कार्रवाई : पटना के लाठीबाज एडीएम केके सिंह पर गिरी गाज, तत्काल प्रभाव से किया गया पद मुक्त
Action: राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा के अभ्यर्थियों की कथित रूप से पिटाई करने वाले पटना के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) केके सिंह को पटना के एडीएम कानून व्यवस्था के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
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बिहार की राजधानी पटना में 22 अगस्त को धरना प्रदर्शन के दौरान राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा के अभ्यर्थियों की कथित रूप से पिटाई करने वाले पटना के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) केके सिंह को पटना के एडीएम कानून व्यवस्था के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। बिहार के राज्यपाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कृष्ण कन्हैया सिंह को प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरित करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग, पटना में योगदान एवं सेवाएं देने को निर्देशित किया है।
कुछ ही दिनों पहले पटना में राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा के अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज का मामला सामने आया था। पटना के एडीएम लॉ एंड ऑर्डर केके सिंह ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर खुद भी जमकर लाठी चलाई थी। इसके बाद से ही उन पर कार्रवाई की मांग की जा रही थी। अब इस मामले में एडीएम से जवाब मांगा गया था। पटना के डीएम ने उन्हें पत्र लिख कर इस मामले में एक हफ्ते के भीतर अपना जवाब देने को कहा था।
घायल अभ्यर्थी के हाथों में था तिरंगा, फिर भी न रूके लाठीबाज एडीएम
दरअसल, बीते 22 अगस्त को पटना में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी डाक बंगला चौराहा पर बड़ी संख्या में उम्मीदवार प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने इन अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया। पुलिस के बल प्रयोग में कई अभ्यर्थियों को चोटें भी आईं। इस दौरान पटना के ADM लॉ एंड ऑर्डर कृष्ण कन्हैया प्रसाद सिंह ने भी प्रदर्शनकारियों को जमकर पीटा था। घायल अवस्था में तिरंगा लिए नीचे गिरे एक अभ्यर्थी पर केके सिंह ने लाठी से कई वार किए थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। उसके हाथों में तिरंगा होने के बावजूद भी केके सिंह रूके नहीं और लाठी बरसाते रहे।
घटना पर डीएम ने दी थी सफाई
पूरे मामले पर पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह का भी बयान सामने आया था। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कर रही समिति ने पाया कि जिस छात्र को हिरासत में लिया जा सकता था, उस पर अनावश्यक बल प्रयोग किया गया। राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना सबका उत्तरदायित्व है। समिति ने मामले पर एडीएम से स्पष्टीकरण मांगा था। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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