{"_id":"57443b2a4f1c1b2f2d6908e5","slug":"daughter-of-a-poor-priest-started-earning-rs-2-lakhs-a-month","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कभी थे खाने-पीने के लाले, अब महीने में लाखों कमाती है ये लड़की","category":{"title":"Success Stories","title_hn":"सफलताएं","slug":"success-stories"}}
कभी थे खाने-पीने के लाले, अब महीने में लाखों कमाती है ये लड़की
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 25 May 2016 08:33 AM IST
विज्ञापन
नंदिनी
- फोटो : her.yourstory.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कहते हैं कि अगर परिवार और अच्छे दोस्तों का साथ मिले तो इंसान हर बड़ी परेशानी से अपने आपको दूर करने में सफल हो जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ बंगलूरु की नंदिनी के साथ। नंदिनी ने हौसला रखा और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे अपने परिवार को संभाला। 33 वर्षीय नंदिनी ने उबर के साथ अपने आपको जोड़ा और 'उबर दोस्त' की एक अहम सदस्य बन गई। आज वह हर महीने करीब 2 लाख रुपये कमाती है।
बंगलूरु के एक गांव में रहने वाली नंदिनी डॉक्टर बनना चाहती थी पर उसके पिता उस गांव के पुजारी थे। उनकी इतनी आय नहीं थी कि वो अपनी बेटी को डॉक्टर बना सके। नंदिनी के 12 वी पास करते ही उसकी शादी करवा दी गई। बड़े-बड़े सपने देखने वाली नंदिनी हाउसवाइफ बनकर खुश नहीं थी। इसलिए उसने अपने परिवार की आर्थिक समस्याओं को दूर करने के लिए तरह-तरह के काम करने शुरू किए। नंदिनी के पति भी उसके पिता की तरह एक पुजारी हैं।
विज्ञापन
बंगलूरु के एक गांव में रहने वाली नंदिनी डॉक्टर बनना चाहती थी पर उसके पिता उस गांव के पुजारी थे। उनकी इतनी आय नहीं थी कि वो अपनी बेटी को डॉक्टर बना सके। नंदिनी के 12 वी पास करते ही उसकी शादी करवा दी गई। बड़े-बड़े सपने देखने वाली नंदिनी हाउसवाइफ बनकर खुश नहीं थी। इसलिए उसने अपने परिवार की आर्थिक समस्याओं को दूर करने के लिए तरह-तरह के काम करने शुरू किए। नंदिनी के पति भी उसके पिता की तरह एक पुजारी हैं।
विज्ञापन
उबर ड्राइवरों के साथ नंदिनी
- फोटो : her.yourstory.com
नंदिनी के पिता की मौत के बाद उसके परिवार के जिम्मेदारी भी उसी के कंधे पर आ गिरी। नंदिनी ने ऋण में दबे अपने परिवार को बाहर निकालने के लिए अपने गहनों को गिरवी रखकर एक टोयोटा इटिओस खरीदा और उसे उबर के लिए किराए पर दे दिया। 2015 में नंदिनी को उबर दोस्त प्लेटफॉर्म के बारे में पता चला। इस प्लेटफॉर्म में 'उबर दोस्त' ऐप को डाउनलोड करना पड़ता है और ड्राइवर पहुंचाने पड़ते हैं।
नंदिनी ने शहर में जगह-जगह, उबर में ड्राइवरों की जरूरत के पोस्टर लगाए और फिर जल्द ही ड्राइवरों की सप्लाई करना शुरू कर दिया। अब तक नंदिनी उबर को 600 ड्राइवर मुहैया करा चुकी है। आर्थिक तंगी से गुजरने वाली नंदिनी आज महीने में 2 लाख रुपये से ज्यादा की आय कर लेती है। उसे गर्व है कि उसने एक अच्छी बेटी की तरह अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाली है। नंदिनी का कहना है कि उसकी अपनी 7 साल की बेटी भी उसके इस प्रयास से बहुत खुश है। वह बड़ी होकर एस्ट्रोनॉट बनना चाहती है और नंदिनी उसके सपने जरूर पूरे करेगी।
नंदिनी ने शहर में जगह-जगह, उबर में ड्राइवरों की जरूरत के पोस्टर लगाए और फिर जल्द ही ड्राइवरों की सप्लाई करना शुरू कर दिया। अब तक नंदिनी उबर को 600 ड्राइवर मुहैया करा चुकी है। आर्थिक तंगी से गुजरने वाली नंदिनी आज महीने में 2 लाख रुपये से ज्यादा की आय कर लेती है। उसे गर्व है कि उसने एक अच्छी बेटी की तरह अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाली है। नंदिनी का कहना है कि उसकी अपनी 7 साल की बेटी भी उसके इस प्रयास से बहुत खुश है। वह बड़ी होकर एस्ट्रोनॉट बनना चाहती है और नंदिनी उसके सपने जरूर पूरे करेगी।
कमेंट
कमेंट X