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संस्कृति यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने किया फॉरेंसिक लैब का दौरा
Thu, 24 Jan 2019 06:23 PM IST
Garima Garg
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Published by: Garima Garg
Updated Thu, 24 Jan 2019 06:23 PM IST
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संस्कृति यूनिवर्सिटी
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मथुरा। संस्कृति यूनिवर्सिटी के बीएससी (फॉरेंसिक साइंस) के छात्रों ने भरतपुर स्थित रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री का दौरा किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को लैबोरेट्री के चारों डिविजन- फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी, फॉरेंसिक बायोलॉजी, फॉरेंसिक सीरोलॉजी और फॉरेंसिक फिजिक्स को करीब से देखने का अवसर मिला। छात्र-छात्राएं ने इस दौरान लैबोरेट्री की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जाना और समझा।
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किसी भी फॉरेंसिक लैबोरेट्री में सबसे अहम काम होता है- नमूनों की जांच करना। उदाहरण के तौर पर पोस्टमॉर्टम के बाद भी कुछ नमूने रखे जाते हैं, जैसे- विसरा संभाल कर रखा जाता है, उसका विश्लेषण होता है। उदाहरण के तौर पर कोई जहर दिए जाने की वारदात हुई है तो उसमें सामान रखने के कंटेनर्स को भी लिया जाता है। पीड़ित से गैस्ट्रिक लावास नाम का एक नमूना लिया जाता है और इन सभी का रासायनिक विश्लेषण किया जाता है। पुलिस अधिकारी कई नमूने लैबोरेट्री में भेजते हैं, जिनकी जांच और विश्लेषण दोनों लैबोरेट्री में किया जाता है।
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लैबोरेट्री में छात्र-छात्राओं ने नमूनों के विश्लेषण और उनकी जांच दोनों को करीब से देखा। लैब में विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को अलग-अलग प्रकार के जहर की पहचान और विश्लेषण की प्रक्रिया के बारे
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में विस्तार से समझाया। उन्हें यह भी बताया गया कि लैब में जो विसरा पैकेज भेजा गया है, उसी सही ढंग संरक्षित किया गया या नहीं। बायोलॉजिकल और सीरोलॉजिकल जांच में बेहद छोटे-छोटे तरीकों के
प्रयोग भी छात्र-छात्राओं को समझाए गए।
लैब में विभिन्न विशेषज्ञों के साथ स्टूडेंट्स ने खुलकर बात की और सवाल पूछे। काफी देर तक चले सेशन के बाद स्टूडेंट्स ने शानदार लंच किया। लैब के दौरे पर स्टूडेंट्स के साथ रहे प्रोफेसर ओपी जसूजा। स्टूडेंट्स के इस दौरे पर संस्कृति यूनिवर्सिटी के चांसलर सचिन गुप्ता ने काफी खुशी का इजहार किया।
प्रो चांसलर राजेश गुप्ता ने कहा कि छात्रों को इस विजिट के दौरान प्रैक्टिकल प्रोसेस को समझने का शानदार अवसर प्राप्त हुआ। 11 फरवरी को संस्कृति यूनिवर्सिटी में फॉरेंसिक सांइस के छात्रों के लिए सेमिनार संस्कृति यूनिवर्सिटी के फॉरेसिंक साइंस डिपार्टमेंट में छात्र-छात्राओं के लिए लगातार ऐसे अवसर प्रदान किए जाते हैं, जिससे वे बेहतर ढंग चीजों को समझ सकें। इसी क्रम में 11 फरवरी 2019 को कैंपस में सेमिनार का आयोजन भी कराया जा रहा है।
सेमिनार में अलग-अलग यूनिवर्सिटीज के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। जॉन आर वेंडरकॉल्क सेमिनार के चीफ गेस्ट और चीफ स्पीकर होंगे। उन्होंने फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी कई ट्रेनिंग वर्कशॉप कराई हैं और लेक्चर भी दिए हैं। वह इस क्षेत्र पर शानदार पकड़ रखते हैं, जिससे छात्रों को काफी लाभ मिलेगा।
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