JNU Vice Chancellor: प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित होंगी जेएनयू की नई कुलपति, बनीं पहली महिला वीसी
JNU VC Santishree Dhulipudi Pandit: सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय की प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित को जेएनयू की नई कुलपति नियुक्त किया गया है। वे जेएनयू की पूर्व छात्रा भी रहीं हैं।
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सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय की प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित को जेएनयू की नई कुलपति नियुक्त किया गया है। प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित जेएनयू की पहली महिला कुलपति होंगी। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के वीसी के रूप में प्राेफेसर पंडित का कार्यकाल पांच साल की अवधि का होगा। जेएनयू के विजिटर और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित की बतौर जेएनयू कुलपति नियुक्ति आदेश जारी किए थे। प्रोफेसर पंडित ने अपने अकादमिक कार्यकाल में 29 पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है।
जेएनूय की छात्रा से पहली महिला कुलपति तक का सफर
यह पहली बार है कि देश के इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की कमान किसी महिला वाइस चांसलर के पास होगी। प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित पुणे विश्वविद्यालय में राजनीति एवं लोक प्रशासन विभाग की प्रोफेसर रही हैं। उनके पास व्यापक अनुभव है। वे जेएनयू की पूर्व छात्रा भी रहीं हैं।
प्रेसीडेंसी कॉलेज, मद्रास और कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी से भी की पढ़ाई
प्रोफेसर पंडित ने जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एमफिल और भारतीय संसद एवं विदेश नीति पर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने अमेरिका की नामचीन कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी से सोशल वर्क में डिप्लोमा भी किया है। इसके अलावा इतिहास और सामाजिक मनोविज्ञान में बीए और एमए राजनीति विज्ञान प्रेसीडेंसी कॉलेज, मद्रास से किया है।
गोवा विश्वविद्यालय से की अकादमिक करियर की शुरुआत
प्रोफेसर पंडित ने 1988 में गोवा विश्वविद्यालय से अपने अकादमिक शिक्षण करियर की शुरुआत की और इसके बाद 1993 में वे पुणे विश्वविद्यालय चली गईं। उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक निकायों में प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है। वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) की सदस्य भी रही हैं।
प्रो जगदीश कुमार की लेंगी जगह
जेएनयू के कार्यवाहक कुलपति प्राेफेसर एम जगदीश कुमार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी का चेयरमैन नियुक्त किए जाने के बाद से यह पद रिक्त था। प्रोफेसर कुमार ने अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद से ही कार्यवाहक कुलपति का दायित्व संभाल रहे थे।
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