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Interview - 'मैं दिल से हमेशा एक उद्यमी रही हूं' : शायरी चहल

Fri, 24 Mar 2017 05:53 PM IST
amarujala.com- Presented by: शिवेंदु शेखर
amarujala.com- Presented by: शिवेंदु शेखर Updated Fri, 24 Mar 2017 05:53 PM IST
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success story of sairi chahal founder of sheroes.in
शायरी चहल

शायरी चहल, www.sheroes.in की फाउंडर हैं। शीरोस महिलाओं के रोजगार के लिए चलाया जाने वाला एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। देश में उद्यमिता को लेकर उनसे बात की शहरयार हुसैन ने। पेश हैं बात चीत के मुख्य अंश...

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'प्रैक्टिस मेक्स अ मेन परफेक्ट' पुरुषों के लिए कही गई एक कहावत लेकिन महिलाओं का क्या? उनके लिए ऐसी कोई कहावत नहीं है क्योंकि लोग कहते हैं कि वो परफेक्ट हैं और आप उनमें से एक हैं। 'वीमेन ऑफ प्योर वंडर' की चौथी कड़ी में आपका नाम आया है। कैसा महसूस हो रहा है? 
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(मुस्कुराते हुए)! मुझे भी लोगों से बहुत मदद मिली तब जा कर आज मैं यहां पहुंची हूं। हम सफल होते हैं क्योंकि कोई न कोई होता है जो हमारी मदद के लिए खड़ा होता है। आपके काम को तारीफ मिले ये अपने आप में एक बहुत बड़ा एहसास है। मैं बहुत ही शानदार महसूस करती हूं जब मेरे काम और महिला सशक्तिकरण को लेकर बातें की जाती हैं।     
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एक पत्रकार के अलावा लोग आपको एक जाने माने वेबसाइट 'शीरोस' के लिए जानते हैं जो कि रोजगार की तलाश कर रही महिलाओं की मदद करती है। इन दोनों को एक साथ मैनेज करना कितना मुश्किल था? 

हां...वास्तव में, मैंने बहुत कुछ किया है। मैं दिल से हमेशा एक उद्यमी ही रही हूं। जब मैंने अपने करियर की शुरुआत की थी यानि लगभग 20 साल पहले तब मैं एक पत्रकार थी। 

कामकाजी महिलाओं के लिए वेबसाइट लॉन्च करने का ख्याल दिमाग में कब आया?

ये कई सालों से मेरे दिमाग में था। हमने इसे 14 जनवरी, 2014 को लॉन्च किया। इस पर हमें बेहद ही शानदार प्रतिक्रिया मिली। हमारी वेबसाइट पर तकरीबन 20,000 से भी ज्यादा जगहों से महिलाएं जुड़ी हुई हैं। वो सभी दूसरी महिलाओं की मदद कर रही हैं। हमारे पास इंडस्ट्री के सलाहकार हैं जो हमारी सदस्यों के साथ अपनी जरूरी जानकारी साझा करते रहते हैं। हम सीखने सीखाने वाली सामग्री वेबसाइट पर डालते हैं। हमारी ऑनलाइन कम्युनिटी अब 10 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है।  


sheroes.in कैसे महिलाओं के सपनों को सच करने में मदद करता है? 

मूलभूत तौर पर हम सुझाव देते हैं। हम एक करियर हेल्पलाइन चलाते हैं। वो हेल्पलाइन का इस्तेमाल कर सलाह और जरूरी जानकारी ले सकती हैं। वो नौकरियां ढूंढ सकती हैं। हम कंपनियों के साथ घर से काम करने की सेवा पर भी ध्यान देते हैं। ताकि महिलाओं को घर बैठे काम करने की भी सुविधा मिल सके। 
 

पहले थीं फ्लेक्सीमॉम्स की सह-संस्थापक

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शायरी चहल
अपने बचपन के दिनों के बारे में कुछ बताइए? 

मेरा जन्म उत्तर प्रदेश के एक छोटे से शहर मुजफ्फरनगर में हुआ था। मैं वहीं पली बढ़ी। मेरी स्कूली पढ़ाई भी वहीं से ही हुई। मेरे मां-बाप चाहते थे कि मैं प्रोफेसर बनूं लेकिन मैंने उद्यमी बनना पसंद किया। 

अपने स्कूल के दिनों की किसी खास यादगार घटना के बारे में बताइए? 

जब मैंने 10वीं पास किया। हमारे स्कूल में ह्युमेनिटीज की पढ़ाई 10+2 लेवल पर नहीं होती थी। लेकिन मैं ह्युमेनिटीज ही पढ़ना चाहती थी। मैं अपने कुछ दोस्तों के साथ प्रिंसिपल के पास गई। हमने उन्हें एक नया सेक्शन शुरू करने के लिए मना लिया। हमारे निवेदन को मानते हुए उन्होंने ह्युमेनिटीज के तीन बच्चों के लिए एक अलग सेक्शन शुरू करवा दिया। 

स्कूल के दिनों में आप कैसी स्टूडेंट रही हैं? 

मैं बहुत ही पढ़ने लिखने वाली स्टूडेंट थी। मैं शिक्षकों की पसंदीदा थी। मैंने अकेडमिक्स में हमेशा शानदार परफॉरमेंस दिया है। मुझे पढ़ने में मजा आता था। 

छात्रों के लिए आपका क्या सन्देश है? 

सीखने और आगे बढ़ते रहने की भूख कभी रुकनी नहीं चाहिए। छात्र हमेशा ऐसे माहौल में रहते हैं जहां संभावनाओं का अथाह सागर है। छात्रों को उन्हें मिले मौके का हमेशा इस्तेमाल करना चाहिए। आपको अपनी कल्पनाओं, विचारों पर हमेशा काम करते रहना चाहिए, लगातार बिना रुके पूरे भरोसे और विश्वास के साथ। 

शायरी चहल हिंदुस्तान की कामकाजी महिलाओं में टॉप की श्रेणी की महिला हैं। उन्होंने www.sheroes.in शुरू किया और इससे पहले फ्लेक्सीमॉम्स की सह-संस्थापक भी रह चुकी हैं। 
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