UGC: भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए नियमों की घोषणा, यूजीसी ने बताई गाइडलाइन
यूजीसी के नियमों के मुताबिक विदेशी विश्वविद्यालय भारत में परिसर स्थापित करने के लिए सहयोग कर सकते हैं, बशर्ते वे व्यक्तिगत रूप से पात्रता मानदंडों को पूरा करते हों।
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UGC: यूजीसी ने भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए नियमों की घोषणा की है। यूजीसी के मुताबिक विदेशी विश्वविद्यालय भारत में परिसर स्थापित करने के लिए सहयोग कर सकते हैं, बशर्ते वे व्यक्तिगत रूप से पात्रता मानदंडों को पूरा करते हों। इसके साथ ही विदेशी विश्वविद्यालय भारत में एक से अधिक कैंपस स्थापित कर सकते हैं, उसके लिए अलग से आवेदन करना होगा।
भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसरों को उनके भर्ती मानदंडों के अनुसार संकाय और कर्मचारियों की भर्ती करने की स्वायत्तता होगी। भारत में विदेशी विश्वविद्यालय परिसर ऑनलाइन पाठ्यक्रम, दूरस्थ शिक्षा प्रदान नहीं कर सकते हैं।
भारत में कैंपस स्थापित करने वाले विदेशी विश्वविद्यालयों को नए पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले यूजीसी से पूर्वानुमति लेनी होगी। विदेशी विश्वविद्यालय भारत में शिक्षण केंद्र, अध्ययन केंद्र या मूल इकाई की फ्रेंचाइजी नहीं खोल सकते हैं।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (भारत में विदेशी उच्च शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों की स्थापना और संचालन) विनियम, 2023 जारी करता है। इसके तहत उच्च रैंक वाले विदेशी विश्वविद्यालय स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्ट-डॉक्टरेट स्तरों पर प्रमाणपत्र, डिप्लोमा, डिग्री, अनुसंधान और अन्य कार्यक्रम संचालित करने के लिए इन नियमों के तहत मंजूरी मांगने वाले विदेशी उच्च शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों पर आवेदन करेंगे।
University Grants Commission (UGC) issues University Grants Commission (Setting up and Operation of Campuses of Foreign Higher Educational Institutions in India) Regulations, 2023.
— ANI (@ANI) November 8, 2023
Under this higher-ranked foreign universities shall apply to the campuses of Foreign Higher… pic.twitter.com/62eXzfCW8I
कैंपस खोलने वाले विदेशी संस्थानों को सिर्फ एक बार आवेदन शुल्क देना होगा। उन्हें यूजीसी को कोई वार्षिक शुल्क नहीं देना होगा। उन्हें अपने संसाधनों से कैंपस के लिए भूमि की खरीद, भवन निर्माण व मानव संसाधनों समेत अन्य सुविधाओं का इंतजाम करना होगा।
छात्रों का पलायन रोकने के लिए उठाया है कदम
भारत सरकार ने उच्च शिक्षा के लिए हर साल विदेश जाने वाले छात्रों का पलायन रोकने के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों को कैंपस खोलने की अनुमति दी है। यह फैसला लेते समय यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार ने बताया था, यह फैसला जिन अहम मुद्दों को ध्यान में रखते हुआ है, उनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत गुणवत्तापूर्ण व विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा मुहैया कराना शामिल है।
यूजी, पीजी, पीएचडी व डिप्लोमा कोर्स चलेंगे
विदेशी विश्वविद्यालय भारतीय कैंपस में स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्ट-डॉक्टरेट स्तरों पर प्रमाणपत्र, डिप्लोमा, डिग्री, अनुसंधान और अन्य कार्यक्रम शुरू कर सकते हैं। वे ऐसे शिक्षण केंद्र या फ्रेंचाइजी नहीं खोल सकते हैं, जो किसी तरह की प्रचार गतिविधियां चलाते हों।
ऑनलाइन डिग्री कोर्स शुरू नहीं कर सकते
भारतीय परिसर में कोई भी नया कोर्स शुरू करने से पहले यूजीसी से अनुमति लेनी होगी। कोई भी ऑनलाइन या ओपन और डिस्टेंस लर्निंग के पाठ्यक्रम शुरू नहीं किए जा सकते हैं। शर्त पूरा करने वाले दो या दो से अधिक विश्वविद्यालय मिलकर भारत में कैंपस खोल सकते हैं।
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