2022 में बीटेक कम्प्यूटर साइंस, बीसीए, बीबीए, बीकॉम के 100 फीसदी स्टूडेंट्स को मिला जॉब प्लेसमेंट
विश्वविद्यालय के नियम व शर्तों के मुताबिक कोविड काल में अनाथ हुए बच्चों को उनकी अकादमिक योग्यता के आधार पर विश्वविद्यालय में संचालित कोर्स की निशुल्क शिक्षा दी गई व आगामी सत्र में भी यह योजना लागू रहेगी।
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कोरोना काल में भी एसआरएचयू का विशेष फोकस रहा कि उनके सभी छात्र-छात्राओं को अच्छी कंपनियों में प्लेसमेंट मिले, जबकि इस दौरान दुनियाभर में करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए थे। प्लेसमेंट और पैकेज के मामले में एसआरएचयू जॉलीग्रांट ने उत्तराखंड के कई नामी शिक्षण संस्थानों को भी पीछे छोड़ा। कोरोना काल में विश्विविद्यालय की तमाम शैक्षणिक गतिविधियां ऑनलाइन मोड में संचालित हो रही थी। इस कारण प्लेसमेंट सेल की ओर से भी ऑनलाइन मोड में ही छात्र-छात्राओं की तैयारियां करवाई गईं। इसमें मॉक इंटरव्यू, मॉक ग्रुप डिस्कसन, कॉरपोरेट लेक्चर आदि विभिन्न गतिविधियां शामिल रहीं। नतीजा यह रहा कि कोरोना काल में भी एसआरएचयू जॉलीग्रांट के अधिकतम छात्र-छात्राओं का प्रतिष्ठित कंपनियों में प्लेसमेंट हो गया।
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