राणा ने पहले एमबीबीएस पास किया और अब सिविल सेवा परीक्षा 2017 में सफलता हासिल की है। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 577वां रैंक हासिल की है।
देहरादून में सालावाला निवासी मोनिका की प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोजफ्स ऐकेडमी से हुई। 2008 में 88 प्रतिशत अंक के साथ 12वीं कक्षा पास की। इसके बाद मेडिकल की तैयारी की और 2015 में मद्रास मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पूरा किया।
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दून की बेटी मोनिका राणा ने पहले एमबीबीएस पास किया और अब सिविल सेवा परीक्षा 2017 में सफलता हासिल की है। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 577वां रैंक हासिल की है।
देहरादून में सालावाला निवासी मोनिका की प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोजफ्स ऐकेडमी से हुई। 2008 में 88 प्रतिशत अंक के साथ 12वीं कक्षा पास की। इसके बाद मेडिकल की तैयारी की और 2015 में मद्रास मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पूरा किया।
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दो बार पहले भी दे चुकी हैं सिविल सेवा परीक्षा
upsc
पांच साल पहले वर्ष 2012 में उन्होंने अपने पिता और मां इंद्रा राणा को एक सड़क हादसे में खो दिया। जिसके बाद उनकी जिंदगी रुक सी गई। मोनिका के पिता गोपाल सिंह राणा आईएफएस थे और वन संरक्षक के पद पर तैनात थे।
लेकिन इतना होने के बाद भी मोनिका ने हौसला नहीं हारा। डॉक्टरी की पढ़ाई और फिर सिविल सेवा की तैयारी की। इससे पहले मोनिका दो बार सिविल सेवा परीक्षा दे चुकी हैं। 2015 और 2016 में, लेकिन सफल नहीं हो पाई।
लगातार असफलता के बाद दिल्ली में रहकर मोनिका ने सिविल सेवा की तैयारी की और 2017 में अपना लक्ष्य पा लिया। मोनिका मूल रूप से जौनसार-बावर क्षेत्र से हैं। मोनिका कहती हैं कि वह स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाना चाहती हैं।
लेकिन इतना होने के बाद भी मोनिका ने हौसला नहीं हारा। डॉक्टरी की पढ़ाई और फिर सिविल सेवा की तैयारी की। इससे पहले मोनिका दो बार सिविल सेवा परीक्षा दे चुकी हैं। 2015 और 2016 में, लेकिन सफल नहीं हो पाई।
लगातार असफलता के बाद दिल्ली में रहकर मोनिका ने सिविल सेवा की तैयारी की और 2017 में अपना लक्ष्य पा लिया। मोनिका मूल रूप से जौनसार-बावर क्षेत्र से हैं। मोनिका कहती हैं कि वह स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाना चाहती हैं।
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