{"_id":"5b1643454f1c1bf36e8b64cb","slug":"universities-will-be-taught-subjects-to-get-employment","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"छात्रों के हित में यूजीसी की नई पहल, इन कोर्स में लें दाखिला, डिग्री के बाद मिलेगा रोजगार ","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
छात्रों के हित में यूजीसी की नई पहल, इन कोर्स में लें दाखिला, डिग्री के बाद मिलेगा रोजगार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 05 Jun 2018 01:54 PM IST
विज्ञापन
छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार मुहैया कराने के मकसद से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक नई पहल शुरू की है।
इसके तहत सभी तरह के विश्वविद्यालयों के छात्रों को रोजगार, मानव मूल्य और प्रोफेशनल एथिक्स का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। यूजीसी के इस क्वालिटी मैनडेट रोडमैप को 2022 तक अनिवार्य रूप से लागू करना होगा।
यूजीसी सचिव प्रो. रजनीश जैन के मुताबिक, विश्वविद्यालयों की पढ़ाई की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिसके चलते डिग्री लेने के बावजूद कई छात्र बेरोजगार रह जाते हैं।
क्वालिटी मैनडेट पांच मुख्य बिंदुओं पर आधारित है, जिनमें ग्रेजुएशन के छात्रों को आउटकम (सीखने की प्रवृत्ति, कितना सीखा) में सुधार किया जाएगा।
विज्ञापन
इसके तहत सभी तरह के विश्वविद्यालयों के छात्रों को रोजगार, मानव मूल्य और प्रोफेशनल एथिक्स का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। यूजीसी के इस क्वालिटी मैनडेट रोडमैप को 2022 तक अनिवार्य रूप से लागू करना होगा।
यूजीसी सचिव प्रो. रजनीश जैन के मुताबिक, विश्वविद्यालयों की पढ़ाई की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिसके चलते डिग्री लेने के बावजूद कई छात्र बेरोजगार रह जाते हैं।
विज्ञापन
क्वालिटी मैनडेट पांच मुख्य बिंदुओं पर आधारित है, जिनमें ग्रेजुएशन के छात्रों को आउटकम (सीखने की प्रवृत्ति, कितना सीखा) में सुधार किया जाएगा।
Trending Videos
इसके तहत पाठ्यक्रम में पचास फीसदी ऐसे विषयों को शामिल किया जाएगा, जिनसे उन्हें डिग्री के बाद रोजगार मिल सके या फिर अपना कामधंधा शुरू कर सकें। छात्रों को कई तरह की प्रोफेशनल ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
शिक्षकों को भी ऐसी ट्रेनिंग दी जाएगी कि वे छात्रों को आसान भाषा में किताबी ज्ञान समझा सकें। इसके अलावा वर्ष 2022 तक सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को 2.5 नैक एक्रिडिटेशन स्कोर हासिल करना अनिवार्य होगा।
शिक्षकों को भी ऐसी ट्रेनिंग दी जाएगी कि वे छात्रों को आसान भाषा में किताबी ज्ञान समझा सकें। इसके अलावा वर्ष 2022 तक सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को 2.5 नैक एक्रिडिटेशन स्कोर हासिल करना अनिवार्य होगा।
कमेंट
कमेंट X