फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   stop online classes of private schools in Gujarat know more details

गुजरात में निजी स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाओं को किया निलंबित

Thu, 23 Jul 2020 03:59 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Thu, 23 Jul 2020 03:59 PM IST
विज्ञापन
stop online classes of private schools in Gujarat know more details
Online Class - फोटो : Pexels

गुजरात में निजी स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाओं को निलंबित कर दिया है। राज्य सरकार के एक आदेश के बाद, उन्होंने कहा कि जब तक स्कूल फिर से नहीं खुलते, तब तक वे छात्रों से फीस नहीं लेंगे। पिछले हफ्ते गुजरात  सरकार ने फीस को लेकर एक अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना में, गुजरात सरकार ने राज्य में निजि स्कूलों को निर्देश दिया कि जब तक वे COVID-19 महामारी के मद्देनजर बंद हैं तब तक छात्रों से ट्यूशन फीस एकत्र न करें। इसके अलावा इन स्कूलों से शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए फीस में बढ़ोतरी नहीं करने को भी कहा। बता दें कि गुजरात के लगभग 15,000 स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाले संघ ने ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया, इस महीने की शुरुआत में छात्रों के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था शुरू हुई था। लेकिन गुजरात सरकार के फैसले से नाखुश इन स्कूलों में से अधिकांश ने बुधवार रात एसएमएस के माध्यम से माता-पिता को सूचित किया कि गुरुवार से कोई ऑनलाइन कक्षाएं नहीं होंगी।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें- अगले दो दिनों में सुप्रीम कोर्ट छात्रों की याचिका पर करेगा सुनवाई, अंतिम वर्ष की परीक्षाओं पर फैसला जल्द
विज्ञापन


स्कूल प्रबंधन संघ के प्रवक्ता दीपक राजगुरु ने गुरुवार को कहा कि राज्य के लगभग सभी निजि स्कूल ऑनलाइन शिक्षा नहीं दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार का मानना है कि ऑनलाइन शिक्षा वास्तविक शिक्षा नहीं है तो हम छात्रों को ऐसी अवास्तविक शिक्षा प्रदान नहीं कर पाएंगे। ऑनलाइन शिक्षा तब तक निलंबित रहेगी जब तक सरकार उस अधिसूचना को वापस नहीं लेती है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाएगी। प्रमुख शिक्षाविद और एसोसिएशन के सदस्य जतिन भारद ने कहा कि वर्तमान में ऑनलाइन शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- जेईई-नीट परीक्षा के तारीख की घोषणा तो हो गई पर छात्रों की चिंता नहीं हो रहीं कम

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed