सीबीएसई: 12वीं के प्रैक्टिकल, आंतरिक मूल्यांकन के अंक अपलोड करने की अंतिम तिथि 28 जून तक बढ़ी
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बारहवीं कक्षा की परीक्षा के लिए व्यावहारिक / आंतरिक मूल्यांकन के अंक अपलोड करने की अंतिम तिथि 28 जून तक बढ़ा दी है।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बारहवीं कक्षा की परीक्षा के लिए व्यावहारिक / आंतरिक मूल्यांकन के अंक अपलोड करने की अंतिम तिथि 28 जून तक बढ़ा दी है। जिन स्कूलों का व्यावहारिक/आंतरिक मूल्यांकन लंबित है उनको केवल ऑनलाइन मोड में संचालित करने की अनुमति है। इस बात की जानकारी न्यूज एजेंसी एएनआई ने ट्विट के जरिए दी है।
The last date for uploading the marks of practical/internal assessment for Class 12 exams extended to 28th June. Schools with pending practical/ internal assessment are permitted to conduct them in online mode only: CBSE
— ANI (@ANI) June 7, 2021विज्ञापन
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आपको बता दें कि सीबीएसई पहले ही रिजल्ट का फॉर्मूला तैयार करने के लिए 13 सदस्यीय समिति का गठन कर चुकी है। इस समिति को 10 दिनों में रिपोर्ट पेश करनी है। इससे पहले सीबीएसई बोर्ड के सचिव ने कहा था कि दो हफ्ते के भीतर बारहवीं कक्षा के रिजल्ट के मूल्यांकन मानदंड को घोषित कर दिया जाएगा। बता दें कि 1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई बोर्ड की बारहवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द कर दिया था।
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आपको बता दें कि प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में पहले ही कहा जा चुका है कि जो विद्यार्थी ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया से प्राप्त नंबरों से संतुष्ट नहीं होंगे, उनको कोरोना वायरस की स्थिति के सामान्य होने के बाद परीक्षा में बैठने का विकल्प दिया जाएगा। यानी कि अगर कोई छात्र सीबीएसई की तरफ से मूल्यांकन मानदंड के आधार पर रिजल्ट जारी करने पर प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह बोर्ड परीक्षा दे सकता है। अगर छात्रों को लगता है कि मूल्यांकन मानदंड के आधार पर उनको कम नंबर मिले हैं, तो वे फिर से बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं दे सकते हैं। लेकिन ये परीक्षाएं कोरोना की वजह से पैदा हुए हालात के सामान्य होने के बाद ही आयोजित होंगी।
अभी बोर्ड की तरफ से यह जानकारी नहीं दी गई है कि मूल्यांकन मानदंड से असंतुष्ट छात्रों के लिए बारहवीं की परीक्षाओं का आयोजन कब किया जाएगा। बोर्ड के सचिव अनुराग त्रिपाठी का कहना है कि मूल्यांकन क्राइटेरिया से संतुष्ट नहीं होने वाले छात्र परीक्षाओं में बैठ सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये परीक्षाएं कोविड-19 महामारी के सामान्य होने के बाद ही आयोजित होंगी।
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