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जियो इंस्टीट्यूट: नीता अंबानी का बड़ा एलान, स्थापना से पहले इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा, जानें क्यों

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: वर्तिका तोलानी Updated Thu, 24 Jun 2021 03:18 PM IST

सार

जियो इंस्टीट्यूट इस वर्ष नवी मुंबई में अकादमिक सत्र की शुरुआत करेगा। - नीता अंबानी
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नीता अंबानी
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विस्तार

रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष नीता अंबानी ने 24 जून को रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) की 44वीं वार्षिक बैठक (एजीएम) में कहा कि जियो इंस्टीट्यूट इस वर्ष नवी मुंबई में अकादमिक सत्र की शुरुआत करेगा।

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2018 में मिला था इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा
बता दें कि रिलायंस फाउंडेशन के तहत स्थापित जियो संस्थान को 2018 में 'ग्रीनफील्ड' श्रेणी के तहत इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस (IoE) का दर्जा दिया गया था। यह दर्जा उन नए या प्रस्तावित संस्थानों के लिए था जो अभी अस्तित्व में नहीं आए हैं।

2016 के बजट में हुआ था इस बात का जिक्र
गौरतलब है कि दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने 2016 के बजट भाषण में यहा घोषणा की थी कि सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों को विश्वस्तरीय शिक्षण और अनुसंधान संस्थान बनने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध होगी। विश्व स्तरीय शिक्षण और अनुसंधान संस्थानों के रूप में उभरने के लिए दस सार्वजनिक और दस निजी संस्थानों को एक आर्किटेक्चर प्रदान किया जाएगा।

इन आधार पर किया गया चयन
इस योजना के तहत 20 संस्थानों (सार्वजनिक क्षेत्र से 10 और निजी क्षेत्र से 10) को विश्व स्तरीय शिक्षण और अनुसंधान संस्थानों के रूप में 'प्रतिष्ठित संस्थान' को स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी गई थी। संस्थानों को आईओई के रूप में चुनने के लिए, एक एमपावर्ड एक्सपर्ट कमेटी (ईईई) की स्थापना की गई। ईईसी ने भूमि की उपलब्धता, कोर क्वालिफाइड टीम, संस्थान के लिए फंडिंग आदि के आधार पर 11 संस्थानों का चयन किया। इन 11 संस्थानों में एक संस्थान जियो भी था। 

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