कभी पार्टी के शौक ने छीन ली थी नौकरी, आज अरबों की मालकिन
कहते हैं सफलता उन्हें मिलती है जो मेहनत करते हैं, जुझारू होते हैं और कुछ बड़ा करने का जज्बा रखते हैं। अक्सर सुना होगा कि पढ़ाई में कमजोर होने के बावजूद आज वो कितना कामयाब है। ऐसी ही कहानी है एक औरत की जिसका पढ़ाई में मन नहीं लगा लेकिन फिर भी आज करोड़ों के कारोबार की मालकिन है।
लंदन की 32 वर्षीय लौरा वार्ड ऑन्गले ने मिरर को अपनी कहानी बातई कि कैसे उन्हें उनकी पहली नौकरी से निकाला गया और कैसे वो आज एक बहुत बड़ी कंपनी की सीईओ हैं। लौरा बताती हैं कि वो एक छोटे से शहर से इस बड़े शहर में पढ़ने आई थीं।
लेकिन कॉलेज और किताबों में मन लगने के बजाए वो शहर की चमचाती जिंदगी की तरफ ही आकर्षित होती रहती थीं। लौरा कॉलेज में पढ़ने के बजाए कोई नौकरी कर के अपने लिए ऐश और आराम की जिंदगी बनाना चाहती थीं।
हर जगह अपना रिज्यूमे भेजने और बार बार नाकामी हासिल होने के आखिरकार दो महीने बाद उन्हें एक ऑफिस में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी मिली। ऑफिस ऐसी जगह ही था कि शहर के बड़े बड़े क्लबों और पब में उनका रोज का आना जाना हो गया।
रोज रोज की पार्टियों ने छुड़वा दी नौकरी
धीरे धीरे ये पार्टियों की लत उनके काम पर असर करने लगी। नौबत यहां तक आ गई कि वह रात भर पार्टी करती थी और दिन में ऑफिस।
जहां ऑफिस में उन्हें अच्छे से तैयार हो कर जाने की जरूरत थी तो वहां वो रात के उन्हीं कपड़ो में पहुंच जाती थीं। कई बार नौकरी से निकाले जाने की धमकियां मिलने के बाद आखिरकार दो साल बाद उन्हें निकाल ही दिया गया।
थोड़े दिन उदास रहने के बाद उन्होंने सोचा कि अब वो कुछ ऐसा करेंगी जिसमें उनका मन लगे। एडवर्टाइजिंग में काम करने की इच्छा रखने वाली लौरा ने सबसे अच्छी कंपनी में अप्लाई किया जहां उन्हें कारों का लेखा जोखा रखना था।
कारों के बारे में बिलकुल भी जानकारी न होने के बावजूद उन्होंने वीडियो देख देख कर खुद को इंटरव्यू के लिए तैयार किया और यह नौकरी हासिल की।
आखिरकार कंपनी में सात साल तक दिल लगा कर काम करने के बाद उन्हें एडवर्टाइजिंग एजेंसी बोर्ड में एक उच्च पद ऑफर हुआ। लेकिन काफी सोचने विचारने के बाद उन्होंने तय किया कि वे खुद का काम शुरू करना चाहती हैं औऱ उन्होंने इस बड़ी नौकरी को अलविदा कह दिया।
आखिर शुरू कर दी खुद की कंपनी
लौरा कहती हैं, ''जिस चीज को हमेशा से चाहा हो, उसके लिए काम न कर पाने पर बहुत बुरा लगता है।'' लौरा को समझ आ रहा था कि सोशल मीडिया से जरिए बहुत कुछ किया जा सकता है। इसे कारोबार के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
लेकिन लौरा की यह बात लोगों की समझ से परे थी। उन्होंने लौरा को अच्छी खासी नौकरी छोड़ कर अपना काम शुरू करने के लिए काफी कुछ सुनाया भी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और बैंक से छोटा मोटा लोन लेकर अपनी कंपनी शुरू की जिसका नाम रखा 'फैब ट्रेड'।
यह कंपनी छोटे ब्रैंड्स को सोशल मीडिया के जरिए अपना प्रचार करने का मौका देती है ताकि वे उन लोगों तक अपनी पहचान बना पाएं जिनकी सोशल मीडिया पर अच्छी पकड़ है और उनके फॉलोवर हैं। धीरे धीरे बाकी कंपनियां भी लौरा की तरह ऐसा करने लगीं।
आज बन गई हैं अरबो की मालकिन
अब लौरा इस फील्ड में सबसे आगे हैं। वो दुनिया की बडी से बड़ी कंपनियों को सोशल मीडिया की ताकत को समझाते हुए अपने साथ बिजनेस करने के लिए मनाती हैं। इस साल की शुरुआत में फैबट्रेड की कमाई और मुनाफे का आंकलन किया गया।
सामने आया कि इस कंपनी की कीमत £10 मिलियन यानि करीब 1,03,23,76,887 रुपए है। जल्द ही यह कंपनी बाकी शहरों में भी अपना फैलाव करने की सोच रही है। लौरा कहती हैं कि उन्हें अभी भी वैसा ही लगता है जैसा शुरुआत में लगता था।
वे कहती हैं कि,'' इससे यही साबित होता है कि हर काम को करने के लिए डिग्री की जरूरत नहीं होती। कुछ नौकरियों में जरूरी है लेकिन मेरे जानने वालों में जितने लोग कामयाब हैं उनमें से कई लोग कॉलेज तक नहीं गए।''
वाकई, लौरा की यह कहानी यही दिखाती है कि अगर कुछ करने का जज्ब रखते हो तो रिस्क भी लेने पड़ते हैं और उसे पाने के लिए पूरी लगन से काम करना पड़ता है।
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