इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी कॉलेजों में 2.6 लाख सीटें खत्म, 44 की मान्यता रद्द
- 1386 कॉलेजों ने नहीं किया नवीनीकरण आवेदन
- 44 की मान्यता रद्द, 179 छात्रों की कमी से बंद
- सत्र 2020-21 में 30,88,512 सीटों पर दाखिला
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देश के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट सहित अन्य कोर्स में 2,63,244 सीटें खत्म हो गई हैं। छात्रों की कमी के कारण इस साल 179 तकनीकी कॉलेज बंद हुए हैं। जबकि 1386 कॉलेजों ने नवीनीकरण का आवेदन नहीं किया। इसके अलावा मनमानी फीस वसूलने व नियमों की अनदेखी करने पर 44 कॉलेजों की मान्यता रद की गई है।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने इस साल इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी और अन्य प्रोग्राम में स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा के लिए सीट फाइनल करने का काम पूरा कर लिया है। एआईसीटीई शैक्षणिक सत्र 2020-21 में 9691 तकनीकी कॉलेजों में 30,88,512 सीटों पर दाखिला करेगी। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2019-20 में 10,992 कॉलेजों में 32,09,903 सीटों पर दाखिले हुए थे।
164 नए कॉलेजों को मंजूरी
इस साल 164 नए कॉलेज शुरू हो रहे हैं। इससे 39,656 सीट बढ़ेंगी। सबसे अधिक एमबीए की पढ़ाई करवाने वाले 52 कॉलेज खुल रहे हैं। इंजीनियरिंग में 33 नए कॉलेजों में 11,673 सीट बढ़ेंगी। जबकि पीजीडीएम प्रोग्राम में 10,740 सीट की बढ़ोतरी होगी।
कहां कितनी सीटें थीं
- 179 बंद हुए कॉलेजों में 34,553
- 44 मान्यता रद्द वाले कॉलेजों में 8832
- 1386 नवीनीकरण आवेदन न देने कॉलेजों में 1,49,894
- 762 कॉलेज छात्रों की कमी से बंद, इनमें 69,965 सीट
तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सीटों में कटौती
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने सत्ता में आने के बाद इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट कॉलेजों की गुणवत्ता पर काम शुरू किया। इसी के तहत 2016 में पहली बार तकनीकी कॉलेजों पर सख्ती के बाद अब हर साल उन्हें मंजूरी लेनी पड़ती है।
अब नियम का पालन और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई कराने वाले कॉलेजों को ही डिग्री और डिप्लोमा प्रोग्राम चलाने की मंजूरी मिलती है।
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