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अध्ययन में खुलासा: पाकिस्तान के सरकारी और निजी स्कूलों में 90 फीसदी विद्यार्थी गणित और विज्ञान में कमजोर
Fri, 21 Jan 2022 09:46 PM IST
सुभाष कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुभाष कुमार
Updated Fri, 21 Jan 2022 09:46 PM IST
सार
अध्ययन के तहत देश के 78 सरकारी और 75 निजी विद्यालयों के कक्षा पांच, छह और आठ के 15000 से ज्यादा विद्यार्थियों को शामिल किया गया था।
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विस्तार
प्राथमिक और निम्न माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 90 फीसदी से ज्यादा पाकिस्तानी विद्यार्थी गणित और विज्ञान में कमजोर हैं। उनमें इन विषयों की मूल समझ भी नहीं है। आगा खान विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल डेवलपमेंट के देशभर में किए गए एक अध्ययन में यह खुलासा किया गया है।
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78 सरकारी और 75 निजी स्कूलों में किए गए शोध
न्यूज इंटरनेशन में प्रकाशित खबर के मुताबिक, 50 में से केवल एक विद्यार्थी ही शब्दों को अंकों में लिख पाया। अध्ययन के तहत देश के 78 सरकारी और 75 निजी विद्यालयों के कक्षा पांच, छह और आठ के 15000 से ज्यादा विद्यार्थियों को शामिल किया गया था। पाकिस्तान के उच्च शिक्षा आयोग की ओर से वित्त पोषित इस अध्ययन में पता चला कि गणित में विद्यार्थियों का औसत स्कोर 100 में से 27 और विज्ञान में 100 में से 34 रहा। अन्य विषयों में केवल एक फीसदी विद्यार्थियों के ही 80 फीसदी से ज्यादा अंक आए। इसमें भी सरकारी विद्यालयों के मुकाबले निजी का प्रदर्शन कहीं बेहतर था। हालांकि, इनमें भी विद्यार्थी 40 से ज्यादा अंक हासिल नहीं कर पाए।
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शिक्षा पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत
पंजाब में औसत देश के अन्य इलाकों से बेहतर रहा, लेकिन यहां भी यह 40 अंक से ऊपर नहीं पहुंचा। दस में से केवल एक विद्यार्थी ही समझ पाया कि व्यायाम के समय दिल की धड़कन बढ़ जाती है। इनमें से 80 फीसदी विद्यार्थियों के माता-पिता भी हाईस्कूल या उससे कम पढ़े हुए थे। अध्ययन में शामिल रही सहायक प्रोफेसर नुसरत फातमा रिजवी ने कहा कि नीति निर्माताओं को देश में विज्ञान और गणित की शिक्षा पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।
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