Internet Shutdown: सुप्रीम कोर्ट में परीक्षाओं के दौरान इंटरनेट शटडाउन के खिलाफ याचिका, मंत्रालय को नोटिस जारी
Internet Shutdown: संगठन द्वारा दायर की गई याचिका में राज्य स्तर और केंद्रीय परीक्षाओं के दौरान इंटरनेट बंद करने को चुनौती दी गई है।
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Internet Shutdown: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस नकल रोकने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान इंटरनेट बंद करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर भेजा गया है। सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर नाम के एक कानूनी सेवा संगठन की ओर से यह याचिका दायर की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में मनमाने ढंग से इंटरनेट बंद करने का आरोप लगाने वाली याचिका पर शुक्रवार को केंद्र से जवाब मांगा। कोर्ट ने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि क्या इस मुद्दे पर कोई प्रोटोकॉल मौजूद है?
क्या कहा गया है याचिका में
संगठन द्वारा दायर की गई याचिका में राज्य स्तर और केंद्रीय परीक्षाओं के दौरान इंटरनेट बंद करने को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने राज्यों को यह निर्देश देने की मांग की है कि परीक्षाओं में धोखाधड़ी को रोकने और ऐसे अन्य नियमित प्रशासनिक कारण के कारण इंटरनेट सेवाओं को निलंबित न करें।
आदेश को रद्द करने की भी मांग
याचिका में याचिका में प्रतिवादी राज्य राजस्थान के 2 सितंबर, 2017 के उस व्यापक आदेश को रद्द करने की भी मांग की गई, जो राज्य के संभागीय आयुक्तों को इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने की शक्ति प्रदान करता है।
विभिन्न राज्यों में हुए हैं इंटरनेट बंद
बोर्ड और सरकारी भर्ती की परीक्षाओं में नकल और कदाचार को रोकने के लिए विभिन्न राज्यों ने कई बार इंटरनेट शटडाउन किया है। हाल ही में असम सरकार के विभिन्न विभागों में भर्ती के लिए लिखित परीक्षा के दौरान संभावित कदाचार को रोकने के मकसद से असम के 27 जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को विभिन्न तारीखों पर चार घंटे से अधिक समय के लिए निलंबित कर दिया गया था।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अग्निपथ योजना से जुड़ी याचिका खारिज कर दी। याचिका में अग्निपथ योजना के हिंसक विरोध की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। मामले में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट मामले की सुनवाई कर रहा है। इसलिए अब मुद्दों को फिर से तूल न दें।
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