Constitution Day: राष्ट्रपति मुर्मू ने किया संविधान दिवस समारोह का उद्घाटन, छात्रों के हित में कही ये बात
Constitution Day 2023: राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने दिल्ली में संविधान दिवस के समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले ऐसे छात्रों के लिए अवसर पैदा करने की बात कही, जो न्यायिक सेवा में रुचि रखते हैं और इस क्षेत्र में आना चाहते हैं।
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Constitution Day 2023: राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने दिल्ली में संविधान दिवस के समारोह का उद्घाटन किया। इस दौरान अपने भाषण में भाषण में उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों के विश्वविद्यालयों, आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले ऐसे छात्रों के लिए अवसर पैदा करने की बात कही, जो न्यायिक सेवा में रुचि रखते हैं और इस क्षेत्र में आना चाहते हैं।
अपने भाषण के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "मैं बहुत भाग्यशाली हूं। राष्ट्रपति होने के बाद मुझे बहुत सारे केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों और आईआईएम, आईआईटी जैसे शिक्षण संस्थानों में जाना पड़ता है और यहां पढ़ने वाले बच्चों के साथ बातचीत करने का मौका मिलता है।"
#WATCH | President Droupadi Murmu inaugurates Constitution Day Celebrations, in Delhi
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President Droupadi Murmu says, "I am very fortunate because as President I get to visit central and state universities and IIMs, IITs and interact with children. Today, people around the world… pic.twitter.com/BJnG3p2jDb — ANI (@ANI) November 26, 2023
उन्होंने आगे कहा, "आज, दुनिया भर के लोग भारत को देखने के लिए उत्सुक हैं। कभी-कभी मैं उनसे पूछती हूं कि आप क्या करते हैं" बनना चाहते हैं? कुछ कहते हैं आईएएस, आईपीएस अधिकारी, कुछ कहते हैं न्यायिक अधिकारी... एक अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (All India Judicial Service) हो सकती है और जो लोग न्यायाधीश बनने की इच्छा रखते हैं उन्हें देश भर के प्रतिभा पूल से चुना जा सकता है..."
गुरुपर्व की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू ने दी शुभकामनाएं
वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरु नानक देव जी की जयंती (गुरुपर्व) की पूर्व संध्या पर लोगों को बधाई दी और सभी से समानता, भाईचारे और सद्भाव के लिए खुद को समर्पित करने की अपील की।
रविवार को उन्होंने अपने संदेश में कहा कि प्रथम सिख गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं में समानता और निस्वार्थ सेवा के मूल्यों पर जोर दिया गया है। उनका मानना था कि मानवता की सेवा भगवान की सेवा है। उन्होंने लोगों को प्रेम, शांति और करुणा के मूल्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रपति ने कहा, आइए हम अपने विचार, वाणी और कार्यों में उनकी शिक्षाओं का पालन करें और समानता, भाईचारे और सद्भाव के लिए खुद को समर्पित करें।
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