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Success Story: पटवारी से IPS, छह साल में 12 सरकारी नौकरियां, जानिए राजस्थान के प्रेमसुख डेलू की सफलता का राज

Thu, 20 Jul 2023 07:44 PM IST
श्वेता महतो एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता महतो Updated Thu, 20 Jul 2023 07:44 PM IST
सार

राजस्थान के बीकानेर के रहने वाले प्रेमसुख डेलू एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। गरीबी से बाहर निकलने के लिए उन्होंने दिन-रात कड़ी मेहनत की और पटवारी की परीक्षा पास की।

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Success Story of ips premsukh delu who change twelve government jobs in six years
IPS Premsukh Delu - फोटो : Social Media

विस्तार

यूपीएससी को भारत में सबसे कठिन परिक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल लाखों बच्चे इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन कुछ ही बच्चें ऐसे होते हैं जो इसे पास कर पाते हैं। इन परिक्षार्थियों में से कुछ ऐसे भी होते हैं, जिन्हें अपनी काबिलियत का अच्छे से पता होता है और वह वह लगातार सफलता हासिल करते जाते हैं।

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ऐसा ही कुछ राजस्थान के बीकानेर के एक किसान परिवार में जन्में प्रेमसुख डेलू के साथ हुआ है, जो पहले पटवारी बने और फिर यूपीएससी की परीक्षा पास करके आईपीएस बनकर समाज के सामने मिशाल कायम किया।

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प्रेमसुख डेलू की सफलता की कहानी 


प्रेमसुख डेलू भले ही एक किसान परिवार में पैदा हुए हों, लेकिन अपनी कड़ी मेहनत के बल पर वह पहले पटवारी बने। साल 2010 में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने पटवारी की भर्ती के लिए आवेदन किया और सफल हो गए। पटवारी बनने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईपीएस बन गए।

एमए में गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे

पटवारी की नौकरी करते हुए उन्होंने मास्टर्स की डिग्री हासिल की और नेट भी पास किया। दसवीं तक सरकारी स्कूल में पढ़ने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने  बीकानेर के राजकीय डूंगर कॉलेज में दाखिला लिया। उन्होंने इतिहास में एमए किया और गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे। इसके बाद प्रेमसुख ने इतिहास में ही यूजीसी नेट और जेआरएफ की भी परीक्षा पास की।

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पिता चलाते थे ऊंट गाड़ी

प्रेमसुख डेलू का जन्म किसान परिवार में होने के कारण उनकी घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उनके पिता ऊंटगाड़ी चलाकर लोगों का सामान एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने का काम करते थे। प्रेमसुख इस गरीबी से बाहर निकलना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने दिन-रात एक करके पढ़ाई की।

बड़े भाई ने किया प्रेरित

उनके बड़े भाई राजस्थान पुलिस में कॉन्सटेबल हैं। उन्होंने प्रेमसुख को इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था। यह प्रमसुख डेलू की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है जो उनकी छह साल में अबतक 12 सरकारी नौकरियां लगी हैं। 

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