Presidential Election 2022: 29 हजार मजदूर और 17 साल के समय में बना राष्ट्रपति भवन, जानें इसकी खूबियां
राष्ट्रपति भवन का निर्माण वास्तुकार एडविन लैंडसीयर लुटियंस ने किया था। चार मंजिले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ऑफिस, अतिथि कक्ष, कर्मचारी कक्ष समेत कुल 340 कमरे हैं।
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राष्ट्रपति भवन को प्रेसिडेंसल पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। इस भवन को बनाने में करीब 17 सालों का समय लगा था। इसका निर्माण वर्ष 1912 से शुरू होकर 1929 में समाप्त हुआ था। अनुमान के मुताबिक भवन को बनाने में करीब 29 हजार लोगों ने काम किया था। बता दें कि भारत का राष्ट्रपति भवन दुनिया के कुछ सबसे बड़े सरकारी भवनों में से एक है।
भवन के अंदर 300 से अधिक कमरे
राष्ट्रपति भवन का निर्माण वास्तुकार एडविन लैंडसीयर लुटियंस ने किया था। चार मंजिले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ऑफिस, अतिथि कक्ष, कर्मचारी कक्ष समेत कुल 340 कमरे हैं। यह एक चार मंजिला इमारत है। इसके अलावा दरबार हॉल, ड्राइंग रूम आदि भी है। नॉर्थ ड्राइंग रूम में राष्ट्रपति दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात करते हैं। वहीं, बैंक्विट हॉल में पूर्व राष्ट्रपतियों की तस्वीरें लगी हैं।
राष्ट्रपति भवन का मुख्य गुंबद सांची के बौद्ध स्तूप के समान है। यह राष्ट्रपति भवन को और अधिक आकर्षक बनाता है। भवन की एक खूबी यह भी है कि राष्ट्रपति की कुर्सी के ठीक सीधे में राजपथ के उस पार इंडिया गेट है। इसे इसी तरह डिजाइन किया गया है। भवन के खंभों पर घंटियों की डिजाइन बनी है। वहीं, भवन के मार्बल हॉल में किंग जॉर्ज पंचम और महारानी मेरी की प्रतिमाएं रखी गई हैं। इसके अलावा बेहतरीन किस्म की चित्रकारी भी की गई है।
राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में भगवान बुद्ध की आशीर्वाद की मुद्रा की मूर्ति लगी है। यह चौथी-पांचवी सदी में गुप्त काल के दौर की कारीगरी का नायाब नमूना है।
राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र है। यहां पर ब्रिटिश और मुगल दोनों के उद्यानों की झलक मिलती है। इसे बनाने के लिए एडविन लुटियंस ने पहले देश-दुनिया के उद्यानों का अध्ययन किया था। इस उद्यान में पौधारोपण में करीब एक साल का वक्त लगा था।
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