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Hindi News ›   Education ›   supreme court said Centre must forthwith notify norms of teacher-pupil ratio for special schools

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को निर्देश, स्कूलों में विशेष छात्र-शिक्षक अनुपात के मानदंडों को लागू करें 

Thu, 28 Oct 2021 08:01 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Thu, 28 Oct 2021 08:01 PM IST
सार

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्राधिकरण का गठन नहीं कर दिया जाता है, तब तक के लिए साल 2019 में स्टेट कमीश्नर द्वारा राजधानी दिल्ली के क्षेत्र में दिव्यांग लोगों के लिए सुझाए गए नियमों को लागू किया जाए।

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supreme court said Centre must forthwith notify norms of teacher-pupil ratio for special schools
जस्टिस एएम खानविल्कर की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला दिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने आज केंद्र सरकार को निर्देश जारी किया कि केंद्र को सामान्य स्कूलों में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों का शिक्षक-छात्र अनुपात के मानदंडों को तत्काल लागू करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही उन विशेष शिक्षकों के लिए भी अलग नियम लागू करने के निर्देश दिए हैं जो देश भर के सामान्य स्कूलों में अकेले ही विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) को शिक्षा और ट्रेनिंग प्रदान करते हैं। 

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्राधिकरण का गठन नहीं कर दिया जाता है, तब तक के लिए साल 2019 में स्टेट कमीश्नर द्वारा राजधानी दिल्ली के क्षेत्र में दिव्यांग लोगों के लिए सुझाए गए नियमों को लागू किया जाए। साल 2019 के सुझाव के मुताबिक दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति में छात्र-शिक्षक अनुपात 8:1 रखने को कहा गया था।
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जस्टिस एएम खानविल्कर की अध्यक्षता वाली पीठ दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण देने के मकसद से इसके मुताबिक योग्य विशेष शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका उन शिक्षकों ने दायर की थी, जो बीएड (स्पेशल) और डीएड (स्पेशल) या फिर डिप्लोमा की डिग्री रखते हैं और स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को पूरी तरह से शिक्षा और ट्रेनिंग देने के योग्य हैं।   
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पीठ ने कहा है कि सभी स्टेट कमीश्नर को फरवरी 2022 के अंत में इस मामले में अदालत में रिपोर्ट सौंपनी पड़ेगी, इसके बाद न्यायलय मार्च 2022 में इसकी समीक्षा करेगा। न्यायालय ने इस मामले में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारिता विभाग के सचिव, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग और शिक्षा मंत्रालय को भी इस मामले में नोटिस जारी किया है। 


2011 के आकड़ों के अनुसार देश में दिव्यांग व्यक्तियों की जनसंख्या देश की कुल आबादी का 2.21 फीसदी है। वर्तमान में इनके लिए काउंसिल में पंजीकृत विशेष शिक्षकों की कुल संख्या 1,20,781 है। डेटा के अनुसार देशभर में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) की संख्या 22.5 लाख के करीब है। 

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