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UPSC Success Story: दिल्ली की इशिता ने बिना कोचिंग हासिल की यूपीएससी परीक्षा में 8वीं रैंक, जानिए उनकी रणनीति
Mon, 24 Oct 2022 12:09 PM IST
सौरभ पांडे
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: सौरभ पांडे
Updated Mon, 24 Oct 2022 12:09 PM IST
सार
दिल्ली की रहने वाली इशिता राठी ने यूपीएसी की परीक्षा में आठवीं रैंक हासिल का है। उन्होंने खुद से ही परीक्षा की तैयारी की थी।
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ias Ishita Rathi,
- फोटो : socia media
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विस्तार
UPSC Success Story: अगर मन में किसी मंजिल को पाने का संकल्प और जज्बा हो तो यकीन मानिए कोई भी मंजिल नामुमकिन नहीं होती। अपनी-मेहनत के दम पर हमारे आस-पास के अनगिनत लोगों ने सफलता प्राप्त की है। हर साल इस देश में करोड़ों की संख्या में युवा अपने सपने को साकार करने के लिए मेहनत कर रहे होते हैं। इनमें लाखों की संख्या में युवा यूपीएससी की तैयारी करते हैं। इनमें से हर साल सैकड़ों की संख्या में अपना सपना साकार करते हैं और परीक्षा को पास करते हैं। हालांकि, सभी के लिए सफलता आसान नहीं होती। कईयों को इसके लिए भारी संघर्ष करना होता है। ऐसे ही सफल उम्मीदवारों की कहानी हम लेकर आते हैं अपनी सक्सेस स्टोरी के माध्यम से। आज हम बात करेंगे दिल्ली की इशिता राठी की जिन्होंने इस साल यूपीएससी की परीक्षा में 8वीं रैंक हासिल की है। आइए जानते हैं उनकी सफलता की कहानी ...
इशिता राठी के माता-पिता दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। इशिता राठी ने बताया कि अपने माता-पिता को देखकर ही उन्होंने भी देश सेवा करने का सपना देखा था। इशिता ने अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा को पास किया है। 26 वर्षीया इशिता ने कहा कि वह देश में महिला सशक्तिकरण के लिए काम करना चाहती हैं, क्योंकि उनका मानना है कि अगर महिलाओं का देश में विकास होता है, तो देश का भी विकास जारी रहता है।
इशिता ने कहा कि यूपीएससी सीएसई 2021 परिणाम की घोषणा के बाद से उनके सामने नई चुनौतिया हैं। उन्होंने कहा कि वह शीर्ष 10 की सूची में अपना नाम पाकर हैरान थीं। “यह परीक्षा बहुत अनिश्चित है। हर प्रयास पिछले प्रयास से बहुत अलग होता है। इसलिए जब तक नतीजे नहीं आ जाते, तब तक पता नहीं चलता कि कौन सी रणनीति कारगर रही और क्या नहीं। इशिता ने बताया कि मेरे लिए कई अन्य उम्मीदवारों की तरह यह यात्रा कठिन रही है। मैं इतने अच्छे रैंक की उम्मीद नहीं कर रही थी और मुझे यकीन भी नहीं था कि मैं फाइनल में पहुंच पाऊंगी। लेकिन मैंने ऐसा किया और यह चौंकाने वाला है।
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UPSC Success Story: खुद से की परीक्षा की तैयारी
मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने वाली इशिता ने कहा कि उन्होंने परीक्षा पास करने के लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। अपनी तैयारी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने कोई कोचिंग नहीं ली, लेकिन अपने वैकल्पिक विषय ( अर्थशास्त्र ) के लिए मैंने सलाह ली थी। अपनी स्वयं की तैयारी के बारे में जानकारी देते हुए इशिता ने बताया कि “पाठ्यक्रम को देखने के बाद मैंने महसूस किया कि इन विषयों को अपने आप कवर किया जा सकता है। अब बहुत सारी मुफ्त सामग्री उपलब्ध है, जिससे छात्र मदद ले सकते हैं और खुद परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं।”
UPSC Success Story: टॉपर्स को सुनकर तैयार की रणनीति
इशिता ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्षों के टॉपर्स को सुनकर अपनी रणनीति तैयार की। “भूगोल और राजनीति जैसे कुछ विषयों के लिए एनसीईआरटी बहुत ही अच्छी तरह से लिखी गई हैं, इसलिए उन्हें पढ़ने से उम्मीदवारों के लिए कई चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। उन्हें समाचार पत्र और करंट अफेयर्स पढ़कर भी मदद मिली।
UPSC Success Story: यूपीएससी की किताबों से मिली मदद
इशिता ने बताया कि मैंने यूपीएससी की तैयारी के लिए किताबों से भी मदद ली, जिनमें राजनीति के लिए लक्ष्मीकांत और इतिहास के लिए स्पेक्ट्रम शामिल हैं। मैंने ज्यादातर उन सभी संसाधनों का उपयोग किया जो अधिकांश टॉपर्स द्वारा बताए जाते हैं। इससे मुझे मदद मिली। तैयारी की टिप्स देते हुए उन्होंने कहा, "उम्मीदवारों को विषयों में विशेषज्ञता जैसे लक्षित अध्ययन करने का प्रयास करना चाहिए। यह एक ऐसी परीक्षा है जहां उम्मीदवारों को सभी विषयों को जानने की जरूरत होती है और इसे समयबद्ध तरीके से करने से मदद मिलती है।
UPSC Success Story: परीक्षा की तैयारी के लिए खुद को दिया टारगेट
इशिता ने कहा कि उन्होंने कुछ घंटों की पढ़ाई के साथ अपने दिनों की योजना बनाई और फिर बीच में ब्रेक ले लिया। परीक्षा की तैयारी के लिए मैं जल्दी उठ जाती थी। खास बात यह है कि समय को ध्यान में रखकर पढ़ाई नहीं की बल्कि खुद को टारगेट दिया। कभी-कभी लक्ष्य मेरे विचार से पहले ही पूरे हो जाते थे, जबकि अन्य दिनों में इसमें 10 घंटे से अधिक समय लग जाता था।
UPSC Success Story: यूपीएससी के उम्मीदवारों को दी टिप्स
इशिता को जब यूपीएससी के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा की टिप्स देने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, “सबसे पहले आत्मविश्वासी बनें। सकारात्मक लोगों के बीच रहें और आश्वस्त रहें कि आपने जो परीक्षा की तैयारी की है, आप उसे पास कर लेंगे। अपने साथ परीक्षा हॉल में तर्क ले जाएं। क्योंकि प्रारंभिक परीक्षा अधिक से अधिक व्यक्तिपरक होती जा रही है और इसके लिए तर्क मदद करेगा।
UPSC Success Story: यूपीएससी के उम्मीदवारों को दी टिप्स
इशिता को जब यूपीएससी के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा की टिप्स देने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, “सबसे पहले आत्मविश्वासी बनें। सकारात्मक लोगों के बीच रहें और आश्वस्त रहें कि आपने जो परीक्षा की तैयारी की है, आप उसे पास कर लेंगे। अपने साथ परीक्षा हॉल में तर्क ले जाएं। क्योंकि प्रारंभिक परीक्षा अधिक से अधिक व्यक्तिपरक होती जा रही है और इसके लिए तर्क मदद करेगा।
UPSC Success Story: माता-पिता को देखकर हुई देश सेवा की इच्छा
