UGC PG Framework: पीजी करने से पहले पढ़ें नए नियम, यूजीसी ने पेश किया नई शिक्षा नीति पर आधारित पाठ्यक्रम ढांचा
UGC PG New Guidelines: अगर आपने तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है तो आप दो वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम चुन सकते हैं, जिसके दूसरे वर्ष में आप रिसर्च पर पूरा ध्यान दे सकते हैं। यूजीसी के नए पीजी फ्रेमवर्क में कई बदलाव किए गए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
UGC PG Framework 2024: पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने का विचार कर रहे लोगों के लिए जरूरी अपडेट है। यूजीसी ने पीजी पाठ्यक्रमों के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार किया है। इसमें कई मुख्य बदलाव किए गए हैं। यह फ्रेमवर्क नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें छात्रों को बीच में कभी भी पढ़ाई छोड़ने और शुरू करने का विकल्प भी दिया गया है। अगर आप पोस्ट ग्रेजुएशन करने का सोच रहे हैं तो यूजीसी के नये फ्रेमवर्क को अच्छे से समझ लें।
क्या हैं यूजीसी के नए नियम ?
- अगर आपने तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है तो आप दो वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम चुन सकते हैं, जिसके दूसरे वर्ष में आप रिसर्च पर पूरा ध्यान दे सकते हैं।
- अगर आपने चार वर्षीय क ऑनर्स या रिसर्च के साथ ऑनर्स पाठ्यक्रम पूरा किया है तो आपके लिए एक साल का पीजी प्रोग्राम भी होगा।
- नए करिकुलम में आपको अपनी पसंद के कोर्स चुनने की आजादी होगी।
- अगर आप एंट्रेंस क्रैक कर लें, तो ग्रेजुएशन के सब्जेक्ट से हटकर, कोई और विषय भी चुन सकते हैं। इसमें ऑफलाइन, ऑनलाइन, या दोनों तरीकों से पढ़ाई करने का विकल्प भी होगा।
बीई-बेटक वालों के लिए हुआ ये बदलाव
- नए फ्रेमवर्क के तहत चार साल का बीई-बीटेक वालें छात्रों को पीजी दो साल के लिए ही करनी होगी।
- अन्य कोर्सेस के छात्र अब अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई एक साल में पूरी कर सकते हैं।
- दो साल के पीजी कोर्स में छात्रों को 260 क्रेडिट अंक जुटाने होंगे। वहीं, एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा पर छात्रों को 240 क्रेडिट अंक जुटाने होंगे।
- यूजीसी ने पोस्ट ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों को लेकर जारी किए गए इन फ्रेमवर्क को सभी विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थानों को अमल में लाने के भी निर्देश दिए है।
- पीजी फ्रेमवर्क को नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCF) के साथ जोड़ा जाएगा।
- छात्रों की पढ़ाई, असाइनमेंट, क्रेडिट जमा करने, ट्रांसफर करने और उनका इस्तेमाल करने का पूरा हिसाब-किताब होगा।
यूजीसी अध्यक्ष ने किया नए फ्रेमवर्क को अपनाने का आग्रह
उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) को 1 वर्षीय, 2-वर्षीय और इंटीग्रेटेड 5 वर्षीय पाठ्यक्रमों सहित अलग-अलग पीजी पाठ्यक्रमों में पढ़ाई करने की सुविधा दी गई है, जो छात्रों की आवश्यकताओं और एआई और मशीन लर्निंग जैसे उभरते क्षेत्रों में पढ़ाई करने का मौका देता है। यूजीसी के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों से इस फ्रेमवर्क को अपनाने का आग्रह किया है।
कमेंट
कमेंट X