उद्योगपति थापर-नंदा समेत सभी 16 को जिला अदालत से भी बेल नहीं
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उद्योगपति समीर थापर-जयंत नंदा और उनके साथियों को बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से भी राहत नहीं मिल पाई। जिला जज ने उनकी जमानत याचिका को एडीजे कोर्ट कोटद्वार के लिए स्थानांतरित कर दिया है। मामले में अब अगली सुनवाई की तिथि छह जनवरी नियत की गई है।
बचाव पक्ष ने एसीजेएम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई थी। जमानत नहीं मिलने से फिलहाल सभी आरोपी पौड़ी जेल में ही रहेंगे।
बता दें नए साल पर लैंसडौन वन प्रभाग के रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में जश्न मनाने पर उद्योगपति समीर थापर-जयंत नंदा समेत 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि बचाव पक्ष ने बुधवार को इनमें से आरिफ को छोड़कर शेष 15 आरोपियों की जमानत अर्जी जिला सत्र न्यायाधीश कंवर सेन की अदालत में लगाई।
छह जनवरी को होगी अगली सुनवाई
जिला जज ने जमानत अर्जी अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कोटद्वार के लिए स्थानांतरित कर दी है। अब बचाव पक्ष छह जनवरी को जमानत याचिका दाखिल करेगा।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र सिंह, रोहिताज सिंह, अंकिता आहूजा और स्थानीय अधिवक्ता अरविंद वर्मा, प्रवेश रावत ने जमानत प्रार्थना-पत्र दाखिल किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता राजेंद्र सिंह का कहना है कि उनके मुवक्किलों को जिला फॉरेस्ट ऑफिसर ने जंगल में जाने और रेस्ट हाउस में ठहरने का पास दिया था।
अनुमति देते वक्त उन्हें गलत क्यों नहीं लगा। पुलिस की ओर से आठ वाहनों को ले जाने का परमिट दिया गया था, बावजूद उनके वाहन पुलिस कस्टडी में हैं।
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