Karnataka: अमित शाह की छात्रों से अपील- नया सोचें, बहादुरी से आगे बढ़ें और देश को नंबर-1 बनाने में योगदान दें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को छात्रों को देश के लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि 2047 में जब हम आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएं, तो हमारा यह महान देश हर क्षेत्र में अव्वल होना चाहिए।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को छात्रों को देश के लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित किया और भारत को दुनिया में नंबर एक बनाने के लिए केंद्र द्वारा प्रदान किए गए अवसरों का उपयोग करने की सलाह दी। अमित शाह ने कर्नाटक के हुबली में बीवीबी इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘अमृत महोत्सव’ में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आप देश के लिए अपना जीवन बलिदान नहीं कर सकते हैं तो अपना जीवन अपने देश के लिए जिएं और इसे दुनिया का नंबर एक देश बनाएं। पीएम मोदी ने आपको ऐसा करने के सभी अवसर दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने भी छात्रों को पारंपरिक मानसिकता और ढांचे से बाहर निकलने की सलाह दी और उन्हें "नया सोचने, बहादुर बनने और आगे बढ़ने" के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने उत्तर कर्नाटक में राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर की आधारशिला भी रखी।
फोरेंसिक विज्ञान के जरिये दोष सिद्धि दर बढ़ाने पर जोर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत में कानून व्यवस्था की स्थिति को ठीक करने के लिए देश में दोष सिद्धि दर बढ़ाने और फोरेंसिक विज्ञान आधारित जांच के साथ आपराधिक न्याय प्रणाली को एकीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मैं देशवासियों को बता सकता हूं कि पांच साल में अगर पूरी दुनिया में किसी देश के पास सबसे ज्यादा संख्या में फोरेंसिक साइंस के विशेषज्ञ होंगे तो वह भारत में होगा। क्योंकि भारत का राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय दुनिया का पहला ऐसा अनूठा विश्वविद्यालय है।
2047 तक देश हर क्षेत्र में अव्वल हो
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2047 में जब हम आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएं, तो हमारा यह महान देश हर क्षेत्र में अव्वल होना चाहिए। ऐसे राष्ट्र के निर्माण के लिए आप नौजवानों को प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर जरूर साथ आना चाहिए। आपको महान भारत के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। छात्रों को संबोधित करते हुए, उन्होंने छात्रों से कहा कि देश की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान के बारे में पढ़ने की चाहिए।
70 हजार से अधिक स्टार्टअप विकसित किए
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल छात्रों के लिए पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना देखा है, क्योंकि इससे प्रौद्योगिकी का अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए कई अवसर खुलेंगे। शाह ने अपने संबोधन में स्टार्टअप्स के बारे में भी बात की और रेखांकित किया कि कैसे पीएम मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश आगे बढ़ने लगा है। उन्होंने बताया कि 2014 में, हम केवल तीन यूनिकॉर्न स्टार्टअप स्थापित करने में सक्षम थे, लेकिन अब हमने भारत में 70,000 से अधिक स्टार्टअप विकसित किए हैं, जिनमें 75 से अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप शामिल हैं।
More than 70,000 start-ups have been created in India after 2014, out of which about 45% are from Tier 2 and Tier 3 cities.
— Amit Shah (@AmitShah) January 28, 2023
It shows that if you have the will and the potential then nothing can stop you. pic.twitter.com/MYidScwAWH
आठ साल में पेटेंट आवेदन कईं गुना बढ़े
अमित शाह ने कहा कि इनमें से कम से कम 30 प्रतिशत लड़कियों द्वारा और 45 प्रतिशत टियर 2 और टियर 3 शहरों में लोगों के माध्यम से लॉन्च किए गए हैं, इसलिए यह मायने नहीं रखता कि आप कहां रहते हैं बल्कि आपका दृढ़ संकल्प आपकी सफलता तय करता है। केंद्रीय गृह मंत्री ने पेटेंट आवेदन के संबंध में कहा कि 2013-14 तक, केंद्र को 3000 पेटेंट आवेदन प्राप्त होते थे, जिनमें से 211 का पंजीकरण के लिए उपयोग किए जाते थे। हालांकि, 2021-22 में हमें एक लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 24,000 पंजीकृत हैं। यह दर्शाता है कि कैसे हमारे युवा अनुसंधान के क्षेत्र में स्मार्ट तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।
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