फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Success Stories ›   ISRO Chandrayan 3 isro chairman Know who is S. Somnath played an important role in India's moon mission 3

Success Story: जानिए कौन हैं इसरो के चीफ एस सोमनाथ, भारत को चांद पर पहुंचाने में निभाई अहम भूमिका

Thu, 24 Aug 2023 03:36 PM IST
सौरभ पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सौरभ पांडेय Updated Thu, 24 Aug 2023 03:36 PM IST
सार

ISRO chief S Somanath: भारत ने चांद पर पहुंचकर इतिहास रच दिया है। चंद्रयान-3 का लैंडर मॉड्यूल (एलएम) चंद्रमा की सतह पर उतर गया। इसके साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश भी बन गया। लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) से युक्त लैंडर मॉड्यूल ने बुधवार शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र पर सॉफ्ट लैंडिंग की। 

विज्ञापन
ISRO Chandrayan 3 isro chairman Know who is S. Somnath played an important role in India's moon mission 3
ISRO chief S. Somnath - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

ISRO Chandrayan 3: बुधवार 23 अगस्त 2023 शाम 06 बजकर 04 मिनट पूरे देश में जश्न का माहौल था। हो भी क्यों न भारत ने चांद फतह कर लिया था। इसरो का मून मिशन चंद्रयान 3 सुरक्षित तरीके से चंदमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतर चुका था। देश के इतिहास में यह गौरव का क्षण था। चंद्रयान 3 मिशन की सफलता के पीछे ISRO में इसके प्रोजेक्ट डायरेक्टर पी वीरामुथुवल और उनकी टीम ने दिन-रात एक कर दिया था। यह पूरा ऑपरेशन जिनकी निगरानी में चल रहा था, वह थे इसरो के मुखिया एस सोमनाथ...आज हम उन्हीं के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए शुरू करते हैं... 

विज्ञापन

एस सोमनाथ के बारे में...

केरल के अलापुझा जिले में साल 1963 में जन्में सोमनाथ का पूरा नाम श्रीधर परिकर सोमनाथ है। उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई स्थानीय शिक्षण संस्थानों से हुई। इसके बाद सोमनाथ ने केरल के कोल्लम स्थित टीकेएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। यहां से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान सोमनाथ काफी तेज-तर्रार छात्र हुआ करते थे। इसके बाद उन्होंने बंगलुरु के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस (IISc) से पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया। वह यहां गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

PSLV डेवलप करने में योगदान

सोमनाथ की विज्ञान और अंतरिक्ष को लेकर बचपन से ही बड़ी रुचि थी। साल 1985 में एस सोमनाथ, विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर से जुड़ गए। करियर की शुरुआत पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) से की थी। यह प्रोग्राम भारत के स्पेस प्रोग्राम में गेम चेंजर साबित हुआ। डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम उस समय इस प्रोजेक्ट के डायरेक्टर थे। PSLV को विकसित करने में सोमनाथ का खासा योगदान रहा है।

विज्ञापन

कई विषयों के एक्सपर्ट हैं सोमनाथ

वैज्ञानिक और इसरो ते मुखिया एस सोमनाथ एक नहीं, बल्कि कई विषयों के एक्सपर्ट हैं। वह लॉन्च व्हीकल डिजाइनिंग जानते हैं, उन्होंने लॉन्च व्हीकल सिस्टम इंजीनियरिंग, स्ट्रक्चरल डिजाइन, स्ट्रक्चरल डायनेमिक्स, मैकेनिज्म डिजाइन और पायरोटेक्निक में विशेषज्ञता हासिल की है।

अब इन बड़े मिशन की जिम्मेदारी

वैज्ञानिक डॉ. सोमनाथ इसरो से पहले विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र और तरण प्रणोदन प्रणाली केंद्र के डायरेक्टर भी रहे हैं। इसरो के ज्यादातर मिशन में इस्तेमाल हुए रॉकेट में तकनीक को शामिल करने का काम इन्हीं दोनों संस्थानों ने किया है। चंद्रयान-3 के बाद डॉ. एस सोमनाथ के हाथों में दो बड़े मिशन की कमान होगी। इसमें आदित्य-एल1 और गगनयान शामिल है।


 

इसरो की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान 

वैज्ञानिक एस सोमनाथ को बीते साल जनवरी में इसरो चीफ के पद पर नियुक्त किया गया। इसरो का मुखिया बनने से पहले एस सोमनाथ, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) के निदेशक थे। उनके पहले ISRO चीफ के पद की जिम्मेदारी के. सिवन संभाल रहे थे। के सिवन के कार्यकाल में ही च्रदयान 2 की लॉन्चिंग हुई थी। Chandrayaan-2 के लैंडर के इंजन को भी सोमनाथ ने ही डेवेलप किया था।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed