फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Success Stories ›   acis attack girl make stall in trade fair

तेजाब पीड़िता का ये हौंसला दंग कर देगा आपको

Mon, 24 Nov 2014 12:38 PM IST
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला Updated Mon, 24 Nov 2014 12:38 PM IST
विज्ञापन
acis attack girl make stall in trade fair
दो साल पहले जब तेजाब ने कविता के चेहरे से खुशियां छीनीं, तब उसे अंदाजा भी नहीं था कि एक दिन वह अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले तक पहुंचेगी। सर्जरी से लेकर अदालती कार्यवाही में उलझे उसके जीवन से परिवार ने भी नाता तोड़ लिया। ऐसे समय में किराए की छत के नीचे कविता ने अपने अंदर छिपे हुनर को निखारा। आज वह दिल्ली के प्रगति मैदान में गेट नंबर-7 के प्रवेश द्वार से थोड़ा आगे अपने स्टॉल ‘के-11’ में आत्मनिर्भर बनकर खड़ी है।
विज्ञापन

कविता के स्टॉल में क्विलिंग पेपर से बनीं आकर्षक ईयर रिंग्स और हेयर बैंड हैं। खास बात यह है कि उसने वीडियो देखकर ही इन्हें बनाना सीखा।

परिवार ने भी छोड़ दिया था साथ
कविता ने बताया, ‘17 जून 2012 को लखनऊ में हुए तेजाब हमले के बाद जिंदगी एकदम बदल गई। शुरुआत में परिवार ने इलाज करवाया, लेकिन जब मैंने आरोपी के खिलाफ केस का मन बनाया तो पापा पीछे हट गए। घर से निकाल देने की धमकी दी। तब दोस्त की मदद से कमरा किराए पर लिया और नए सिरे से जिंदगी शुरू की। करीब एक साल तक कविता अस्पताल और अदालत के चक्कर ही लगाती रही। जमा किए पैसे खत्म हो गए।
विज्ञापन


मदद को बढ़े हाथ
संकट के इस समय में कविता बंगलूरू की रहने वाली प्रज्ञा के संपर्क में आई। तेजाब पीड़िताओं की मदद करने वाली प्रज्ञा ने कविता को एक सीडी दी। उसमें क्विलिंग पेपर ज्वैलरी डिजाइन करने के वीडियो थे। इसे देखकर कविता ने ज्वैलरी बनाना सीख लिया। शुरुआत यूपी के बाराबंकी में नगर पालिका के मेले में स्टॉल लगाकर की। कविता ने बताया, ‘इस व्यापार मेले के जरिए अब तक करीब छह हजार रुपए की आमदनी हो चुकी है। आगे लखनऊ महोत्सव में जाना है।’
विज्ञापन
विज्ञापन


आप भी बढ़ाएं मदद का हाथ
जिनकी जिंदगी तेजाब-हमले के कारण पटरी से उतर गई, ऐसी कहानियां और भी हैं। अमर उजाला फाउंडेशन ने ऐसी महिलाओं के सशक्तीकरण की पहल शुरू की है। इसके लिए पांच लाख रुपये से अमर उजाला फाउंडेशन एसिड विक्टिम एम्पावरमेंट फंड बनाया है। आप भी इस मुहिम से जुड़ें। अगर आप किसी तेजाब पीड़ित को जानते हैं जिसे सहायता की जरूरत है, तो हमें बताएं। आप तेजाब पीड़ितों की मदद करना चाहें, तो - Amar Ujala Foundation या Acid Victim Empowerment Fund के नाम से चेक दे सकते हैं। हमारा पता है - Amar Ujala Foundation, C21/22, Sector 59, Noida - 201301। सहयोग राशि पर 80G के तहत टैक्स में छूट मिलेगी। संपर्क - मानस प्रकाश, 0120 - 4694250.
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed