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UP BOARD 2019: आखिरी के तीन दिनों में कैसें करें परीक्षा की तैयारी, जानें वीडियो के माध्यम से
Tue, 05 Feb 2019 01:17 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Tue, 05 Feb 2019 01:17 PM IST
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बोर्ड परीक्षा नजदीक आ गई हैं और प्रेशर भी उतनी तेजी से बढ़ रहा हैं। आपको बता दें कि 7 फरवरी से यूपी में बोर्ड परीक्षा शुरू होने वाली हैं। बच्चों पर बहुत प्रेशर होगा कि कैसे आखिरी मिनट की तैयारी करें ? अब ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम बता रहे हैं आपको कि आखिरी कुछ दिनों में किन बातों का ध्यान रखें।
परीक्षा की तैयारी करते हुए पिछले 10 सालों के पेपर्स पर एक बार नजर जरूर लगा लें। इससे आपको पेपर के पैटर्न का अंदाजा लग जाएगा। साथ ही प्रश्नपत्र में किस तरह के सवालों को जगह दी जाती है इसका भी अंदाजा आपको लग जाएगा। एक और जरूरी बात कि हमें कई बार सवालों के नंबर डिस्ट्रीब्यूशन का अंदाजा नहीं होता, जिससे तैयारी करते वक्त हम सवालों के जवाब के लिए एक शब्द सीमा तय कर सकें और परीक्षा में वक्त बचा सकें।
कैसे करें तैयारी:
रिवीजन: सफलता के अगर 10 सूत्र बनाए जाएं तो रिवीजन उनमें टॉप पर होगा। बिना रिवीजन किए आप अगर परीक्षा में पहुंच जाएं तो दो बातें हो सकती हैं। पहला ये कि अगर सवाल कहीं थोड़ा घुमा कर पूछ दिया जाए तो आप उसके जवाब को जानते हुए भी शायद सवालों में ही उलझ कर रह जाएं और दूसरा ये कि कई बार एग्जाम के प्रेशर में हम सवालों के जवाब याद नहीं कर पाते। रिवीजन कर लेने से इस तरह की समस्या अपने आप ही कम हो जाती हैं।
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सिलेबस: कभी भी परीक्षा की तैयारी में महत्वपूर्ण सवालों की लिस्ट तैयार ना करें क्योंकि ऐसा करने से आप अपने आपको सीमित दायरे में बांध लेते हैं और अगर इन सब के बीच परीक्षा के पैटर्न में कहीं मामूली बदलाव भी आ जाए तो आप वहां खुद को असहाय कर लेते हैं।
कमजोर एरिया पर करें मेहनत
रटें नहीं समझें: कभी भी किसी भी टॉपिक को रटने की कोशिश ना करें। इससे आप खुद को ही परेशानी में डाल सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि चीजों को समझने की कोशिश करें। ज्यादा से ज्यादा चीजों पर समझ बनाने का ये फायदा होगा कि कभी किसी सवाल के जवाब में आपको सीधे-सीधे जवाब नहीं आ रहा हो तब आप अपनी समझ के आधार पर सवाल के जवाब लिख सकते हैं।
कमजोर एरिया पर काम: इससे पहले कि आप सब्जेक्ट के उन हिस्सों को दरकिनार करना शुरू करें जिन पर आपकी पकड़ थोड़ी कमजोर है, उन वीक एरिया पर थोड़ी ज्यादा मेहनत करके उन्हें मजबूत बना लें। इससे फायदा ये होगा कि जिन एरिया में आप मजबूत हैं वो आप रिवीजन से ठीक कर सकते हैं और जिन पर आपकी पकड़ कमजोर है वो भी ठीक हो जाएंगे।
अभी भी एग्जाम में काफी वक्त है। बेहतर है जोर-शोर से तैयारी में लग जाएं। कभी कभार ब्रेक भी लें। ताकि, दिमाग रिलैक्स महसूस करे।
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परीक्षा की तैयारी करते हुए पिछले 10 सालों के पेपर्स पर एक बार नजर जरूर लगा लें। इससे आपको पेपर के पैटर्न का अंदाजा लग जाएगा। साथ ही प्रश्नपत्र में किस तरह के सवालों को जगह दी जाती है इसका भी अंदाजा आपको लग जाएगा। एक और जरूरी बात कि हमें कई बार सवालों के नंबर डिस्ट्रीब्यूशन का अंदाजा नहीं होता, जिससे तैयारी करते वक्त हम सवालों के जवाब के लिए एक शब्द सीमा तय कर सकें और परीक्षा में वक्त बचा सकें।
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कैसे करें तैयारी:
रिवीजन: सफलता के अगर 10 सूत्र बनाए जाएं तो रिवीजन उनमें टॉप पर होगा। बिना रिवीजन किए आप अगर परीक्षा में पहुंच जाएं तो दो बातें हो सकती हैं। पहला ये कि अगर सवाल कहीं थोड़ा घुमा कर पूछ दिया जाए तो आप उसके जवाब को जानते हुए भी शायद सवालों में ही उलझ कर रह जाएं और दूसरा ये कि कई बार एग्जाम के प्रेशर में हम सवालों के जवाब याद नहीं कर पाते। रिवीजन कर लेने से इस तरह की समस्या अपने आप ही कम हो जाती हैं।
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सिलेबस: कभी भी परीक्षा की तैयारी में महत्वपूर्ण सवालों की लिस्ट तैयार ना करें क्योंकि ऐसा करने से आप अपने आपको सीमित दायरे में बांध लेते हैं और अगर इन सब के बीच परीक्षा के पैटर्न में कहीं मामूली बदलाव भी आ जाए तो आप वहां खुद को असहाय कर लेते हैं।
कमजोर एरिया पर करें मेहनत
रटें नहीं समझें: कभी भी किसी भी टॉपिक को रटने की कोशिश ना करें। इससे आप खुद को ही परेशानी में डाल सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि चीजों को समझने की कोशिश करें। ज्यादा से ज्यादा चीजों पर समझ बनाने का ये फायदा होगा कि कभी किसी सवाल के जवाब में आपको सीधे-सीधे जवाब नहीं आ रहा हो तब आप अपनी समझ के आधार पर सवाल के जवाब लिख सकते हैं।
कमजोर एरिया पर काम: इससे पहले कि आप सब्जेक्ट के उन हिस्सों को दरकिनार करना शुरू करें जिन पर आपकी पकड़ थोड़ी कमजोर है, उन वीक एरिया पर थोड़ी ज्यादा मेहनत करके उन्हें मजबूत बना लें। इससे फायदा ये होगा कि जिन एरिया में आप मजबूत हैं वो आप रिवीजन से ठीक कर सकते हैं और जिन पर आपकी पकड़ कमजोर है वो भी ठीक हो जाएंगे।
अभी भी एग्जाम में काफी वक्त है। बेहतर है जोर-शोर से तैयारी में लग जाएं। कभी कभार ब्रेक भी लें। ताकि, दिमाग रिलैक्स महसूस करे।
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