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सीबीआई जांच के दायरे में UPPSC इंटरव्यू बोर्ड, परीक्षाओं में गड़बड़ी के मिले संकेत

Sat, 17 Mar 2018 09:42 AM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 17 Mar 2018 09:42 AM IST
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uppsc interview board under CBI Scanner

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई टीम ने अब आक्रामक तेवर अख्तियार कर लिया है। सहायक निजी सचिव (एपीएस) परीक्षा-2010, पीसीएस-2015 के साथ कुछ अन्य बड़ी भर्ती परीक्षाओं में आयोग प्रतिनिधियों के सगे रिश्तेदारों को चयनित किए जाने के आरोपों की जांच के बाद सीबीआई के हाथ कुछ सुराग लगे हैं।

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अब सीबीआई ने सीधे आयोग से ही पूछ लिया है कि बताएं आयोग के किन प्रतिनिधियों के करीबी रिश्तेदारों को नौकरियां दी गई हैं। सीबीआई ने आयोग से यह जानकारी मांग कर संकेत दे दिए हैं कि आयोग बताए या न बताए, सीबीआई को गड़बड़ी के सबूत मिल चुके हैं।
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सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने आयोग से पूछा है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान आयोजित हुईं भर्ती परीक्षाओं में आयोग के किन कर्मचारियों, अफसरों और सदस्यों को अंतिम रूप से चयनित किया गया। वैसे सीबीआई को पहले ही इस मामले में कुछ सबूत मिले हैं लेकिन सीबीआई चाहती है कि आयोग खुद इस बारे में जानकारी दे।
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अगर आयोग जानकारी छिपाता है तो सीबीआई संबंधित लोगों से अपने स्तर से पूछताछ करेगी। फिलहाल सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद आयोग में हड़कंप की स्थिति है। अफसरों, कर्मचारियों और सदस्यों से जुड़ी जानकारियां इकट्ठा की जा रही हैं। अगर आयोग की ओर से सीबीआई को यह जानकारी सौंप दी जाती है तो सीबीआई जांच को एक नई दिशा मिल जाएगी। हालांकि सीबीआई ने अपने स्तर से भी कुछ कर्मचारियों और अफसरों के बारे में जानकारी जुटा ली है, जिनके सगे रिश्तेदारों को आयोग ने नौकरी दी है।

सीबीआई ने चयन करने वाले बोर्ड का ब्योरा जुटा लिया है

uppsc interview board under CBI Scanner

सीबीआई ने चयनित अभ्यर्थियों के अलावा उनका चयन करने वाले बोर्ड का ब्योरा जुटा लिया है। इसकी अधिक संभावना जताई जा रही है कि जिन परीक्षाओं के दौरान अभ्यर्थियों को अधिक नंबर मिले उनमें गठित साक्षात्कार बोर्ड से पूछताछ पहले होगी।

पीसीएस, पीसीएस जे, लोअर सबॉर्डिनेट, आरओ-एआरओ परीक्षाओं और सीधी भर्ती से हुए चयन में बोर्ड गठन पर मनमानी के भी आरोप हैं। पीसीएस जैसी बड़ी परीक्षाओं के साक्षात्कार बोर्ड गठन के संबंध में तो प्रतियोगियों के आंदोलन के दौरान पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव के इशारे पर नियम का उल्लंघन कर सभी काम होने के आरोप लगे थे।

बता दें कि, यूपीपीएससी द्वारा लोअर सबॉर्डिनेट की मुख्य परीक्षा 2015 का परिणाम दिसम्बर 2017 में घोषित किया गया। जबकि यूपीपीएससी ने लोअर सबॉर्डिनेट की मुख्य परीक्षा 24 अप्रैल 2015 में आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 10,610 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे।


इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
Exam Row: UPPSC Interview Board Under CBI Scanner

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