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Hindi News ›   Education ›   UGC plan to allow Foreign Universities in India Gets Mixed Reactions From Industry, Officials and Politicians

UGC Draft: विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस खोलने पर विशेषज्ञों की राय जुदा, कुछ ने सराहा तो कुछ बोले बकवास

Sat, 07 Jan 2023 03:26 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Sat, 07 Jan 2023 03:26 PM IST
सार

Foreign Universities in India: यूजीसी ने फिलहाल इन नियमों पर हितधारकों से राय मांगी है। जबकि राजनीतिक दलों, अकादमिक विशेषज्ञ और पूर्व अधिकारियों की राय इन नियमों पर विभाजित है। जहां इस कदम का कई छात्रों और सरकारी एवं पूर्व अधिकारियों ने स्वागत किया है। वहीं, वाम दलों ने विरोध जाहिर किया है। 

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UGC plan to allow Foreign Universities in India Gets Mixed Reactions From Industry, Officials and Politicians
भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए नए मसौदा नियम जारी। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी (UGC) ने भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए नए मसौदा नियम (Draft Regulations) जारी किए हैं। इन नियमों के लागू हो जाने के बाद, विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने परिसर स्थापित करने और भारतीय छात्रों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दाखिला देने की अनुमति होगी। यूजीसी ने फिलहाल इन नियमों पर हितधारकों से राय मांगी है। जबकि राजनीतिक दलों, अकादमिक विशेषज्ञ और पूर्व अधिकारियों की राय इन नियमों पर विभाजित है। जहां इस कदम का कई छात्रों और सरकारी एवं पूर्व अधिकारियों ने स्वागत किया है। वहीं, वाम दलों के नेता इसके विरोध में सामने आए हैं।  

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नीति आयोग के पूर्व सीईओ बोले- स्वागत योग्य कदम

नीति आयोग के पूर्व सीईओ, अमिताभ कांत ने विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने परिसर स्थापित करने की अनुमति देने के लिए यूजीसी द्वारा किए गए फैसले का स्वागत करते हुए ट्विटर पर कुछ आंकड़े साझा किए। नीति आयोग के पूर्व मुखिया ने लिखा कि विदेश में उच्च शिक्षा के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 2024 तक बढ़कर 18 लाख हो जाएगी, जबकि उनका विदेशी खर्च 2024 तक बढ़कर 80 अरब डॉलर हो जाएगा। इस संदर्भ में, यूजीसी ने विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस स्थापित करने और अपना फीस स्ट्रक्चर तय करने की स्वायत्तता के साथ की अनुमति दी है। यह बहुत ही बड़ा एवं स्वागत योग्य कदम है।
 

 

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शिक्षा का व्यावसायीकरण हो जाएगा : सीपीआई

जबकि, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने की अनुमति देने के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के फैसले का विरोध किया है। भाकपा ने दावा किया कि यह फैसला देश की उच्च शिक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाएगा। भाकपा ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि इस मुद्दे पर सुझाव देने के लिए दिया गया समय कम है। यह नीति भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाएगी, उन्हें कमजोर और खत्म कर देगी। इससे शिक्षा का व्यावसायीकरण हो जाएगा। शिक्षा महंगी होने से दलित, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और गरीबों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

 

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आरक्षण की नीति को झटका लगेगा

वाम दल ने कहा कि यह फैसला शिक्षा मंत्री द्वारा संसद में दिए गए एक बयान की पृष्ठभूमि में सरकार के अमीर-समर्थक दृष्टिकोण का प्रतिबिंब है कि भारतीयों को इस विचार पर निर्भर रहना बंद कर देना चाहिए कि विश्वविद्यालयों को सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाना चाहिए। कम्युनिस्ट पार्टी ने दावा किया कि इस फैसले से आरक्षण की नीति और सामाजिक न्याय के सिद्धांत को भारी नुकसान होगा। ऐसी नीति को राज्यों पर थोपना संघीय विरोधी और राज्य सरकारों की शक्तियों का अतिक्रमण है। सीपीआई ने विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए नियामक ढांचे को तय करने के लिए संसद में चर्चा की मांग की है। 
 

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