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Melbourne: 'छात्र ऋण घटाना सरकार की पहली प्राथमिकता', ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एल्बानीज का ऐलान

Fri, 09 May 2025 03:35 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 09 May 2025 03:35 PM IST
सार

Melbourne: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी एल्बानीज ने घोषणा की है कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता छात्र ऋण को 20% तक कम करना है, जिससे युवा पीढ़ी को राहत मिलेगी। नई कैबिनेट में मुस्लिम और यहूदी मंत्रियों को बाहर करने पर आलोचना हो रही है।
 

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Reducing student debt is the first priority of the government, Australian Prime Minister Albanese announced
एंथनी अल्बनीज - फोटो : ANI

विस्तार

Melbourne: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी एल्बानीज ने शुक्रवार को संसद भवन में अपनी सरकार के सहयोगियों से कहा कि छात्र ऋण को कम करना उनकी सरकार की सबसे पहली विधायी प्राथमिकता होगी। गौरतलब है कि उनकी सरकार दोबार बनी है। यह चुनाव ऑस्ट्रेलिया में पहली बार हुआ जिसमें "बेबी बूमर" पीढ़ी की तुलना में युवा मतदाताओं की संख्या अधिक थी।

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एल्बानीज ने 3 मई को अपनी पार्टी की स्पष्ट जीत के बाद पहली बार केंद्र-वामपंथी लेबर पार्टी के सांसदों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जब जुलाई के अंत में संसद दोबारा शुरू होगी, तब छात्र ऋण को 20% तक कम करने का बिल सबसे पहले पेश किया जाएगा।

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युवा पीढ़ी की परेशानियां चुनाव में मुख्य मुद्दा

चुनाव में एक प्रमुख मुद्दा यह था कि बड़ी संख्या में युवा ऑस्ट्रेलियाई, विशेष रूप से वे जो छात्र ऋण से जूझ रहे हैं, बढ़ती रियल एस्टेट कीमतों और नई हाउसिंग निर्माण की कमी के कारण अपना पहला घर नहीं खरीद पा रहे हैं।

एल्बानीज ने कहा, “मुझे लगता है कि यह केवल खुद में ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह हमारे 'पुस्त पीढ़ियों के बीच समानता' (Intergenerational Equity) के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।”

बेबी बूमर आमतौर पर द्वितीय विश्व युद्ध और 1964 के बीच पैदा हुए लोगों को कहा जाता है और अब तक उनकी आवश्यकताएं ही ऑस्ट्रेलियाई चुनावों में केंद्र में रही हैं।

लेबर पार्टी की जीत और महिला भागीदारी

शुक्रवार तक मतगणना जारी थी और लेबर पार्टी 150 सीटों वाली निचली सदन "हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स" में 88 सीटें जीतने की ओर अग्रसर थी। पिछली संसद में पार्टी के पास 78 सीटें थीं। वहीं, विपक्षी रूढ़िवादी गठबंधन को सिर्फ 41 सीटें मिलती दिख रही हैं।

एल्बानीज ने लेबर पार्टी के नवनिर्वाचित सांसदों की विविधता की सराहना करते हुए कहा कि मतगणना पूरी होने के बाद इन सांसदों में कम से कम 57% महिलाएं होंगी। 2021 की जनगणना के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया की आबादी में 50.7% महिलाएं हैं।

उन्होंने कहा, “मैं विभिन्न जातियों, पृष्ठभूमियों, अनुभवों और विश्वासों वाले लोगों को देखता हूं। यह हमारे देश की असली तस्वीर है।”

यहूदी और मुस्लिम मंत्रियों को कैबिनेट से हटाने पर आलोचना

हालांकि, सरकार को इस बात के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है कि उसने मंगलवार को शपथ लेने जा रही नई कैबिनेट में अटॉर्नी जनरल मार्क ड्रेफस (सरकार के सबसे वरिष्ठ यहूदी) और उद्योग एवं विज्ञान मंत्री एड हुसिक (सरकार के सबसे प्रमुख मुस्लिम) को शामिल नहीं किया है।

ड्रेफस के स्टाफर स्टीफन स्पेंसर ने बताया कि यदि ऐसा हुआ तो यह 2010 के बाद पहली ऑस्ट्रेलियाई सरकार होगी जिसमें कोई यहूदी मंत्री नहीं होगा। वर्तमान सरकार में कुल तीन यहूदी सांसद हैं।

कैबिनेट मंत्री पार्टी गुटों (factions) द्वारा तय किए जाते हैं, जिन्हें उनकी संख्या के अनुसार मंत्री पदों का हिस्सा दिया जाता है।

विदेश मंत्री पेनी वोंग, रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस, कोषाध्यक्ष जिम चाल्मर्स और वित्त मंत्री केटी गैलाघर को उनके मौजूदा पदों पर बनाए रखने की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन बाकी मंत्रियों की घोषणा अभी नहीं हुई है।

शुक्रवार की बैठक में लेबर सांसदों ने 30 कैबिनेट और कनिष्ठ मंत्रालय नियुक्तियों को मंजूरी दी। स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने कहा कि जूनियर मंत्री ऐनी अली को अगले सप्ताह कैबिनेट में पदोन्नत किए जाने की उम्मीद है, जिससे एक मुस्लिम महिला हुसिक की जगह लेंगी। उन्होंने कहा, “यह एड और मार्क दोनों के लिए कठिन दिन है।”

मुस्लिम समुदाय की नाराजगी और हस्तक्षेप की मांग

सिडनी के मुस्लिम समुदाय के नेता जमाल रिफी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे हस्तक्षेप करें, ताकि सिडनी के सांसद हुसिक को कैबिनेट में बरकरार रखा जा सके।

रिफी ने कहा, “प्रधानमंत्री को यह सोचने की जरूरत है कि वे उन लोगों को क्या संदेश दे रहे हैं, जिन्होंने दक्षिण-पश्चिमी सिडनी में सरकार को दोबारा चुनवाने के लिए कड़ी मेहनत की।” दक्षिण-पश्चिमी सिडनी में मुस्लिम आबादी काफी बड़ी है। हुसिक, गाजा में हमास के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई के तीव्र आलोचक रहे हैं।

7 अक्तूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर हमले के दो सप्ताह बाद, हुसिक ने कहा था, “मुझे पूरी मजबूती से लगता है कि फिलिस्तीनियों को हमास की बर्बरता के लिए सामूहिक रूप से दंडित किया जा रहा है।”

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