इशिता ने कहा कि उनके अंदर अपने माता-पिता को पुलिस अधिकारी के रूप में अपने काम से संतुष्ट देखकर और देश की सेवा करने की लगन से उन्हें आईएएस अधिकारी बनने की इच्छा हुई। टॉपर ने कहा, वे मेरी प्रेरणा रहे हैं, जिन्होंने मुझे यह भी महसूस कराया कि देश की सेवा करने के लिए सिविल सेवा मेरे लिए सबसे प्रभावी मंच होगा। इशिता ने कहा कि उसके सपने को साकार करने के लिए, उनके माता-पिता ने उन्हें वह सभी समर्थन और संसाधन दिए, जो उसे खुद परीक्षा की तैयारी के लिए चाहिए थे।
UPSC Success Story: महिला और बच्चों के सशक्तिकरण पर काम करना लक्ष्य
इशिता का लक्ष्य आईएएस अधिकारी के रूप में महिला और बच्चों के सशक्तिकरण के लिए काम करना है। उन्होंने कहा, 'अगर किसी देश में महिलाओं का विकास होगा तभी देश का विकास हो सकता है। इस साल यूपीएससी की शीर्ष 10 उम्मीदवार महिलाएं हैं, और इससे मुझे सकारात्मक बदलाव की और उम्मीद है।
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इशिता राठी के माता-पिता दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। इशिता राठी ने बताया कि अपने माता-पिता को देखकर ही उन्होंने भी देश सेवा करने का सपना देखा था। इशिता ने अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा को पास किया है। 26 वर्षीया इशिता ने कहा कि वह देश में महिला सशक्तिकरण के लिए काम करना चाहती हैं, क्योंकि उनका मानना है कि अगर महिलाओं का देश में विकास होता है, तो देश का भी विकास जारी रहता है।
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इशिता ने कहा कि यूपीएससी सीएसई 2021 परिणाम की घोषणा के बाद से उनके सामने नई चुनौतिया हैं। उन्होंने कहा कि वह शीर्ष 10 की सूची में अपना नाम पाकर हैरान थीं। “यह परीक्षा बहुत अनिश्चित है। हर प्रयास पिछले प्रयास से बहुत अलग होता है। इसलिए जब तक नतीजे नहीं आ जाते, तब तक पता नहीं चलता कि कौन सी रणनीति कारगर रही और क्या नहीं। इशिता ने बताया कि मेरे लिए कई अन्य उम्मीदवारों की तरह यह यात्रा कठिन रही है। मैं इतने अच्छे रैंक की उम्मीद नहीं कर रही थी और मुझे यकीन भी नहीं था कि मैं फाइनल में पहुंच पाऊंगी। लेकिन मैंने ऐसा किया और यह चौंकाने वाला है।
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UPSC Success Story: खुद से की परीक्षा की तैयारी
मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने वाली इशिता ने कहा कि उन्होंने परीक्षा पास करने के लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। अपनी तैयारी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने कोई कोचिंग नहीं ली, लेकिन अपने वैकल्पिक विषय ( अर्थशास्त्र ) के लिए मैंने सलाह ली थी। अपनी स्वयं की तैयारी के बारे में जानकारी देते हुए इशिता ने बताया कि “पाठ्यक्रम को देखने के बाद मैंने महसूस किया कि इन विषयों को अपने आप कवर किया जा सकता है। अब बहुत सारी मुफ्त सामग्री उपलब्ध है, जिससे छात्र मदद ले सकते हैं और खुद परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं।”
UPSC Success Story: टॉपर्स को सुनकर तैयार की रणनीति
इशिता ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्षों के टॉपर्स को सुनकर अपनी रणनीति तैयार की। “भूगोल और राजनीति जैसे कुछ विषयों के लिए एनसीईआरटी बहुत ही अच्छी तरह से लिखी गई हैं, इसलिए उन्हें पढ़ने से उम्मीदवारों के लिए कई चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। उन्हें समाचार पत्र और करंट अफेयर्स पढ़कर भी मदद मिली।
UPSC Success Story: यूपीएससी की किताबों से मिली मदद
इशिता ने बताया कि मैंने यूपीएससी की तैयारी के लिए किताबों से भी मदद ली, जिनमें राजनीति के लिए लक्ष्मीकांत और इतिहास के लिए स्पेक्ट्रम शामिल हैं। मैंने ज्यादातर उन सभी संसाधनों का उपयोग किया जो अधिकांश टॉपर्स द्वारा बताए जाते हैं। इससे मुझे मदद मिली। तैयारी की टिप्स देते हुए उन्होंने कहा, "उम्मीदवारों को विषयों में विशेषज्ञता जैसे लक्षित अध्ययन करने का प्रयास करना चाहिए। यह एक ऐसी परीक्षा है जहां उम्मीदवारों को सभी विषयों को जानने की जरूरत होती है और इसे समयबद्ध तरीके से करने से मदद मिलती है।
UPSC Success Story: परीक्षा की तैयारी के लिए खुद को दिया टारगेट
इशिता ने कहा कि उन्होंने कुछ घंटों की पढ़ाई के साथ अपने दिनों की योजना बनाई और फिर बीच में ब्रेक ले लिया। परीक्षा की तैयारी के लिए मैं जल्दी उठ जाती थी। खास बात यह है कि समय को ध्यान में रखकर पढ़ाई नहीं की बल्कि खुद को टारगेट दिया। कभी-कभी लक्ष्य मेरे विचार से पहले ही पूरे हो जाते थे, जबकि अन्य दिनों में इसमें 10 घंटे से अधिक समय लग जाता था।
UPSC Success Story: यूपीएससी के उम्मीदवारों को दी टिप्स
इशिता को जब यूपीएससी के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा की टिप्स देने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, “सबसे पहले आत्मविश्वासी बनें। सकारात्मक लोगों के बीच रहें और आश्वस्त रहें कि आपने जो परीक्षा की तैयारी की है, आप उसे पास कर लेंगे। अपने साथ परीक्षा हॉल में तर्क ले जाएं। क्योंकि प्रारंभिक परीक्षा अधिक से अधिक व्यक्तिपरक होती जा रही है और इसके लिए तर्क मदद करेगा।
UPSC Success Story: यूपीएससी के उम्मीदवारों को दी टिप्स
इशिता को जब यूपीएससी के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा की टिप्स देने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, “सबसे पहले आत्मविश्वासी बनें। सकारात्मक लोगों के बीच रहें और आश्वस्त रहें कि आपने जो परीक्षा की तैयारी की है, आप उसे पास कर लेंगे। अपने साथ परीक्षा हॉल में तर्क ले जाएं। क्योंकि प्रारंभिक परीक्षा अधिक से अधिक व्यक्तिपरक होती जा रही है और इसके लिए तर्क मदद करेगा।
UPSC Success Story: माता-पिता को देखकर हुई देश सेवा की इच्छा
इशिता ने कहा कि उनके अंदर अपने माता-पिता को पुलिस अधिकारी के रूप में अपने काम से संतुष्ट देखकर और देश की सेवा करने की लगन से उन्हें आईएएस अधिकारी बनने की इच्छा हुई। टॉपर ने कहा, वे मेरी प्रेरणा रहे हैं, जिन्होंने मुझे यह भी महसूस कराया कि देश की सेवा करने के लिए सिविल सेवा मेरे लिए सबसे प्रभावी मंच होगा। इशिता ने कहा कि उसके सपने को साकार करने के लिए, उनके माता-पिता ने उन्हें वह सभी समर्थन और संसाधन दिए, जो उसे खुद परीक्षा की तैयारी के लिए चाहिए थे।
UPSC Success Story: महिला और बच्चों के सशक्तिकरण पर काम करना लक्ष्य
इशिता का लक्ष्य आईएएस अधिकारी के रूप में महिला और बच्चों के सशक्तिकरण के लिए काम करना है। उन्होंने कहा, 'अगर किसी देश में महिलाओं का विकास होगा तभी देश का विकास हो सकता है। इस साल यूपीएससी की शीर्ष 10 उम्मीदवार महिलाएं हैं, और इससे मुझे सकारात्मक बदलाव की और उम्मीद है।
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