PPC 2024: परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम की तैयारियों का केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लिया जायजा
Pariksha Pe Charcha 2024: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के सातवें संस्करण की तैयारियों की समीक्षा की।
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Pariksha Pe Charcha 2024: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के सातवें संस्करण की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान प्रधान ने कहा कि परीक्षा पे चर्चा एक वार्षिक परंपरा बन गई है, जिसमें परीक्षा योद्धा, माता-पिता और शिक्षक सभी चिंता से उबरने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तत्पर रहते हैं। पीपीसी 2024 में प्रधान मंत्री के साथ बातचीत के लिए सभी के बीच उत्साह है।
पीपीसी 2024 का सातवां संस्करण
परीक्षा पे चर्चा (PPC) परीक्षाओं से जुड़े तनाव को दूर करने और 'परीक्षा योद्धाओं' के बड़े आंदोलन के साथ जुड़कर जीवन के प्रति उत्सवपूर्ण दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए प्रधान मंत्री मोदी के नेतृत्व में एक पहल है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित, 'परीक्षा पे चर्चा' पिछले छह वर्षों से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को शामिल कर रहा है। कोविड-19 महामारी के कारण, चौथा संस्करण ऑनलाइन आयोजित किया गया, जबकि पांचवां और छठा संस्करण टाउन-हॉल प्रारूप में आयोजित किया गया था। पिछले वर्ष के संस्करण में कुल 31.24 लाख छात्रों, 5.60 लाख शिक्षकों और 1.95 लाख अभिभावकों ने भाग लिया था।
प्रधान ने कहा कि मौजूदा 7वें संस्करण में MyGov पोर्टल पर रिकॉर्ड 2.26 करोड़ पंजीकरण दर्ज किए गए, जो देशभर में छात्रों के बीच व्यापक उत्साह को दर्शाता है।
परीक्षा पे चर्चा 2024 तिथि
परीक्षा पे चर्चा 2024 कार्यक्रम 29 जनवरी को भारत मंडपम में टाउन-हॉल प्रारूप में आयोजित किया जाएगा। कला उत्सव के विजेताओं के साथ-साथ प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से दो छात्रों और एक शिक्षक को आमंत्रित किया गया है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) के सौ छात्र पहली बार भाग लेंगे।
बता दें कि परीक्षा पे चर्चा 2024 कार्यक्रम के लिए पंजीकरण करने की प्रक्रिया 11 दिसंबर, 2023 से 12 जनवरी, 2024 तक चली थी। 12 जनवरी से 23 जनवरी तक, देश भर में विभिन्न स्कूल-स्तरीय गतिविधियां आयोजित की गईं, जैसे मैराथन दौड़, संगीत और मीम प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और छात्र-एंकर-छात्र-अतिथि चर्चाएं आयोजित की गई थी।
23 जनवरी को, 774 जिलों के 657 केंद्रीय विद्यालयों और 122 नवोदय विद्यालयों में एक पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें 60,000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया था, जो "एग्जाम वॉरियर्स" पुस्तक के परीक्षा मंत्रों पर आधारित थी।
सकल नामांकन अनुपात पर बोले शिक्षा मंत्री
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि हमारा लक्ष्य 2030 तक सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को 50% तक ले जाना है। नई शिक्षा नीति के लागू होने के बाद इस दिशा में संकेतक बहुत सकारात्मक हैं। सभी को देखते हुए इससे हम कह सकते हैं कि आने वाले दिनों में हमारी शिक्षा व्यवस्था उस दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसकी बात प्रधानमंत्री मोदी ने की है।
#WATCH Odisha: Union Education Minister Dharmendra Pradhan says, "... We aim to take the Gross Enrollment Ratio (GER) to 50% by 2030, the indicators in this direction are very positive after the implementation of the new education policy...Looking at all this, we can say that in… pic.twitter.com/gPcDJa4E3R
— ANI (@ANI) January 27, 2024
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