फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Success Stories ›   success story of jack maa, owner of world's largest e-commerce firm

बचपन में टूरिस्ट गाइड आज दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी का मालिक

Thu, 09 Mar 2017 02:25 PM IST
amarujala.com-Written by: शिवेंदु शेखर
amarujala.com-Written by: शिवेंदु शेखर Updated Thu, 09 Mar 2017 02:25 PM IST
विज्ञापन
success story of jack maa, owner of world's largest e-commerce firm
जैक मा - फोटो : source

'इंसान लाख चाहे तो क्या होगा, वही होगा जो तकदीर में लिखा होगा...'

विज्ञापन


इन लइनों में अपनी जिंदगी का फलसफा ढूंढने वाले बहुत कम लोग ही हैं जो सफल हुए हैं। सफलता तो उन्हें मिलती है जो ढर्रों को तोड़ आगे निकलने की कुव्वत रखते हैं। 

'जैक मा' के नाम से आप में से बहुत लोग वाकिफ होंगे। जो नहीं हैं उन्हें बता दें, जैक मा दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी 'अलीबाब.कॉम' के मालिक हैं। लेकिन क्या ये सफर इतना आसान और सीधा था? नहीं, बिल्कुल भी नहीं। क्या है जैक मा के सफर की कहानी, आइए आपको बताते हैं... 
विज्ञापन

 

success story of jack maa, owner of world's largest e-commerce firm
जैक मा - फोटो : source

जैक मा दुनिया के उन कुछ गिने चुने लीडर्स में से एक हैं जिनकी  जिंदगी की कहानी हर किसी को इंस्पायर करती है। जैक मा का जन्म चीन के वांगज़ो प्रांत में हुआ था। जन्म एक निम्न मध्यम वर्ग के परिवार में हुआ था। जैक मा की एक आदत थी, नई चीजों को सीखने की, नए स्किल्स सीखने की। ये आदत उनमें बचपन से थी। 

अंग्रेजी सीखने का शौक हुआ तो फॉरेन से आने वाले टूरिस्टों के लिए गाइड का काम करने लगे। उनसे अंग्रेजी के लक्षण सीख गए। अब बारी थी पारंपरिक तौर से अंग्रेजी सीखने की। चीन के ही नॉर्मल यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले लिया और वहीं से अंग्रेजी में ग्रेजुएशन कम्पलीट कर लिया। बाद में उन्होंने श्योंग कोंग ग्रेजुएट स्कूल ऑफ़ बिजनेस, बीजिंग से भी डिग्री ली। 
 

स्कूल में मास्टर साहब का काम...

success story of jack maa, owner of world's largest e-commerce firm
जैक मा - फोटो : source

शुरूआती दौर में अंग्रेजी सिखाने का काम किया। मतलब स्कूल में मास्टर साहब बन गए। लेकिन बचपन की आदत कहां जाती, नित नई चीजें सीखते रहने की। 

दुनिया कंप्यूटर के युग में अभी प्रवेश कर रही थी। कंप्यूटर अभी भी आम आदमी की पहुंच से काफी दूर था। तभी 1995 में जैक मा ने एक ऑनलाइन बिजनेस शुरू किया। इस वक्त इस तरह के बिजनेस का सीधा मतलब था रिस्क। खास कर तब जब आपकी फैमिली की फाइनेंसियल कंडीशन बहुत अच्छी नहीं हो। लेकिन जैक मा ने ये रिस्क लिया। 'चाइना पेजेज' नाम की वेबसाइट शुरू हुई। शायद चीन का पहला रजिस्टर्ड वेब बिजनेस सेट अप था। 

लेकिन बिजनेस बहुत अच्छा नहीं कर पा रहा था तो जैक मा ने पूरे प्रोसेस को समझने के लिए कुछ वक्त तक कॉमर्स मिनिस्ट्री जॉइन कर लिया। 

1999 में जैक वापस वांगज़ो लौटे और अलीबाबा.कॉम की शुरुआत की। लेकिन तब ये आम लोगों के इस्तेमाल के लिए नहीं था, उस वक्त ये बिजनेस करने वाले लोगों के लिए बाजार से जुड़ने का एक प्लेटफॉर्म था। अलीबाबा ने चीन के एक्सपोर्टर्स के लिए दुनिया के दूसरे खरीददारों से संपर्क बनाने में साथ दिया। बिजनेस ठीक चल रहा था। इसके बाद बारी थी बिजनेस को आगे बढाने की। 
 

विज्ञापन

साल था 2003 के बाद...

success story of jack maa, owner of world's largest e-commerce firm
जैक मा - फोटो : source

तब जैक ने सॉफ्ट बैंक और गोल्डमैन सैक्स से संपर्क किया। ये वो संस्था हैं जो दुनियाभर में नए बिजनेस आइडिया को फंड मुहैय्या करवाती है। उन्होंने जैक का प्रपोजल मान लिया और इन्हें फंड मिल गया।

अलीबाबा का वक़्त था आम कस्टमर्स के लिए तैयार होने का और जैक मा ने अलीबाबा को अब कस्टमर टू कस्टमर प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार कर लिया। अलीबाबा हिट हो गई। कंपनी ने शुरूआती कुछ वक्त मुनाफों से भी समझौता किया और सर्विस को लगातार बेहतर करने में लगा रहा। 

साल था 2003, जब कंप्यूटर ने घर-घर तक अपने पहुंच की तैयारी कर ली थी। बिजनेस बढ़ता चला गया और जैक मा लगातार नए प्रयोगों के साथ आगे बढ़ते गए। 

आज की तारीख में अलीबाब की करीब 9 अलग-अलग कंपनियां चलती हैं जिनमें अलीपे और अलीबाबा क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे बड़े ब्रांड हैं। यहां तक कि इंडिया में पेटीएम को मजबूत करने में भी अलीबाबा का ही हाथ है। आज पेटीएम कितनी बड़ी चीज है ये हम और आप सभी समझते हैं। एक पूरी पीढ़ी के लिए जैक मा एक इंस्पिरेशन बन चुके हैं। 

उनकी कही तो खैर कई बातें मशहूर हैं लेकिन जो हमें बहुत ही अच्छी लगी वो एक पेश है: 

'कभी हार ना मानें। आज मुश्किल है, कल शायद और भी मुश्किल हो लेकिन कल के बाद का दिन सिर्फ उदय होगा।' - जैक मा 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed