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सिविल सेवा पास करनी है तो IAS अफसरों से सीखें गुर
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला
Updated Mon, 17 Nov 2014 12:33 PM IST
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले छात्र किस तरह अपनी कार्ययोजना बनाएं। विषय का चुनाव कैसे करें। तैयारी करते समय किन बातों का ध्यान रखें। इससे रूबरू कराने के लिए रविवार को मुखर्जी नगर में लेक्सिस नेक्सिस की ओर से गेटवे टू सिविल सर्विसेज 2015 पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें 200 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर सलिल बिजुर असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स, महिमा वशिष्ठ असिस्टेंट डायरेक्टर प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो समेत अलग-अलग कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षकों ने छात्रों को इसकी जानकारी दी।
परीक्षा को बनाएं जीवन का उद्देश्य
इस अवसर पर सलिल बिजुर ने छात्रों को बताया कि छात्र यूपीएससी परीक्षा को जीवन का एकमात्र उद्देश्य न बनाएं। किसी भी परीक्षा को पास करने के लिए उसमें रुचि होना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दूसरे वक्ता महिमा वशिष्ठ ने कहा कि हमारे समाज में आईएएस परीक्षा को बहुत ही अलग नजरिये से विवेचित किया जाता है।
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सफलता के बाद छात्रों की जीवन शैली बदल जाती है। मगर इसकी तैयारी करने से पहले तैयारी की प्रक्रिया को समझना जरूरी होता है।
किताबें और समाचार पत्र भी हैं अच्छे सहायक
वहां मौजूद फैकल्टी शुभ्रा रंजन ने छात्रों से कहा कि यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के पहले पाठ्यक्रम को समझना जरूरी है। यूपीएससी एग्जाम का पाठ्यक्रम बहुत बड़ा होता है, जिसकी तैयारी के लिए किताबें और समाचार पत्र भी छात्रों को तैयारी करने में अच्छी भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का मॉडल एक इकाई के अनुरूप बनाया जाता है। जो कि देश के किसी भी स्थान से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए समान होता है।
हर साल 7 से 9 लाख छात्र देते हैं एक्जाम
लेक्सिस नेक्सिस के मार्केटिंग डायरेक्टर विकेश ध्यानि ने कहा कि हमारे देश में हर वर्ष लगभग 7 से 9 लाख छात्र इस सिविल सर्विसेज की परीक्षा में भाग लेते हैं। इसके आयोजन से हम छात्रों को उनके साथ होने परेशानियों को हल करने की कोशिश कर रहे है।
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इस मौके पर सलिल बिजुर असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स, महिमा वशिष्ठ असिस्टेंट डायरेक्टर प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो समेत अलग-अलग कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षकों ने छात्रों को इसकी जानकारी दी।
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परीक्षा को बनाएं जीवन का उद्देश्य
इस अवसर पर सलिल बिजुर ने छात्रों को बताया कि छात्र यूपीएससी परीक्षा को जीवन का एकमात्र उद्देश्य न बनाएं। किसी भी परीक्षा को पास करने के लिए उसमें रुचि होना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दूसरे वक्ता महिमा वशिष्ठ ने कहा कि हमारे समाज में आईएएस परीक्षा को बहुत ही अलग नजरिये से विवेचित किया जाता है।
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सफलता के बाद छात्रों की जीवन शैली बदल जाती है। मगर इसकी तैयारी करने से पहले तैयारी की प्रक्रिया को समझना जरूरी होता है।
किताबें और समाचार पत्र भी हैं अच्छे सहायक
वहां मौजूद फैकल्टी शुभ्रा रंजन ने छात्रों से कहा कि यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के पहले पाठ्यक्रम को समझना जरूरी है। यूपीएससी एग्जाम का पाठ्यक्रम बहुत बड़ा होता है, जिसकी तैयारी के लिए किताबें और समाचार पत्र भी छात्रों को तैयारी करने में अच्छी भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का मॉडल एक इकाई के अनुरूप बनाया जाता है। जो कि देश के किसी भी स्थान से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए समान होता है।
हर साल 7 से 9 लाख छात्र देते हैं एक्जाम
लेक्सिस नेक्सिस के मार्केटिंग डायरेक्टर विकेश ध्यानि ने कहा कि हमारे देश में हर वर्ष लगभग 7 से 9 लाख छात्र इस सिविल सर्विसेज की परीक्षा में भाग लेते हैं। इसके आयोजन से हम छात्रों को उनके साथ होने परेशानियों को हल करने की कोशिश कर रहे है।
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