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संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्रों ने किया इंडस्ट्रियल टूर
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Updated Mon, 12 Nov 2018 05:57 PM IST
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sanskriti university
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संस्कृति यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के 50 छात्रों को स्पार्क मिंडा कॉर्पोरेशन (नोएडा) में इंडस्ट्रियल टूर पर भेजा गया। स्पार्क मिंडा इजीनिरिंग के क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी है, इस टूर के दौरान छात्रों को टेक्निकल नॉलेज के साथ ही प्रैक्टिकल नॉलेज भी प्राप्त हुई। स्पार्क मिंडा कई प्रकार के कॉम्पोनेंट तैयार करती है। टूर के दौरान छात्रों ने कच्चे माल से कल-पुर्जे तैयार होने से लेकर उन्हें असेंबल करने तक की पूरी प्रक्रिया को समझा को करीब से देखा।
मैकेनिकल डिपार्टमेंट के हेड विंसेंट बालू के निर्देशन में छात्रों के दल के साथ असिस्टेंट प्रोफेसर धर्मेन्द्र सिंह, रोहिणी अग्रवाल भी स्पार्क मिंडा के टूर पर गए। कंपनी के प्रतिनिधि एसके यादव ने विस्तारपूर्वक छात्रों को पूरी जानकारी दी। उन्होंने कच्चे माल को रखने के स्थान से लेकर उससे पुर्जे तैयार करने के लिए जरूरी डाई निर्माण की प्रक्रिया को समझाया। तैयार डाई से सेंसर तकनीक वाले पुर्जे तैयार करने की जटिल प्रक्रिया छात्रों को बड़े ही सरल तरीके से समझाई गई।
एसके यादव ने छात्रों को महिंद्रा, ऑडी जैसी कंपनियों के लिए तैयार किए जाने वाले विभिन्न कारों के लिए तैयार हो रहे स्पीडोमीटर सेंसर आदि के तैयार होने की तकनीक को विस्तार से समझाया। क्वालिटी चेक, डाई स्टोरेज फिनिशिंग आदि की जानकारी भी छात्रों को दी गई, जिसके बारे में जानने में वे काफी उत्सुक दिखे। विश्वविद्यालय के उपकुलाधिपति राजेश गुप्ता ने कहा कि छात्र देखकर तथा प्रयोग करके बहुत जल्दी सीखते हैं। यही कारण है कि यूनिवर्सिटी के छात्रों को इंडस्ट्रियल टूर पर भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तकनीकी क्षेत्र वाले छात्रों के लिए और ज्यादा इंडस्ट्रियल टूर कराए जाएंगे, जिससे कि वे बेहतर ढंग से ज्ञान अर्जित कर सकें। उन्होंने कहा कि संस्कृति यूनिवर्सिटी छात्रों के भविष्य निर्माण की दिशा में सतत प्रयासरत है।
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मैकेनिकल डिपार्टमेंट के हेड विंसेंट बालू के निर्देशन में छात्रों के दल के साथ असिस्टेंट प्रोफेसर धर्मेन्द्र सिंह, रोहिणी अग्रवाल भी स्पार्क मिंडा के टूर पर गए। कंपनी के प्रतिनिधि एसके यादव ने विस्तारपूर्वक छात्रों को पूरी जानकारी दी। उन्होंने कच्चे माल को रखने के स्थान से लेकर उससे पुर्जे तैयार करने के लिए जरूरी डाई निर्माण की प्रक्रिया को समझाया। तैयार डाई से सेंसर तकनीक वाले पुर्जे तैयार करने की जटिल प्रक्रिया छात्रों को बड़े ही सरल तरीके से समझाई गई।
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एसके यादव ने छात्रों को महिंद्रा, ऑडी जैसी कंपनियों के लिए तैयार किए जाने वाले विभिन्न कारों के लिए तैयार हो रहे स्पीडोमीटर सेंसर आदि के तैयार होने की तकनीक को विस्तार से समझाया। क्वालिटी चेक, डाई स्टोरेज फिनिशिंग आदि की जानकारी भी छात्रों को दी गई, जिसके बारे में जानने में वे काफी उत्सुक दिखे। विश्वविद्यालय के उपकुलाधिपति राजेश गुप्ता ने कहा कि छात्र देखकर तथा प्रयोग करके बहुत जल्दी सीखते हैं। यही कारण है कि यूनिवर्सिटी के छात्रों को इंडस्ट्रियल टूर पर भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तकनीकी क्षेत्र वाले छात्रों के लिए और ज्यादा इंडस्ट्रियल टूर कराए जाएंगे, जिससे कि वे बेहतर ढंग से ज्ञान अर्जित कर सकें। उन्होंने कहा कि संस्कृति यूनिवर्सिटी छात्रों के भविष्य निर्माण की दिशा में सतत प्रयासरत है।
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