UPSC: फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आधार सत्यापन से पहले ये कदम भी उठा चुका है यूपीएससी, पढ़ें पूरा विवरण
UPSC Aadhar Verification: यूपीएससी ने अपनी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए स्वैच्छिक आधार पर आधार आधारित प्रमाणीकरण शुरू किया है। हालांकि, आयोग इससे पहले भी फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए कई कदम उठा चुका है।
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UPSC: आईएएस पूजा खेडकर वाले मामले के बाद से ही यूपीएससी सुर्खियों में बना हुआ है। आयोग ने भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ों पर रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, अपनी सभी परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं के लिए स्वैच्छिक आधार पर आईडेंटिटी वेरिफिकेशन के लिए आधार-बेस्ड ऑथेंटिकेशन लागू किया है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब आयोग ने फर्जावाड़ा रोकने के लिए कोई निर्णय लिया है। इससे पहले भी आयोग कई कदम उठा चुका है।
प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर ने फर्जी तरीके से अपनी एलिजिबिलिटी से ज्यादा बार सिविल सेवा परीक्षा दी थी। मामला प्रकाश में आने के बाद आयोग ने पूजा की प्रोविजनल उम्मीदवारी पिछले महीने रद्द कर दी थी। खेडकर पर विकलांगता और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी- नॉन-क्रीमी लेयर) कोटा का दुरुपयोग करने का आरोप है। इस मामले के बाद आयोग ने आधार आधारित ऑथेंटिकेशन लागू करने का कदम उठाया है।
कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया, "यूपीएससी को 'वन टाइम रजिस्ट्रेशन' पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के समय और परीक्षा/भर्ती परीक्षण के विभिन्न चरणों में अभ्यर्थियों की पहचान के वेरिफिकेशन के लिए स्वैच्छिक आधार पर आधार ऑथेंटिकेशन करने की अनुमति है, जिसके लिए हां/नहीं या/और ई-केवाईसी ऑथेंटिकेशन फैसिलिटी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस नए वेरिफिकेशन मैथड से परीक्षा प्रक्रिया की अखंडता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
UPSC उठा चुका है ये कदम
आधार-बेस्ड ऑथेंटिकेशन लागू करने से पहले भी आयोग फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कदम उठा चुका है। यूपीएससी ने जून में परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी रोकने के लिए फेशियल रेकग्निशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सीसीटीवी सर्विलांस को इंटिग्रेट करने की योजना की घोषणा की थी।
फेशियल रिकॉग्निशन (Facial Recognition): यह एक बायोमेट्रिक तकनीक है जो किसी व्यक्ति की पहचान और व्यक्तियों के बीच अंतर करने के लिये चेहरे की विशिष्ट विशेषताओं का उपयोग करती है।
आयोग हर साल 14 प्रमुख परीक्षाएं आयोजित करता है, जिसमें प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा भी शामिल है, जिसके माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।
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